मुख्य पृष्ठ » XXX कहानी » ड्राईवर ने ज़बरदस्ती की


ड्राईवर ने ज़बरदस्ती की

Posted on:- 2022-07-15


नमस्कार दोस्तों, यह मेरी पहली घटना है जो एक सच्ची कहानी है. मेरा नाम पुलकित है और में रोहिणी में पढ़ती हूँ और मेरा फिगर 34-26-30 है. जब मेरे साथ ये घटना हुई तब में बस 19 साल की थी और तब में कॉलेज में पढ़ती थी और तब भी मेरे बूब्स अच्छे दिखते थे और उनका साईज़ 32 था. में आपको बता दूँ कि मेरा रंग गोरा है और हाईट 5 फुट 6 इंच है. जब ये घटना हुई तब में कॉलेज अपनी कॉलेज वेन से जाया करती थी और में हमेशा वेन में ड्राइवर की पास वाली सीट पर बैठा करती थी. मेरी वेन का ड्राइवर 30 साल का दुबला पतला सा लड़का था. वो हमेशा मुझे टोफ़ी और चॉकलेट दिया करता था. मुझे तब तक उसकी गंदी सोच के बारे में पता नहीं था, क्योंकि में बहुत शरीफ हुआ करती थी, लेकिन जब मेरे बूब्स बड़े हुए तब से उसकी सोच मेरे लिए कुछ और हो गई थी. मेरा घर हमेशा आख़िर में आता था तो वेन में ड्राइवर के साथ में अकेली रह जाती थी और सुबह के वक़्त भी कुछ समय तक में अकेली होती थी.

शुक्रवार की सुबह में कॉलेज जाने के लिए लेट हो गई तो में जल्दी-जल्दी में अपने जूतों के फीते बांधना भूल गई और ऐसे ही वेन में बैठ गई और ड्राइवर ने मुझे स्माइल देकर दरवाज़ा खोला और में वेन में बैठ गई. जब में वेन में बैठी थी तब मेरी स्कर्ट थोड़ी ऊपर हो जाती थी और मेरी जांघे दिखने लग जाती थी. इसके बाद उस दिन भी ऐसा ही हुआ, ड्राइवर ने मेरे जूतों के फीते खुले देखे और बोला पुलकित तुम्हारे जूतों के फीते खुले है इसे बांध लो. इसके बाद मैंने उससे कहा कि में कॉलेज में बाँध लूँगी. लेकिन उसने बोला कि कॉलेज में तुम फीते के कारण गिर जाओगी तो रूको में तुम्हारे फीते बाँध देता हूँ.

यह कहकर उसने अपना एक हाथ मेरी जांघो और चूत पर रखा और झुककर फीते बाँधने लग गया, उसके झुकते ही उसने मुझसे मेरे पैर थोड़े फैलाने को बोला जिससे वो मेरे फीते आराम से बाँध सके. इसके बाद मैंने भी अपने पैर थोड़े फैला दिए, जब मेरे पैर थोड़े से खुले तो ड्राइवर ने इस बात का फायदा उठाकर मेरी टांगो की जगह से मेरी पेंटी देखनी शुरू कर दी और जांघो पर अपना हाथ फैरने लग गया. मुझे यह सब ग़लत लगा तो मैंने उसका हाथ हटा दिया और अपने हाथों का एक साथ ज़ोर दिया ताकि वो मेरी पेंटी से मेरी चूत की फीलिंग ना ले सके, लेकिन वो इसके बाद मेरे फीते बाँधने लग गया. इसके बाद फीते बाँधकर उसने इसके बाद से वेन चलानी शुरू कर दी और इसके बाद बाकी बच्चो के घर से उन्हें लेने लग गया. में बहुत डरी हुई थी तो जब तक कॉलेज ना आया तब तक में वेन की खिड़की से बाहर ही देखती रही और ड्राइवर की तरफ नहीं देखा.

मैं अब तक नहीं समझ पाई कि उसने ऐसा क्यों किया? बस एक गंदी सी भावना आ रही थी. इसके बाद हम कॉलेज पहुंचे और कॉलेज में व्यस्त हो गए. इसके बाद कॉलेज की छुट्टी के बाद में इसके बाद से वेन में जाकर बैठ गई, इसके बाद उसने सबको घर छोड़ दिया अब ड्राइवर और में हमेशा की तरह वेन में केवल में अकेली रह गयी थी, ड्राइवर के मुँह पर अजीब सी हंसी थी. इसके बाद उसने मुझे टोफ़ी दी और मैंने वो रख ली, इसके बाद वो मेरे बाहर देखने का फ़ायदा उठाते हुए उसने वेन लंबे रास्ते से ले ली और जब मैंने उससे पूछा कि ये दूसरे रास्ते से क्यों चल रहे हो?

उसने कहा कि दूसरे रास्ते में ट्रेफिक चल रहा है तो वेन इस रास्ते से ले ली. वो टूटा फूटा रास्ता था तो वेन के झटको से मेरी स्कर्ट इसके बाद से ऊपर हो गई, यह देखते ही ड्राइवर को पता नहीं क्या हुआ? और उसने अपना हाथ मेरी जांघ पर रख दिया और मेरी जांघो को रगड़ने लग गया. इसके बाद मैंने उसका हाथ हटाया तो उसने अपनी हवस वाली मुस्कान देते हुए इसके बाद से अपना हाथ मेरी जाँघो पर रख दिया और रगड़ता हुआ थोड़ा ऊपर भी हाथ फेरने लग गया. मेरी हालत रोने जैसी हो गई थी, क्योंकि उसने मेरी जाँघो को बहुत ज़ोर से पकड़ा हुआ था और में अपने दोनों हाथों से भी उसका हाथ नहीं हटा पा रही थी.

इसके बाद उसने अपना हाथ हटाकर मेरे बूब्स को पकड़ लिया, मेरे बूब्स को उसने ऐसे पकड़ा कि मेरी चीख निकल गई और में चीखी आआआहह माँ. उसने इसके बाद मेरी तरफ देखते हुए पूछा कि क्या में तुम्हारी पेशाब करने वाली जगह चेक कर सकता हूँ? ये सुनकर में रो पड़ी. इसके बाद उसने वेन एक सुनसान इलाक़े में रोक दी और मेरे आंसूओं को मेरी छाती से अपनी ज़ुबान से लिक किया और मेरे होंठो पर स्मूच करनी शुरू कर दी और में अब भी रोये जा रही थी, लेकिन मैंने अपना मुँह बंद रखा हुआ था.

इसके बाद उसने अपने होंठ थोड़े पीछे किए तो इतनी देर से अपने होंठ बंद रखने के कारण मैंने रिलेक्स होने के कारण अपने होंठ थोड़े खोले, तभी झट से ड्राइवर ने मौके का फायदा उठाते हुए अपनी ज़ुबान मेरे मुँह में डाल दी और फ्रेंच किस करनी शुरू कर दी और एक हाथ से मेरे बूब्स दबाने शुरू कर दिए. में मम्मी मम्मी कर रही थी, लेकिन उसने इस बात की परवाह ना करते हुए मेरे मुँह पर हाथ रखकर मुझे अपनी गोद में उठाया और मुझे पीछे की सीट पर लेटा दिया.

इसके बाद मैंने ड्राइवर से मुझे घर छोड़ देने को बोला, लेकिन वो कहने लगा कि तू जब से जवान हुई है तब से में तेरे बारे में सोच कर मुठ मारता हूँ, तो में तुझे कैसे जाने दूँ और चुपचाप हो जा नहीं तो यही जंगल में नंगी छोड़ जाऊंगा. इसके बाद में डर गयी और उसने मेरी शर्ट उतार दी और ब्रा फाड़कर मेरे दोनों बूब्स को दबाया और सीधे बूब्स के निप्पल पर काटना शुरू कर दिया. में दर्द के मारे रो रही थी और मुझे जाने दो की पुकार लगा रही थी, लेकिन उसने मेरी एक ना सुनते हुए मेरी स्कर्ट निकाल फेंकी और पेंटी के ऊपर से मेरी चूत को रगड़ने लग गया, मेरी चूत भी गीली हो गई थी. तब उसने मेरी काली पेंटी को फाड़ दिया.

इसके बाद मेरी चूत को देखकर बोला कि वाह क्या चिकनी चूत है तेरी? अब तैयार हो ज़ा औरत बनने के लिए. तो में डर गई क्योंकि मुझे नहीं पता था कि अब वो क्या करेगा? और में रोये जा रही थी, उसने मेरी चूत पर थप्पड़ मारे और चाटना शुरू कर दिया. इसके बाद उसने अपना लंड जो 7 इंच का था मेरी चूत के छेद पर टिकाया और एक धक्का मारा, लेकिन उसका लंड फिसल कर मेरे पेट पर आ गया.

उसने इसके बाद से लंड टिकाया और मेरी कमर को पकड़ कर ज़ोर से धक्का मारा और मेरी चूत फाड़ कर उसका लंड आधा अंदर घुस गया. मेरी दर्द के मारे चीख निकल गई में आआआअ मम्मी करके रोने लग गई, लेकिन वो जानवरों की तरह मेरे निपल्स पर काट रहा था और लंड घुसने के बाद उसने 1 मिनट तक अपने लंड को फिट किया और झटके मारना शुरू कर दिया और मेरी चीखे निकलनी शुरू हो गई. मुझसे दर्द सहन नहीं हो रहा था और खून निकल रहा था. लेकिन ड्राइवर मुझे जानवरों की तरह जोर-जोर से चोद रहा था.

इसके बाद उसने मेरी टांगे और चोड़ी चूत की 10 मिनट चुदाई के बाद उसने अपना वीर्य मेरी चूत में भर दिया और लंड बाहर निकालकर मेरी चूत पर पट पट पट करके मारने लग गया. में अभी भी मरी हुई पड़ी थी और इसके बाद ड्राइवर ने अपनी उंगली मेरी चूत में डालकर वो सारा पानी निकाला और पानी की बोतल से पानी पीकर कुछ देर लेट गया. इसके बाद कुछ देर बाद उसने मुझे कपड़े पहनने को बोला और धमकी लगाई कि अगर मैंने किसी को बोला तो वो मेरा अपहरण करके रोज़ मुझे ऐसे ही चोदेगा. इसके बाद मैंने डर के मारे उसे हौसला दिया कि में ये किसी को नहीं बताउंगी और उसने मुझे इसके बाद घर छोड़ दिया. उस दिन में सारा दिन चल नहीं पाई और कमरे में बैठी रही और डर के मारे मैंने अपनी माँ को बोलकर वो वेन बदल ली, लेकिन अभी भी वो मुझे देखकर गंदे गंदे इशारे करता रहता है. लेकिन मैं उन दिनों को भूल नहीं पा रही.

What did you think of this story??






अन्तर्वासना इमेल क्लब के सदस्य बनें


हर सप्ताह अपने मेल बॉक्स में मुफ्त में कहानी प्राप्त करें! निम्न बॉक्स में अपना इमेल आईडी लिखें, फिर ‘सदस्य बनें’ बटन पर क्लिक करें !


* आपके द्वारा दी गयी जानकारी गोपनीय रहेगी, किसी से कभी साझा नहीं की जायेगी।