मुख्य पृष्ठ » ट्रेवल सेक्स स्टोरीज » कामवाली की चूत का नशा


कामवाली की चूत का नशा

Posted on:- 2022-11-24


नमस्कार मेरे मित्रगणों  और सुनाइए कैसे आप सब , मेरा नाम राहुल है और में    का रहने वाला हूँ और मेरी उम्र 26 साल है और हाईट 5.11 इंच है और मेरे लंड का साईज़ 8 इंच है और में दिखने में एकदम ठीक ठाक लगता हूँ और अब में आप सभी को ज्यादा बोर ना करते हुए अपनी आज की कहानी की तरफ ले चलता हूँ. मोटी गांड वाली लड़कियों की बात ही कुछ और है.


 लड़किया क्युआ गजब चुदकड़ होती है दोस्तों दोस्तों यह मेरी आज की कहानी मेरी काम वाली बाई की है. उसकी उम्र कोई 28 साल के करीब है और वो शादीशुदा है, उसका नाम संजना  है और दिखने में बहुत ज्यादा सेक्सी है, उसका सावला रंग और उसके बूब्स का साईज़ 36-20-36 है, लेकिन वो बिल्कुल कामुक दिखती थी. मेरे मित्रगणों  क्या मॉल थी उसकी चुची पीकर मजा आ गया.


संजना  हमारे घर पर दो टाईम काम करने आती थी, एक सुबह और दूसरा शाम को और में हमेशा संजना  के जिस्म को देखकर उसे चोदने के बारे में सोचता रहता था, लेकिन मुझे कभी भी मौका ही नहीं मिलता था और वैसे संजना  बहुत कम बोलती थी, वो बस अपने कामो में लगी रहती और काम खत्म करके अपने घर पर चली जाती थी. फिर एक दिन हमारे रिश्तेदार के घर पर एक समारोह था, लेकिन वो हमारे पास वाला घर ही था और संजना  वहां पर भी काम किया करती थी. फिर एक दिन संजना  को वहां पर काम करते करते थोड़ी रात हो गई और मुझे उसे उसके घर पर छोड़कर आना पड़ा. मेरी कार घर के बाहर ही खड़ी हुई थी, लेकिन उसके बजाए फिर भी मैंने अंदर से अपनी बाईक को बाहर निकाल लिया और में उसे छोड़ने के लिए चला गया. मै एक नंबर का आवारा चोदा पेली करने वाला  लड़का हु मुझे लड़किया चोदना अच्छा लगता है.


 मेरे प्यारे दोस्तो चुची पिने का मजा ही कुछ और है फिर जब संजना  मेरे कंधे पर हाथ रखकर बाईक पर चड़ी तो उसके बड़े बड़े बूब्स मेरी पीठ पर छूने लगे और में बाईक को धीरे धीरे ब्रेक मारता हुआ चला रहा था, लेकिन उसका घर पास में ही था तो मुझे थोड़ा ही मज़ा लेने का मौका मिला और उस रात के बाद से मेरी संजना  से थोड़ी थोड़ी बात होनी शुरू हो गई और में अपनी बाईक पर बिठाकर लगातार 3-4 दिन तक उसे घर पर छोड़ने गया और उसके मज़े लेने लगा और उसके बाद से मैंने भी ध्यान दिया था कि जब भी में नहाकर बाथरूम से आता तो संजना  मुझे चुप चुपकर देख रही होती थी और में भी जब वो सफाई करती थी तो उसके मोटे मोटे बूब्स को देखा करता था और जब वो देखती कि में उसके बूब्स देख रहा हूँ तो वो और झुक झुककर सफाई किया करती थी, जिसकी वजह से मुझे उसके बूब्स और भी ज्यादा गहराई तक नजर आते और में मन ही मन बहुत खुश हुआ करता था और अब में सिर्फ़ उस दिन का बहुत बेसब्री से इंतजार कर रहा था कि घर पर जब कोई नहीं होगा तो में अपना शिकार पकड़ लूँगा, क्योंकि वो भी शायद अब मुझसे यही चाहती थी, वो हमेशा किसी ना किसी बहाने से मुझे अपने बूब्स के दर्शन कराया करती थी. फिर आखिरकार बहुत इंतजार करने के बाद वो दिन आ ही गया, जब उस दिन घर पर सुबह सुबह कोई भी नहीं था, मम्मी पापा किसी काम से बाहर गये थे और वो सुबह सुबह ही चले गये और उनको शाम को वापस आना था. ये कहानी पढ़ कर आपका लंड खड़ा नहीं हुआ तो बताना  लड खड़ा ही हो जायेगा .


 मेरे मित्रगणों  चुत छोड़ने के बाद सुस्ती सी आ जाती है     फिर रोज की तरह संजना  घर पर अपना काम करने के लिए आई और फिर वो सफाई कर रही थी. फिर में बेडरूम में जाकर बेड पर बैठ गया और में उसके बूब्स देख रहा था और वो मुझे धीरे धीरे मदहोश करने लगे थे. तभी उसने भी मुझे देख लिया, लेकिन फिर भी इस बार में उसके बूब्स पर नजरे टिकाए हुए था, मुझे उसके बूब्स देखने में बहुत मज़ा आ रहा था, क्योंकि हमे किसी का डर नहीं था और वो मुझे तिरछी नजरों से देखकर मुस्कुरा रही थी और मुझे अपनी और आकर्षित कर रही थी और फिर वो भी धीरे धीरे अपना काम करते हुए बेडरूम से बाहर चली गयी और अब वो पूरी सफाई कर चुकी थी और अपने घर पर जाने वाली थी क्या बताऊ मेरे मित्रगणों   उसको देखकर किसी लैंड टाइट हो जाये.
.

 मेरे मित्रगणों  मने बहुत सी भाभियाँ चोद राखी है फिर उसने मुझसे कहा कि में अब जा रही हूँ और शाम को आ जाउंगी. मैंने तभी उसको बोला कि संजना  एक मिनट अंदर आओ. वो चुपचाप अंदर आ गई, लेकिन वो बहुत शरमा रही थी और फिर वो बोली कि हाँ जी कहिए क्या काम है? तो मैंने उससे बोला कि तुम पहले यहाँ पर बैठो और वो चुपचाप बैठ गयी. मेरे मित्रगणों  क्या मलाई वाला माल लग रहा था    .


 चुदाई की कहानी जरूर सुनना चाहिए मजे के लिए मैंने उससे कहा कि क्या तुम्हे पता है कि तुम कितनी सुंदर हो? तो वो शरमाने लगी और उसने अपनी नजरे एकदम झुका ली और फिर मैंने एकदम सही मौका देखकर उसका एक हाथ पकड़ लिया तो वो नर्वस होने लगी और बोली कि आप यह क्या कर रहे हो? तो मैंने बोला कि में तुम्हे हाथ लगाकर तुम्हे छूकर देख रहा हूँ और फिर में अपना हाथ उसकी कमर पर लगाने लगा, लेकिन वो कुछ नहीं बोली और बीच में अपनी दोनों आखें बंद करके मुहं घुमाकर मुझसे बोल रही थी कि बस करो रहने दो, कोई आ जाएगा, छोड़ दो मुझे कोई आ जाएगा तो हमे देख लेगा. फिर मैंने जैसे ही उसकी नाभि पर हाथ रखा तो उसने सिसकियाँ लेनी शुरू कर दी और उसने आखें बंद करके मुहं ऊपर की तरफ कर लिया. साथियो की पुराणी मॉल छोड़ने का मजा ही कुछ और है.


 अब सुनिए चुदाई की असली कहानी फिर मैंने उसकी गर्दन पर किस करना शुरू कर दिया और उसने भी मेरा साथ देते हुए मुझे हग करना शुरू किया, जिससे मुझे उसको बेड पर लेटाने में थोड़ी आसानी हो गयी और मैंने उसकी गर्दन पर किस करते हुए उसके होंठो पर किस किया और फिर जैसे ही उसने भी जमकर मेरा साथ दिया तो वैसे ही मैंने उसके मोटे मोटे बूब्स को दबाने शुरू कर दिया और संजना  भी मुझे पागलों की तरह चूमने लगी. फिर उसने मुझे इस तरह ज़ोर से चूमा कि वो मेरी पूरी जीभ अपने मुहं में ले गयी और ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी. मेरे मित्रगणों  एक बार चोदते  चोदते  मेरा लंड घिस गया..


 वहा का माहौल बहुत अच्छा था  मेरे मित्रगणों   फिर मैंने चूसते चूसते संजना  को पूरा नंगा कर दिया था और वो भी मेरे कपड़े उतार रही थी. फिर संजना  ने मेरी अंडरवियर को उतार दिया और मेरे लंड को देखकर उसके चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान आ गयी और वो मेरे लंड को मुहं में लेकर चूसने लगी. वो समय मेरे लिए किसी जन्नत से कम नहीं था और वो मेरे लंड को 15 मिनट तक लगातार चूसती रही और अब मैंने उसे 69 की पोज़िशन में कर दिया. मेरे मित्रगणों  उस लड़की मैंने चुत का खून निकल दिया.


 वहा जबरजस्त माल भी थी मेरे मित्रगणों   फिर मैंने देखा कि उसकी चूत बिल्कुल साफ थी और में भी उसकी चूत को पागलों की तरह ज़ोर ज़ोर से चाटने चूसने लगा तो वो ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ लेने लगी और अपनी गांड को उठा उठाकर मुझे अपनी चूत में घुसाकर चटवाने लगी और कहने लगी कि औऊऊऊउ हाँ और ज़ोर से अह्ह्हह्ह्ह्ह हाँ और ज़ोर से. करीब दस मिनट तक लगतार उसकी चूत चूसने के बाद वो और भी तड़पने और कहने लगी, प्लीज और ज़ोर से चूसो. मेरे मित्रगणों  चोदते चोदते चुत का भोसड़ा बन गया.


 ऐसे माहौल कौन नहीं रहना चाहेगा मेरे मित्रगणों   फिर में समझ गया कि अब यह झड़ने वाली है, में उसे और भी ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा और करीब दो मिनट के बाद में वो झड़ गयी और उसने मुझे ज़ोर से गले से लगा लिया. अब मैंने उसे डोगी स्टाईल में बिठा दिया और अपने लंड को उसकी चूत के मुहं पर रखा और हल्का सा धक्का देकर अंदर किया और फिर दम लगाने लगा. फिर वो सिसकियाँ भरने लगी और अब मैंने एक जोरदार झटका मारा तो एकदम उसकी बहुत ज़ोर से चीख निकल गयी और वो बोली कि प्लीज थोड़ा आईईईईईईइ धीरे करो, अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह. मेरे मित्रगणों  एक बार मैंने अपने गांव के लड़की जबरजस्ती चोद दिया..


 उह क्या मॉल था मेरे मित्रगणों  गजब  फिर मैंने एक और झटका मारा तो मेरा पूरा का पूरा लंड अंदर चला गया और उसके मुहं से अह्ह्हहमम्म आईईईईईई जैसी उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ आवाज़े निकलने लगी और अब में उसकी कमर को पकड़कर अपने लंड को ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर अंदर बाहर करने लगा और अब कुछ देर बाद उसे भी मज़ा आ रहा था. फिर 30 मिनट तक लगातार चोदने के बाद हम दोनों झड़ गए और उसने मुझे अपनी बाहों में कसकर भर लिया. फिर कुछ देर बाद हम उठे और फिर संजना  को दूसरी जगह काम पर जाना था तो वो चली गई, लेकिन जब वो शाम को वापस आई तो किचन में बर्तन साफ कर रही थी. मेरा तो मन ही ख़राब हो जाता था मेरे मित्रगणों  .


 क्या बताऊ मेरे मित्रगणों  मैंने चुदाई हर लिमिट पार कर दिया फिर में उसे पीछे से पकड़कर उसके कान को चूसने लगा और उसकी गांड पर अपना लंड घुमाने लगा, वो फिर से मदहोश होने लगी. फिर में उसे हमारे ड्राइंगरूम में ले गया और मैंने उसके कपड़ो को उतारकर बूब्स को चूसना शुरू कर दिए और मैंने उसके बूब्स चूसते चूसते उसके बाकी के कपड़े भी खोलकर उसे पूरा नंगा कर दिया और उसे सोफे पर लेटा दिया और फिर कुछ देर तक चूत चाटने लगा, कुछ भी  हो माल एक जबरजस्त था .
मेरे सर को अपनी चूत में दबाने लगी और सिसकियाँ लेने लगी, लेकिन कुछ देर बाद वो झड़ गई और में उसका पूरा रस पी गया. उसको देखकर  किसी का मन बिगड़ जाये .
 मेरे मित्रगणों  मैंने किसी भाभी को छोड़ा नहीं है फिर कुछ देर बाद मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधे पर कर रखकर लंड को चूत पर रखकर धक्का दिया और उसकी चुदाई करने लगा, वो ज़ोर ज़ोर से चीखने चिल्लाने लगी और अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह उह्ह्हह्ह धीरे करो, प्लीज थोड़ा धीरे करो अह्ह्ह्हह, लेकिन में उसकी सुने बिना धक्के देता रहा. करीब बीस मिनट की चुदाई के बाद में झड़ गया और मैंने अपना वीर्य उसकी चूत में डाल दिया. फिर वो एकदम निढाल होकर पड़ी रही. दोस्तों उस टाईम हमने दो बार चुदाई का मज़ा लिया और मैंने उसको खुश कर दिया, लेकिन उसके बाद जब भी मौका मिलता तो मैंने उसे कई बार चोदा और अब वो भी मेरे लंड को हर कभी मौका देखकर पकड़कर चूसने लगती है और में कई बार उसके मुहं में झड़ चुका हूँ. उह भाई साहब की माल है उसकी चुत की बात ही कुछ और है मेरे मित्रगणों  एक बार स्कूल में चुदाई कर दिया बड़ा मजा आया.

What did you think of this story??






अन्तर्वासना इमेल क्लब के सदस्य बनें


हर सप्ताह अपने मेल बॉक्स में मुफ्त में कहानी प्राप्त करें! निम्न बॉक्स में अपना इमेल आईडी लिखें, फिर ‘सदस्य बनें’ बटन पर क्लिक करें !


* आपके द्वारा दी गयी जानकारी गोपनीय रहेगी, किसी से कभी साझा नहीं की जायेगी।