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छोटे भाई की साली की सील तोड़ी

Posted on:- 2022-08-04


सुबह सायकल मेरे प्यारे साथियो, में सन्देश  और में पिछले तीन महीने से लगातार चोदा पेली  कहानियाँ पढ़ता आ रहा हूँ और यह मुझे हमेशा बहुत चोदा पेली  मस्त लगी, जिनको पढ़कर मुझे बहुत मज़े आए और कुछ कहानियाँ तो बहुत ही ज्यादा मजेदार थी. दोस्तों में 36 साल का अच्छा दिखने वाला हट्टाकट्टा नोजवान और में बहुत ही ज़्यादा चोदा पेली  हूँ. मेरे लंड का आकार7  इंच लंबा और 3  इंच मोटा है. सेक्स करते समय बहुत मजा आया था मित्रों.

 उसके ओठ रसीले थे मित्रों मॉल गजब था मित्रों  दोस्तों में बिहार का रहने वाला हूँ और अभी कुछ सालों से एक कंपनी में मेरी नौकरी होने की वजह से में जोधपुर (राजस्थान) में रहने लगा था. दोस्तों यह बात दिसम्बर की है, जब में एक साल बाद अपने घर पूरे एक महीने के लिए बिहार अकेले गया था, मेरे घर पर मेरी मम्मी, पापा और मेरा एक छोटा भाई और उसकी पत्नी रहती है. उसके लिप्स की चूसै यू ही चलती रही  मित्रों मित्रों वो मदहोस थी चुदाई के लिए.

 उसके बूब्स क्या मस्त थे मित्रों अब मै क्या कहु मित्रों दोस्तों मेरे छोटे भाई का अपना खुद का काम है, लेकिन वो घर से 15 किलोमीटर दूर अपना काम करता है और घर जाने के बाद में एक दिन अपने छोटे भाई के साथ उसकी बाइक पर पीछे बैठकर उसके काम को देखने के लिए उसके साथ चला गया. दोस्तों वो जगह अच्छी और बाज़ार भी बहुत अच्छा है. मेरा मन चुदाई का था मित्रों.

 मैंने तय किया की चोद कर ही दम लूंगा वहाँ पर पहुंचकर दिन भर हम दोनों भाईयों ने साथ में रहकर बहुत सारी बातें की और अपने काम को ज्यादा आगे बढ़ाने के सिलसिले में हम दोनों उस बाज़ार में भी बहुत घूमे, तो बाज़ार में घूमते समय हमे मेरे छोटे भाई के ससुराल का एक 12 साल लड़का मिल गया जो कि रिश्ते में मेरे भाई का साला लगता था. उसने हमे वहां पर देखकर मेरे भाई से कहा कि क्या जीजाजी आप मेरे यहाँ नहीं चलोगे? आपको सभी लोग घर पर याद कर रहे है और बुला भी रहे है. लेकिन पेलुँगा जरूर.

 मै चुदाई के लिए बिल्कुल बेताब  था  मित्रों मेरे भाई ने कहा कि तुम उनको फोन करने के लिए कहना बात करने के बाद देखा जाएगा. फिर शाम करीब चार बजे भाई के साले का फोन आया. तब मेरे भाई ने उससे कहा कि मेरे भैया भी .आए हुए है, तो उन्होंने मेरे भाई से कहा कि आप उन्हें भी अपने साथ में ले आईए और यही बात मेरे भाई की सास भी बोली. मुझे तो बस चुदाई की धुन सवार थी मित्रों.

 मुझे बूर की मादक खुसबू आ रही थी जो मुझे पागल कर रहे थे  मेरे भाई ने कहा कि हाँ ठीक है हम दोनों भाई आज शाम को अपने काम से फ्री होकर जरुर आ जाएँगे. फिर उसी शाम को हम दोनों भाई मेरे भाई के ससुराल चले गए और में अपने भाई के ससुराल उसकी शादी जो कि दो साल पहले हुई थी उसके बाद एक बार भी नहीं गया था. वो मेरा उनके घर पर दूसरा चक्कर था. दिन रात बस चुदाई ही चुदाई ख्याल मित्रों और कुछ नहीं.

 उसकी आखो में चुदाई का नशा था फिर हम लोग रात के करीब आठ बजे उसके ससुराल पहुंच गए और सभी लोग हमें देखकर बड़े खुश हुए और वहां पर सभी लोगों से मिलने के बाद हम दोनों भाईयों के लिए बहुत प्यार से खाना परोसा गया और उसके बाद हम दोनों भाई खाना खा रहे थे. उस समय मेरे छोटे भाई की साली ठीक हमारे सामने बैठकर अपने दोनों पैरों को कुछ ज्यादा फैलाकर हमें खाना खिला रही थी. मेरा लंड उसकी बूर को चिर कर आगे निकाल रहा था.

 मैंने उसकी बूर का सील तोड़ दिया मित्रों वो दिखने में बहुत ही सुंदर, बहुत गोरी और उसके बूब्स कपड़ो से बाहर निकलकर झांक रहे थे और में उसको दो साल बाद इतना करीब से देख रहा था जिसकी वजह से मेरे दिल में एक अजीब सी टीस उठने लगी थी, क्योंकि वो उस समय थोड़ी छोटी थी और उसके शरीर का उतना विकास भी नहीं हुआ था, लेकिन अब तो वो एकदम हॉट चोदा पेली  नजर आ रही थी और उसका गदराया हुआ बदन बहुत आकर्षक नजर आ रहा था जो किसी के भी लंड से पानी निकालने के लिए बहुत था. उसके क्या मस्त गोरे गोरे बड़े आकार के बूब्स थे और उसकी गांड तो मानो एकदम मक्खन मलाई जैसी थी और उसके गाल एकदम भरे भरे थे, लेकिन में क्या कर सकता था बस खाना खाते समय देखता रहा. फर्स्ट टाइम चुदाई में सील टूटती है तो थोड़ा तो दर्द होगा ही.

 लंड घुसाने में लग रहा था बस चुत फैट ही जाएगी मित्रों  दोस्तों क्योंकि खाना खाते समय एक 18-19 साल की लड़की हमारे सामने आई सबसे पहले उसने हमें प्रणाम किया और उसके बाद वो मेरे छोटे भाई के साले के पास में जाकर बैठ गई. में उसको नहीं जानता था, लेकिन जब मैंने उसको देखा तो में अपनी चकित नजरों से देखता ही रह गया. वो क्या मस्त माल थी? क्या गजब लग रही थी मित्रों.

 क्या रस भरी चुत थी मित्रों मजा आ गया उसके बड़े लंबे काले बाल, बूब्स भरे हुए थे और बातों के दौरान वो हम दोनों से बहुत हंसी मज़ाक करने लगी और मुझे बाद में पता चला कि वो मेरे छोटे भाई की साली है जिसका नाम बबिता है और मज़ाक करते करते उसने मेरी जाँघ पर अपना एक हाथ रखकर वो छूने लगी, लेकिन मुझे उसके मन की बात और उसके मन में क्या चल रहा था वो नहीं पता था. लड़कियों की चुत मरने का मजा ही कुछ और है  मित्रों.

 मेरा लंड तनकर टाइट था मित्रों दोस्तों में तो पहले से ही उसकी सुन्दरता को देखकर बहुत गरम था. अब में उसके खिलते हुए चेहरे को देखकर उसके मन की बात को समझ चुका था, जिसकी वजह से मुझे आगे बढ़ने की हिम्मत मिली और फिर उसके हाथ के छू जाने से मेरा लंड अब धीरे धीरे खड़ा होने लगा था, वो अपना आकार बदलने लगा था और मैंने अपने मन को किसी तरह से शांत करके खाना खाया और फिर में उठकर दरवाजे से बाहर आ गया. फिर कुछ देर बाद बबिता भी मेरे पीछे पीछे आ गयी और हम दोनों हंसकर हंसी मजाक करने लगे. फिर तब तक रात के करीब दस बज गये थे और मेरा छोटा भाई तो खाना खाकर कमरे के अंदर सोने चला गया और उसके ससुरजी ने हमारा बबिता के कमरे में सोने के लिए इंतज़ाम कर रखा था. मेरा लंड चुत में घुसने को तैयार था मित्रों .


 चुची की चुसाई में क्या मजा है मित्रों दोस्तों गाँव में रात को दस बजे बहुत रात का समय माना जाता है, इसलिए घर के सभी लोग तब तक सोने चले गये और में भी अब बबिता के कमरे में सोने के लिए चला गया जो कि बबिता के पढ़ाई वाले कमरे के पीछे सड़क के किनारे है वहाँ पर बबिता के मामा का लड़का जो कि हमें दिन के समय बाज़ार में मिला था वो भी सो रहा था. मै उसकी चूची  पी रहा था.

 मेरा लंड ताबड़तोड़ चुदाई के लिए तैयार में लेटा हुआ था कि कुछ देर बाद बबिता हमारे कमरे में आई और वो मुझसे हंसकर बोली कि जीजाजी अगर आप लोगों को किसी भी चीज़ की ज़रूरत हो तो आप मुझे जरुर बता देना. दोस्तों मुझसे यह बात कहते हुए वो मेरे भाई के पलंग पर बैठ गई, लेकिन वो उस समय बहुत गहरी नींद में था इसलिए मैंने अपने भाई की साली से कहा कि में तुम्हे इतनी दूर से क्या कहूँ थोड़ा सा तुम मेरे पास आ जाओ तो में तुम्हे अपनी ज़रूरत बताऊँ. दोस्तों मेरे मुहं से वो बात सुनकर अब वो उठकर तुरंत मेरे वाले पलंग पर बैठकर मुझसे बातें करने लगी. फिर मैंने उससे कहा कि तुम खाना खाते समय मेरी जाँघ पर क्यों हाथ मार रही थी? तब उसने मुझसे मुस्कुराते हुए कहा कि वो तो में आपसे ऐसे ही बस थोड़ा सा मज़ाक कर रही थी और मेरे उसको बहुत बार कहने पर वो मेरे पलंग पर मेरे थोड़ा पास सरककर बैठ गयी. अब वो समय आ गया जब मुझे उसकी चुदाई करनी थी.

 मित्रों वो बुल्कुल मादक शराब जैसी लग रहे थी मन कर रहा अभी पी  लू अब मेरा लंड फड़कने लगा और में उसको अपने से चिपककर बैठे हुए देखकर समझ गया कि वो मुझसे अपनी चुदाई जरुर करवा सकती है वो बात सोचकर में मन ही मन बहुत खुश था और फिर मैंने बातों ही बातों में तुरंत उसके हाथ को पकड़कर उसको अपने पास खींच लिया और मैंने उसके दोनों बूब्स को ज़ोर से दबा दिया जिसकी वजह से वो सिसकियाँ भरने लगी. अब उसे चुदाई का मजा मिल रहा था मित्रों.

 सच मुझे अब पता चला की चुदाई में कितना मजा है मित्रों   कुछ देर बाद वो मुझसे मुस्कुराती हुई बोली कि में आपके लिए दूसरी रज़ाई लेकर अभी आती हूँ और वो यह बात कहकर तुरंत वहां से शरमाकर बाहर चली गई. मैंने सोचा कि अब वो दोबारा नहीं आएगी, लेकिन कुछ देर बाद वो आ गई जिसका मुझे बिल्कुल भी विश्वास नहीं था और वो अपने साथ एक रज़ाई लेकर आई थी और उसने उस रजाई को मेरे ऊपर फेंक दिया. में उसको पकड़कर अपने ऊपर पलंग पर बिछाकर पलंग पर लेटने लगा, तो वो मुझसे बोली कि यहाँ पर नहीं, आप मेरे साथ मेरे बेडरूम में चलिए. इस प्रकार हमने मस्त  चुत की ताबड़ तोड़ चुदाई की और मजा लिया और आप.

 सुनकर आपका लंड खड़ा हो जायेगा मित्रों  दोस्तों सच कहूँ तो में उसके मुहं से वो बात सुनकर एकदम खुश हो गया और में मन ही मन में सोचने लगा कि आज तो मुझे चुदाई करने के लिए एक वर्जिन तड़पती हुई प्यासी चूत मिलेगी और अब में वो बात मन में सोचकर खुश होता हुआ तुरंत उठकर उसके पीछे पीछे उसके बेडरूम में चला गया. मेरा लंड ताबड़तोड़ है और एक अच्छी चुत के तलाश में है.

 उसकी चूची क्या गजब लग रही थी मित्रों  फिर अंदर जाते ही में उसके ऊपर टूट पड़ा. में उसके बूब्स को दबाने लगा और निप्पल को मसलने लगा. तभी वो बोली कि पहले आप मुझे दरवाजा तो बंद करने दीजिए. फिर में तुरंत वैसे ही रुक गया और वो मेरे सामने से हटकर दरवाजा बंद करके वापस चली आई और मैंने दोबारा उसको कसकर अपनी बाहों में जकड़ लिया और में उसके होंठो पर अपने होंठ रखकर ज़ोर ज़ोर से उनको चूसने लगा. वो सिसकियाँ लेने लगी आहहह ऊफफ्फ्फ करने लगी. में अब उसके दोनों बूब्स को बहुत ज़ोर से जोश में आकर दबाने लगा और उसी समय मैंने धीरे धीरे उसके सभी कपड़े भी एक एक करके उतार दिए और उसके बाद में भी अब नंगा हो गया. उसकी चूची का उभार गगजब था   मित्रों.

 उसकी बूब्स क्या मन को मचला रहे थे मित्रों फिर उसने हमारे नंगे बदन को देखकर शरम की वजह से अपने सर को मेरी छाती में छुपा लिया और मैंने उसके बूब्स को बहुत ज़ोर ज़ोर से दबाना शुरू किया और में उसके पूरे गोरे चोदा पेली  बदन को चूमने लगा, जिसकी वजह से वो तो जोश में आकर एकदम मदहोश हो गयी. फिर मैंने अपना लंड जो कि पूरे जोश में आकर बहुत गरम हो चुका था. मैंने उसके हाथ में पकड़ा दिया तो वो मेरे गरम, मोटे, लंबे लंड को अपने नरम मुलायम हाथ से छूकर एकदम सिहर उठी. मन कर रहा था उसकी चूची पकड़ कर पी जाऊ मित्रों.

 उसकी चूची क्या मुलायम  थी मित्रों फिर वो बोली कि मेरे पापा मेरी शादी नहीं करवाते है और में कब से यह सब करने के लिए तरस रही हूँ, लेकिन मुझे आज तक ऐसा कोई अच्छा मौका नहीं मिला. आज मिल गया है तो में इसका आज पूरा फायदा उठाकर अपनी चुदाई का तुम्हारे साथ भरपूर मज़ा लूंगी और तुमसे जमकर अपनी चुदाई करवाऊंगी. अब मैंने उसकी वो बातें सुनकर खुश होकर उसको चूमते हुए अपनी एक उंगली को उसकी चूत में डाल दिया, जिसकी वजह से वो सिसकियाँ भरनी लगी आआअहह उफ्फ्फ्फ़. उसकी चूची क्या कड़क थी मित्रों .


 उसकी चूची पीते पीते तनकर लाल हो गयी में करीब 15 मिनट तक उसके बूब्स को दबाता और उसकी चूत में अपनी ऊँगली को अंदर बाहर करता रहा. फिर उसके बाद में नीचे झुककर उसकी कामुक चूत को चाटने लगा जिसकी वजह से वो मस्त हो गई और वो अब जोश में आकर ना जाने क्या क्या बोलने लगी. वो बोली कि जीजाजी थोड़ा सा प्यार से चोदना क्योंकि यह मेरी पहली चुदाई है और मुझे बहुत दर्द होगा. आप मज़े के साथ साथ मेरे दर्द का भी ध्यान रखना. फिर मैंने उसको अब बेड पर सीधा लेटा दिया और में अपना लंड उसके मुँह में डालने लगा. वो मुझसे ऐसा करने के लिए मना करती रही, लेकिन में फिर भी नहीं माना और मैंने अपना लंड उसके मुहं में डाल दिया. उसकी चुत का टेस्ट नमकीन और मादक था मित्रों बस चाटा जाओ.

 उसकी बूर मदमस्त हो गयी मित्रों उह उह उह उह फिर वो मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी और में उसकी चूत में अपनी उंगली को अंदर बाहर करता रहा, जिसकी वजह से वो पूरी तरह से जोश में आकर सिसकियाँ भर रही थी आअहह ऊफफ्फ्फ्फ़ जीजाजी अब बस करिए और मुझे अ ब आप चोदना शुरू करो, मुझे अब और मत तरसाओ, अब आप चोद दो मुझे और मेरी इस आग को बुझा दो आह्ह्हह्ह. मै एक चुदकड़ लड़की हु मित्रों  मुझे हमेशा चुदाई भूख रहती मित्रों.

 मुझे चुदाई के  बारे सोचकर मै मदहोश हो जाती हु फिर मैंने उसको सीधा लेटाकर में अब उसके ऊपर आ गया और उसके दोनों पैरों को फैलाकर अपना 6 इंच के लंड का टोपा मैंने उसकी चूत के मुहं पर रखकर में रगड़ने लगा जिसकी वजह से वो आआअहह ऊउईईईइ जीजाजी करने लगी और कुछ देर रगड़ने के बाद मैंने अपना थूक अपने लंड पर लगाकर अपने लंड को उसकी चूत के मुहं पर रखकर मैंने एक ज़ोर का झटका दे दिया, जिसकी वजह से मेरा लंड उसकी चूत में थोड़ा सा अंदर चला गया और वो दर्द से करहा उठी मचलने लगी और अब में बिल्कुल शांत होकर उसके बूब्स को दबाने सहलाने लगा और उसको किस करने लगा. मेरी चुत हमेशा लैंड की प्यासी रहती है मित्रों.


 साथियो मुझे   हमेशा  मोटे लड की जरूरत रहती है फिर थोड़ी देर के बाद मैंने एक जोरदार झटका लगाया, तो वो ऊउईईईईइ माँ में मर गई आईईईई करके मुझसे चिपक गयी और थोड़ी देर बाद मैंने एक बार फिर से ज़ोर के झटके लगाने शुरू कर दिए, जिसकी वजह से अब मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी चूत के अंदर चला गया और में उसको लगातार 15 मिनट तक धक्के देकर चोदता रहा और वो साली रंडी भी अपनी गांड को उठा उठाकर मुझसे अपनी चूत को चुदवाने लगी और इस बीच वो तीन बार झड़ चुकी थी. मित्रों मोटे लैंड से चुदाई करने का मजा कुछ और है

मित्रों मोटे लैंड से चुदाई करने का मजा कुछ और है दोस्तों अब में भी झड़ने वाला था, इसलिए मैंने उससे यह पूछ लिया था कि में अब क्या करूं अपना वीर्य कहाँ निकालूं? तब वो मुझसे कहने लगी कि आप मेरी चूत में अपना वीर्य मत डालना नहीं तो में उस वजह से गर्भवती हो जाउंगी. आप उसको कहीं बाहर ही निकाल दो और तब मैंने उसके कहने पर अपना लंड उसकी चूत से उसी समय तुरंत बाहर निकालकर उसके मुहं में डाल दिया जिसको वो बड़े मज़े से लोलीपोप की तरह चूसने लगी. मित्रों मैंने बहुत बार चुत मरवाई है.

 मित्रों मुझे गांड मरवाने मजा आता है मित्रों वो किसी अनुभवी रांड की तरह मेरा लंड अंदर बाहर करके लंड के टोपे पर अपनी जीभ को घुमाकर बड़े मज़े से चाट रही थी और में तभी उसके मुहं में झड़ गया. उसने मेरा सारा वीर्य अपने मुहं में भरकर बाहर थूक दिया और उस पूरी रात को करीब 5:30 बजे सुबह तक हम दोनों ने चार बार अलग अलग तरीके से सेक्स किया. मित्रों मुझे लड  चाटने में मजा आता है मित्रों.


 मित्रो कभी मोटे लड  से गांड मारा देखिये कितना मजा आता मित्रों मैंने ध्यान से देखा उसकी चूत मेरी जमकर चुदाई की वजह से पाव रोटी की तरह एकदम फूल गयी थी. फिर में उसके कमरे से उठकर अपने कमरे में जाकर सो गया. दोस्तों सुबह हम दोनों भाई उठकर चाय नाश्ता करके वापस अपने काम पर चले गए. फिर में कुछ दिन अपने भाई के पास रुककर दोबारा वापस जोधपुर आ गया. मेरे प्यारे मित्रो इस प्रकार हमने बहुत बार चुदाई करा के मजा लिया और चोदा पेली की साडी हदे पार कर दी मित्रों.

 मेरा लंड ताबड़तोड़ है और एक अच्छी चुत के तलाश में है  उसने एक दिन मेरे पास फोन किया और वो मुझसे बोली कि आप तो मुझसे इतना दूर चले गये है कि मेरा अब आपसे दूर रहकर बहुत बुरा हाल है आप कब आओगे? तब मैंने कहा कि में तुमसे मिलने समय मिलते ही जरुर आ जाऊंगा, लेकिन फिर उसकी इस साल फरवरी के महीने में शादी हो गयी और दोबारा मुझे उसकी चुदाई का मौका नहीं मिला, लेकिन इस बात की मुझे बहुत ख़ुशी थी कि उसकी पहली बार चुदाई करके मैंने उसकी चूत की सील को तोड़ दिया. वो एक बहुत अलग अहसास था जिसको में आज भी नहीं भुला सका.

 उसकी चूची क्या गजब लग रही थी मित्रों  दोस्तों अब उसको एक मस्त लंड मिल गया है जो उसकी जमकर चुदाई करके उसको बहुत खुश रखता है और वो उसके साथ ख़ुश रहकर अपना जीवन जी रही है. उसका पति उसके कहने पर उसको हमेशा चुदाई के बहुत मज़े देता है. यह सभी बातें वो मुझसे फोन पर करती है और अपनी हर एक बात वो मुझे बता देती है. उसकी बूब्स क्या मन को मचला रहे थे मित्रों मैंने ऐसी तरह न जाने कितने औरतो और लड़कियों बूर में चोदा पेली किया है कितनो चुत का भोसड़ा तक बना दिया और न जाने कितनो का तो सील तोड़ कर खून निकाल दिया और न जाने कितनी को तो कुवारी में ही माँ बना दिया.

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