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ट्रेन में सुपर सेक्सी चूत को चोदा

Posted on:- 2022-11-08


मित्रों मै आप सब का हार्दिक अभिनंदन करता हु अपने बूर फाड् चुदाई की स्टोरी में.. मेरा नाम  अमृत सिंह है और मेरी उम्र 25 साल है.. दोस्तों में उम्मीद करता हूँ कि आज की मेरी यह कहानी आप लोगों को बहुत पसंद आएगी और आज जो में आप लोगो को कहानी सुनाऊंगा वो मेरी एक और सच्ची घटना है और अभी कुछ दिन पहले ही मेरे साथ घटित हुई है. दोस्तों अब में आप सभी को ज्यादा बोर ना करते हुए सीधा अपनी कहानी पर आता हूँ.. गुड मार्निग मित्रों आप सब कैसे है,क्या हाल चाल मित्रों कैसे है आप सब आशा है अच्छे होंगे और चुदाई के जुगाड़ में होंगे.

दोस्तों मुझे मुंबई जाना था. तो में बस से सतना पहुंचा और रेलवे स्टेशन पर जाकर एक्सप्रेस ट्रेन का इंतजार करने लगा और उसमे मेरा एसी कोच में रिज़र्वेशन था. कुछ देर बाद ट्रेन आई और वो रात का वक़्त था.. तो ट्रेन आते ही में अपनी बोगी नंबर 13 में गया. वहां पर मेरे केबिन में पहले से एक कपल और एक मस्त चुदकड़ औरत बैठी हुई थी. उनकी उम्र 35 साल की थी.. बेबी कट बाल और वो पीले कलर का सूट पहने हुई थी और वो कुछ ज्यादा ही सुंदर लग रही थी और वो दिखने में किसी अमीर खानदान की लग रही थी.. लेकिन उसको देखकर अजीब सा लग रहा था.. क्योंकि वो एकदम चुपचाप बैठी हुई कुछ सोच रही थी. मै एक नंबर का आवारा चोदा पेली करने वाला  लड़का हु मुझे लड़किया चोदना अच्छा लगता है.

 ये कहानी पढ़ कर आपका लंड खड़ा नहीं हुआ तो बताना  लड खड़ा ही हो जायेगा मैंने ज़्यादा ध्यान नहीं दिया और में अपनी बर्थ पर आकर बेग रखकर लेट गया और ऊपर बर्थ से नीची की तरफ बैठी उस औरत को देखने लगा.. उसने दुपट्टा डाल रखा था.. तो मुझे कुछ दिखाई नहीं दे रहा था. हाँ.. लेकिन इतना अनुमान ज़रूर लग रहा था कि उसके चूचिया बड़े बड़े है और फिर धीरे धीरे वक़्त गुजरा और दो घंटे के बाद जबलपुर आया. तो वो कपल वहां पर उतार गया और अब उस केबिन में और वो आंटी थी.. वो शायद सो गई थी. क्या बताऊ दोस्तों  उसको देखकर किसी लैंड टाइट हो जाये.

 दोस्तों क्या मलाई वाला माल लग रहा था फिर जब मैंने उसके सीने का गोरापन देखा तो लगा कि मेरा तो वीर्य निकल ही जाएगा. तो में कुछ देर देखकर नीचे उतरा और टॉयलेट में जाकर उसके चूचिया को सोचकर मुठ मारकर वापस आया और फिर बाहर उसके पास में जाकर उसका दुपट्टा उठाया और उसके हाथ को हल्के से पकड़कर हिलाकर उसे जगाया और उसका दुपट्टा दिया. तो वो मुझसे धन्यवाद बोली. तो में उसी के पास में बैठ गया.. लेकिन वो शायद वो बहुत गहरी नींद में थी इसलिए उसका हाथ सीने से गिरकर मेरी जाँघ पर आ गया. चुदाई की कहानी जरूर सुनना चाहिए मजे के लिए.


 अब सुनिए चुदाई की असली कहानी मैंने थोड़ी देर बाद उसका हाथ पकड़ा और लंड के पास तक ले जाकर रख दिया उसके हाथों की नरमाई ही मेरे जोश को बड़ाने लगी थी और कुछ देर बाद वो जागी तो उसने झट से अपना हाथ खींच लिया.. लेकिन में उसके बहुत पास था. तभी उसने अपना मुहं खोलकर हवा को अंदर बाहर किया तो मुझे एकदम से शराब की बदबू आई और फिर में समझ गया कि यह नशे में है और इसको अपनी बातों में फंसाकर इसके साथ चुदाई करनी चाहिए.. में एकदम पास में बैठा उनसे बात करने लगा.. लेकिन वो मेरी हर हर बात का अधूरा सा जवाब दे रही थी. वहा का माहौल बहुत अच्छा था  मित्रों.

 वहा जबरजस्त माल भी थी मित्रों फिर मैंने उससे कहा कि आप बड़ी सुंदर हो.. तो वो हाँ बोली और फिर मैंने कहा कि मेरी शादी नहीं हुई. तो वो बोली कि मेरी तो हो गई है.. मैंने कहा कि बहुत अच्छा, आपके तो बहुत मज़े है यहाँ हमारा तो अपना हाथ जगन्नाथ है. यह बात मेरे मुहं से सुनते ही वो एकदम से मुझे देखने लगी. तो मैंने हल्के से उनका हाथ पकड़ा.. लेकिन वो मुझसे कुछ नहीं बोली तो मेरा साहस और बढ़ा. फिर मैंने उससे कहा कि आपके हाथ बहुत नरम है लगता है आप कोई भी काम नहीं करती. तो वो बोली कि काम तो रात में करते है और में झट से समझ गया कि यह ट्रेन मेरी लाईन पर आ रही है और मैंने उनका हाथ पकड़कर किस कर लिया.. ऐसे माहौल कौन नहीं रहना चाहेगा मित्रों.

 उह क्या मॉल था मित्रों गजब वो आखे बंद किए हुई थी और में हाथ पर हाथ फेरने लगा.. थोड़ा ऊपर थोड़ा ऊपर और ऊपर और एक वक़्त आया कि जब में धीरे धीरे अपना हाथ कंधे तक हाथ ले जाने लगा तो में कंधो के पास तक जाकर उसके चूचिया को छू रहा था और अचानक से मैंने उसके एक चूचिया को पकड़ लिया. तो उसने मेरे हाथ को पकड़कर कहा कि नहीं ऐसा मत करो और जब मैंने अपनी पकड़ ढीली की तो उसने अपना सूट ठीक किया.. लेकिन मेरा हाथ अब भी वहीं पर था और उसने मेरा हाथ नहीं हटाया और में अपना हाथ उसके सूट में डालने लगा और उसके मस्त जिस्म की गरमाहट पाकर मेरा लंड गरम हो गया और मेरी हिम्मत बहुत बढ़ गई थी. मेरा तो मन ही ख़राब हो जाता था मित्रों.

मैंने अब चूचिया को दबाना, सहलाना शुरू कर दिया था. वो बड़ी गहरी गहरी साँसे लेने लगी.. शायद उसको भी अब आनंद आ रहा था.. मेरे शरीर के अंदर एक अजीब सी खलबली मच गई और मैंने उनसे कह दिया कि क्यों आंटी आपको अच्छा लग रहा है? वो हाँ बोली और मैंने कहा कि क्या में दोनों दबाऊ? तो वो ना ना हाँ ना ना हाँ बोली और मैंने दोनों दूध पकड़ लिए धीरे धीरे सहलाने लगा. फिर मैंने हाथ हटाए और पेट के पास से सूट में अंदर हाथ डालकर ऊपर ले गया और ब्रा के ऊपर से दूध दबाने लगा और में इस कोशिश में ना जाने कब उसकी जाँघो पर बैठ गया, मुझे खुद को पता नहीं चला. कुछ भी  हो माल एक जबरजस्त था.

 उसको देखकर  किसी का मन बिगड़ जाये फिर मैंने थोड़ी देर तक चूचिया दबाए तो वो बोली कि ऊपर से तो उतरो मुझे वजन लग रहा और पास में बैठकर दबाओ. तो में उनके पास में आकर उनके बड़े ही मुलायम, गरम, जोश से भरे हुए चूचिया दबाने लगा. फिर मैंने उनसे कहा कि आंटी क्या आपको दूध पिलाना अच्छा लगता है? वो बोली कि हाँ तो मैंने कहा कि मुझे पिलाओ ना. तो वो बोली कि तुम्हे जो करना हो कर लो.. लेकिन प्लीज मुझे तंग मत करो. फिर मैंने इसका पूरा फायदा उठाया और उनका सूट ऊपर करके ब्रा के ऊपर से ही दूध पीने लगा और थोड़ी देर बाद मैंने ऊपर की तरफ देखा तो पाया वो मुझे बड़े गौर से देख रही थी और में उनकी तरफ मुस्कुराया. उह भाई साहब की माल है उसकी चुत की बात ही कुछ और है.


 ओह्ह उसके यह का चुम्बन की तो बात अलग है वो बोली कि तुम तो बड़ी जल्दी जल्दी करने लगे. तो मैंने कहा कि आप इतनी चुदकड़ हो कि मुझसे अब रहा नहीं गया कसम से आंटी आप अगर मेरी होती तो में आपको अपनी रातों की रानी बना लेता. है उसके गांड मेरा मतलब तरबूज क्या गजब भाई

 उसका भोसड़ा का छेड़ गजब का था मित्रों तो वो हंसी और फिर से आख बंद करने लगी और फिर मैंने उनसे कहा कि देखो आंटी रात का वक़्त है और यहाँ पर चलती हुई ट्रेन में कोई भी नहीं आएगा क्यों ना हम दोनों मज़ा करे? फिर कौन सा दोबारा हम लोगो को मिलना है.. तुम अपनी जगह और में अपनी जगह. तो वो बोली कि नहीं, सिर्फ इतना ही बहुत है और फिर मैंने उनको छोड़ दिया और उनके पास में बैठ गया. तो वो कुछ सोचने लगी. मैंने अपना लंड बाहर निकाला और सहलाने लगा और फिर उसकी नज़र एकदम मेरे लंड पर पड़ी तो वो मेरे लंड को एकटक देखने लगी. उसकी बूब्स  देखते ही उसको पिने की इच्छा हो गयी

 मित्रों मै सबसे पहले उसकी गांड मरना चाहता हु मैंने कहा  कि देखो यह आपके पास में है और इतना तना हुआ है और अगर एक बार आप पकड़ लोगी तो क्या होगा? तो वो बोली कि तुम क्या समझ रहे हो.. क्या मैंने पी रखी है और में बहुत नशे में हूँ? तो मैंने बोला कि नहीं मैंने यह सब तो कहा ही नहीं और तभी उसने मेरा लंड पकड़कर कहा कि अच्छा है यार. तो मैंने कहा कि फिर भी तो आप एकदम दूर भाग रही हो.. में कह तो रहा हूँ हमारा थोड़ी दूर का साथ है क्यों ना हम मज़ा लेते है? तो वो बोली कि यार अब क्या बताऊँ? उसको पेलने की इच्छा दिनों से है मित्रों

 अच्छा चुदाई चाहे जितनी कर साला फिर भी लैंड नहीं मनता मित्रों फिर मैंने कहा कि कुछ मत बताओ.. बस मेरे और करीब आ जाओ. वो मेरे लंड को पकड़े हुए थी.. में उठा और मेरा लंड उसके गालो पर रगड़ गया और मैंने कहा कि देखो यह अपने आप अपनी राह में जा रहा है प्लीज़ आंटी. तो वो चिल्लाकर बोली कि छुओ मत मुझे.. तो मैंने कहा कि सॉरी. वो नशे में थी और में उसकी जाँघो के ऊपर बैठ गया और दोनों पैर आसपास कर लिए और उनके कंधे पर हाथ रखकर चूमने लगा. मुझे उनके एकदम चिकने गाल चूमने में बहुत मज़ा आ रहा था और में अपना एक हाथ उसकी सलवार में ले गया. मित्रों मेरा तो मानना है जब भी चुत मारनी हो बिना कंडोम के ही मारो तभी ठीक नहीं सब बेकार.

उसके बूर की गहराई में जाने के बाद क्या मजा आया मित्रों  जैसे उसके चुत में माखन भरा हो फिर उनकी गरम चूत पर फेरने लगा और मैंने महससू किया कि उनकी चूत एकदम गीली हो गई थी. शायद वो अब मूड में आ गई. तो मैंने मौका देखकर धीरे से सलवार को नाड़ा खोला और धीरे से उनकी सलवार को नीचे किया. तो वो बोली कि रूको और मुझे अपने ऊपर से हटाकर खुद ही अपनी सलवार पेंटी नीचे सरकाने लगी और उसकी चूत पर हल्के हल्के बाल थे.. मैंने उनसे कहा कि प्लीज हिलना मत और वो ऊपर की बर्थ को पकड़कर खड़ी हो गई. उसको देखने बाद साला चुदाई भूत सवार हो जाता मित्रों.

 मुझे तो कभी कभी चुदाई का टाइफिड बुखार हो जाता है और जब तक चुदाई न करू    तब तक ठीक नहीं होता  मैंने उसके सूट को हटाया और अपने ऊपर ढक लिया और उसकी चूत चाटने लगा. उनकी चूत का बहुत नमकीन पानी था और मैंने अपनी जीभ से उसकी चूत को चाट चाटकर साफ कर दिया और अब में फुल मूड में था और में उसके आगे से हटकर पीछे की तरफ गया और उसके चूतड़ो को फैलाया और बीच में मुहं करके उसकी चिकनी गांड को चाटने लगा और वो चुपचाप मज़ा ले रही थी एक बात और मित्रों चुत को चोदते समय साला पता नहीं क्यों नशा सा हो जाता बस चुदाई ही दिखती है.

 उह यह उसकी नशीली आँखे में एक दम  चुदकड़ अंदाज है फिर में ऊपर उठा और पीछे से उसके चूचिया को पकड़कर दबाने लगा. उसके इतने बड़े चूचिया थे कि वो मेरे हाथ में नहीं आ रहे थे और ऊपर से उसकी गांड का साईज़ भी कम नहीं था. तो में उसके कंधे को चूमते हुए बोला कि वाह क्या मस्त फिगर है तुम्हारा.. तुम्हे चोदने में बहुत मज़ा आएगा और तुम्हारे जैसी औरतें ही लड़को के लंड की राते रंगीन करती है. मित्रों देखने से लगता है की वो पका चोदा पेली का काम करती होगी.


 मित्रों चुत को चाटेने के  समय उसके बूर के बाल मुँह में आ रहे थे वो बोली कि ज़्यादा मत बोलो.. मैंने अपने लंड को सेट किया और दोनों कूल्हो के बीच करके आगे की तरफ हुआ और कहा कि में सच कह रहा हूँ.. देखो मेरा लंड अपने आप अपनी जगह पर चला जा रहा है. फिर वो अपना एक हाथ पीछे की तरफ लाई और एकदम से लंड को पकड़कर अपनी चूत के पास कर लिया और बोली कि इसकी जगह यहाँ पर है. तो मैंने कहा कि हाँ यह अपना रास्ता भटक गया था फिसल गया था. वो क्या है कि आपके जैसी चिकनी चूत साथ में हो तो यही होगा. मित्रों मुझे तो कभी कभी चुत के दर्शन मात्र से खूब मजा आता क्योकि मई पहले बहुत बार अपने मौसी के लड़की  को बिना पैंटी के देखा था  वाह क्या मजा आया था.


 अब चुदाई करने को  १००% तैयार थी   मैंने मुहं से सईईईईईई कहा और लंड को चूत में सटाकर आगे कर दिया. लंड अंदर जाते ही वो सईईईईईईईइ आआहहह उह्ह्ह्ह सिसकियाँ लेने लगी और मैंने एक धक्के में लंड को पूरा ही अंदर कर दिया. वो नशे में सम्भल ना पाई और गिरने लगी तो नीचे बैठने वाली पट्टी को पकड़ लिया और ऐसे में उसका चूतड़ और अच्छे से खुल गया. मन कर रहा था कब इसे चोद लू मेरा लंड समझने  को तैयार नहीं था.

 अब बिना चुदाई के रह नहीं सकता था मित्रों मै पागल सा हो गया तो मैंने उसकी तारीफ की.. आपका यह पोज़ तो लाजवाब है और में कमर पकड़ कर चोदने लगा वो आअहहा अह्ह्ह्हह आईईईई आह्ह्ह करने लगी. तो थोड़ी देर बाद मैंने कहा कि आपको क्या दर्द हो रहा ऐसे? ओह ओह ओह है कब लंड को घुसा दू ऐसा लग रहा था मित्रों.

 मॉल था चुदाई के लायक  वो हाँ बोली और में पीछे से अलग हुआ और नीचे लेट गया.. मेरा लंड सीधा खड़ा था. वो अपना सूट दोनों हाथों में पकड़कर मेरे लंड पर चूत रखकर बैठ गई. पूरा लंड फिसलकर अंदर घुस गया वो आआआहह उह्ह्ह्ह बोली और मेरी छाती पर दोनों हाथ रखकर आगे पीछे होने लगी और ट्रेन के हिलने के कारण उससे ज़्यादा हिलना नहीं हो रहा था.

 मैंने सोचा पेलुँगा जरूर  कभी न कभी मैंने उसके दोनों चूचिया को पकड़ा और कहा कि थोड़ा ऊपर हो जाओ वो ऊपर की तरफ हुई तो में नीचे से धक्के देकर ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा.. ठप ठप फक फक की आवाज़ और उसकी सिसकियों की आवाज़ आने लगी. तो में चोदने से मस्ती में आ गया था और वो जोश में आकर चुद रही थी.. लेकिन में थोड़ी देर ही चोद पाया. फिर वो बोली कि मेरे पैर दर्द हो रहे.. तो मैंने उसको पकड़ा, नीचे लेटाया और फिर से लंड को चूत में डालकर चोदने लगा और दोनों चूचिया को तो में ज़ोर ज़ोर से दबा रहा था और वो ओह्ह्हह्ह्ह्ह सीईईईईइ आह्ह्ह्ह कह रही थी. माल चुदाई के लिए तड़प रही थी मित्रों.


 चोदने के बाद थोड़ा रिलेक्स हुआ भाइयो क्या गजब मजा जब माल अच्छा हो तो कौन नहीं  चोदना चाहेगा  है न मित्रों आया फिर मैंने कहा कि आप अपनी गांड में ले लो.. लेकिन उसने एकदम साफ मना कर दिया. तो मैंने सोचा कि चूत मिल रही है तो इसी को चोदो.. में ताक़त वाले धक्के मारने लगा.. तब जाकर उसके मुहं से निकला आह्ह्ह्हह कितना बड़ा लंड है.. चोदो मुझे और में जोश में आकर चोदने लगा और कुछ ही देर में मुझे लगने लगा कि मेरा काम तमाम होने वाला है और मैंने कहा कि तुम बहुत चुदकड़ हो और तुम्हारी चूत में जन्नत है और वो आह्ह्ह्ह उह्ह्हह्ह कहने लगी. तभी मैंने अपना लंड निकाला तो तुरंत ही पिचकारी निकली उसके सूट पर गिर गई और मैंने उसके पूरे सूट पर ही वीर्य गिरा दिया. सेक्स करते समय बहुत मजा आया था मित्रों.

 उसके ओठ रसीले थे मित्रों मॉल गजब था मित्रों वो बोली कि ओह तुमने मेरा सूट खराब कर दिया और फिर मैंने कहा कि जो मज़ा दिया उसके आगे सब चलेगा. तो वो मेरे नीचे से हटी और में अपने कपड़े पहने लगा कि अब उसका नशा उतर गया था. उसके लिप्स की चूसै यू ही चलती रही  मित्रों.

 मित्रों वो मदहोस थी चुदाई के लिए तो वो उठी अपना बेग खोला और जल्दी से सूट निकाला और अपना सूट उतारा. मैंने उस वक़्त उसकी सुन्दरता देखी वो गजब की औरत थी.. में आगे गया और मैंने उसको पकड़ लिया और उसकी पीठ पर किस किया और कहा कि तुम पूरे विश्व की सबसे चुदकड़ औरत हो. फिर वो कपड़े पहन कर बैठ गई और मैंने कहा कि धन्यवाद.. वो चुप रही. फिर वो बोली कि अब कुछ करने की कोशिश मत करना.. तो में दूर हो गया और उसके बूब्स क्या मस्त थे मित्रों अब मै क्या कहु मित्रों  अपनी जगह पर आकर लेट गया. मुझे पता नहीं चला कब नींद आ गई और सुबह जब उठा तो ट्रेन रुकी हुई थी और वो उतरने जा रही थी. में झट से उतरा और उसके पास जाकर खड़ा हुआ.. लेकिन वो मुझे मैंने तय किया की चोद कर ही दम लूंगा  मुझे बूर की मादक खुसबू आ रही थी जो मुझे पागल कर रहे थे.

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