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सोनू दीदी का रिटर्न गिफ्ट

Posted on:- 2021-08-12


मित्रों मै आप सब का हार्दिक अभिनंदन करता हु अपने बूर फाड् चुदाई की स्टोरी में. मेरा नाम शान  है और मेरी यह पहली चोदा पेली कहानी है और यह मेरा पहला चोदा पेली अनुभव भी है. मैं इस साईट का पुराना पाठक हूँ.. लेकिन पहले मैं अपने बारे में आप सभी को बता दूँ कि मैं गुणगाव का रहने वाला हूँ और मेरी उम्र 18 साल है. मेरी हाईट 5.8 इंच है. मेरी अच्छी हेल्थ है और मेरा लंड 5 इंच का है.. मेरा कलर थोड़ा साँवला है दिखने में एवरेज हूँ.. लेकिन बहुत लोग मुझे मेरे फ्रेंड्ली नेचर के कारण बहुत पसंद करते है. दोस्तों.. मेरे पड़ोस में एक लड़की रहती है और उसके माँ बाप की अकेली लड़की होने के कारण वो बड़े प्यार में पली बढ़ी है और घर में अकेली होने के कारण वो हमेशा मेरे साथ खेलती थी. वो मुझसे तीन साल बड़ी है.. इसलिए मैं उसे दीदी बुलाता हूँ. सब लोग उसे प्यार से सोनू बुलाते है.. वो बहुत ही गोरी, हेल्थी और सुंदर है.. अभी वो इंजिनियरिंग कर रही है इसलिए वो कॉलेज के होस्टल में रहती है. सब कैसे है,क्या हाल चाल मित्रों कैसे है आप सब आशा है अच्छे होंगे और चुदाई के जुगाड़ में होंगे.


 दोस्तों क्या मॉल थी उसकी चुची पीकर मजा आ गया अब मैं अपनी कहानी पर आता हूँ. दोस्तों.. यह बात कुछ दिन पहले की है 12 अप्रेल 2015 को उसका जन्मदिन था और जन्मदिन मानने के लिए वो अपने घर आई थी और हर साल उसके जन्मदिन पर मैं उसे कुछ गिफ्ट देता था.. लेकिन इस साल मुझे पता नहीं मैं कैसे गिफ्ट लाना भूल गया? फिर वो मुझसे मिलने मेरे घर आई.. तो मैंने जब दरवाजा खोला वो मुझसे लिपट गई और मुझे ज़ोर से गले लगाया. उसके बूब्स मेरी छाती से दब रहे थे और मैं उसके करारे निप्पल को महसूस कर सकता था. दोस्तों.. पहली बार उसने मुझे इतने ज़ोर से गले लगाया था और फिर मैंने उसे घर के अंदर बुलाया.. उस समय हम दोनों के माता पिता ऑफिस गए हुए थे. फिर उसके बूब्स महसूस करने के बाद मेरी नज़र उसके लिए एकदम बदल गई.

 मै एक नंबर का आवारा चोदा पेली करने वाला  लड़का हु मुझे लड़किया चोदना अच्छा लगता है मैं उसके साथ बात करते वक़्त मैं कभी उसके बूब्स की तरफ तो कभी गांड की तरफ देखता और पिछली बार जब वो आई थी तब से उसमें बहुत बदलाव आए थे.. वो एकदम माल बन गई थी.. उसका फिगर करीब 34-22-36 होगा और उसकी गांड तो बहुत नशीली लग रही थी और वो गर्मी का मौसम था इसलिए मैं बरमूडे में ही था और बनियान भी नहीं पहनी थी. लेकिन उसके सामने ऐसा मेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं थी क्योंकि उसका लगभग सारा बचपन मेरे ही घर में गुज़रा था. उसने भी हल्के कपड़े पहने हुए थे सफेद रंग की बिना बाह की टॉप स्लिप और काले रंग की केप्री.. वो टाईट कपड़े मेरे प्यारे दोस्तो चुची पिने का मजा ही कुछ और है  उसकी सुंदरता पर और भी चार चाँद लगा रहे थे. वो मेरे साथ बहुत खुल कर बातें करती थी इसलिए उसने थोड़ी देर के बाद मुझसे कहा कि मेरा गिफ्ट कहाँ है?

मैं : मुझे माफ़ करना दीदी.. इस साल मैं पता नहीं कैसे भूल गया? पढ़ाई के दबाव के कारण मैं तो अपने खुद का भी जन्मदिन भूल गया था.

सोनू : नकली नाराज़गी जताते हुए बोली कि जाओ मैं तुझसे बात नहीं करती.

 ये कहानी पढ़ कर आपका लंड खड़ा नहीं हुआ तो बताना  लड खड़ा ही हो जायेगा मैं : ऐसा मत कहो सोनू दीदी.. अच्छा ठीक है मैं तुम्हारे लिए मेरी गिटार पर गाना बजाता हूँ. तो यह सुनकर वो बहुत खुश हुई और मैंने हैप्पी बर्थ डे का गाना बजाया और उसकी आँखे भर आई और वो कहने लगी. यह मेरा सबसे अनमोल गिफ्ट है और यह कहकर उसने मुझे मेरे गालों पर ज़ोर से किस किया. तो मुझे बहुत अच्छा लगा और फिर मैंने उससे कहा कि मेरे लिए भी तुम्हारी किस सबसे अनमोल रिटर्न गिफ्ट थी. तभी यह बात सुनकर वो मेरे तरफ देखती ही रह गई और फिर से मेरे दूसरे गाल पर किस किया. दोपहर के वक़्त गर्मी बढ़ गई थी इसलिए मैंने कहा कि चलो बेडरूम में चलते है.. AC चलाकर आराम से बातें करते है. दोस्तों चुत छोड़ने के बाद सुस्ती सी आ जाती है

 क्या बताऊ दोस्तों  उसको देखकर किसी लैंड टाइट हो जाये फिर हम बेडरूम में गए और मैंने AC चलाया और बेड पर बैठकर बातें करने लगे और मैं उसके प्राईवेट पार्ट्स की तरफ देख रहा था और यह शायद उसने भी देख लिया था. वो थोड़ी बोल्ड होते हुए कहने लगी और बता अभी तक छवि को पटाया या नहीं? तो यह बात सुनकर मैं चकित हो गया और मैंने कहा कि नहीं और ऐसी कोई बात नहीं है और मैंने वही सवाल उसको पूछा. तो उसने जवाब मैं सिर्फ़ मुस्कुरा दिया और उसने मेरा मोबाईल फोन लिया और कहा कि तेरे मोबाईल की तलाशी लेती हूँ.. कोई ना कोई तस्वीर तो होगी उसकी. दोस्तों मने बहुत सी भाभियाँ चोद राखी है


 दोस्तों क्या मलाई वाला माल लग रहा था मैंने फिर कहा कि जितना चाहे ढूँढ लो.. लेकिन कोई तस्वीर नहीं मिलेगी.. लेकिन मेरे दिमाग़ से निकल ही गया कि मेरे मोबाईल में ढेर सारी ब्लू फिल्म है और वो उसे थोड़ी देर के बाद मिल भी गई. तो उसने मेरी तरफ देखा और कहा कि बच्चा अब बड़ा हो गया.. तो मैंने उसकी तरफ ऐसे देखा जैसे मुझे कुछ पता है नहीं. तो उसने फिर कहा कि इतने भोले मत बनो.. आधे से ज़्यादा मेमोरी तो ब्लू फिल्म्स से ही भरी है. शायद यह सब करके भी तुम्हारा हो गया होगा. तो मैंने नकली नाराज़गी दिखाते हुए कहा कि नहीं अब तक कोई मिली ही नहीं इसलिए सिर्फ़ यह फिल्म देखता हूँ और कभी कभी हिला लेता हूँ. चुदाई की कहानी जरूर सुनना चाहिए मजे के लिए.


 साथियो की पुराणी मॉल छोड़ने का मजा ही कुछ और है तो यह बात सुनकर वो हंसने लगी और उसने एक सेक्सी स्माईल देते हुए कहा कि आज के बाद मुझे सिर्फ़ सोनू बुलाना.. सोनू दीदी नहीं. तो मैं बहुत हैरान रह गया और उसने फिर कहा कि आज मैं तेरे इतने अच्छे जन्मदिन गिफ्ट का तुझे रिटर्न गिफ्ट देने जा रही हूँ. फिर उसने AC को 18 डिग्री पर सेट किया और धीरे धीरे मेरे ऊपर बढ़ने लगी.. फिर मैंने उससे पूछा कि तुम क्या करने वाली हो दीदी? तो उसने जवाब में कहा कि वही जो तू करना चाहता है.. लेकिन आज तक सिवाए हिलाने के अलावा और कुछ कर नहीं पाया और मैंने कहा कि आज से मैं तुझे सिर्फ़ सोनू बुलाउंगा. अब सुनिए चुदाई की असली कहानी.

 दोस्तों एक बार चोदते  चोदते  मेरा लंड घिस गया फिर ऐसे कहकर उसने बरमूडे के ऊपर से मेरा लंड पकड़ लिया और वो मेरे लंड को सहलाने लगी.. ऐसा एहसास मैं पहली बार महसूस कर रहा था और मुझे समझ में आया कि आज तक मैं क्या मिस कर रहा था? मेरा लंड सहलाते हुए वो मुझे किस करने लगी. वो पूरी तरह से मेरे ऊपर चड़कर मेरे ऊपर लेट गई और अब मैं तो जन्नत की सवारी कर रहा था. फिर मैंने मेरी जीभ उसके मुहं में डालकर किस करने लगा और करीब 10 मिनट तक हम एक दूसरे को चाटते रहे.. तो उसने मेरे पूरे चहरे को, गले को और छाती को चाटा. फिर वो उठी और मेरे बरमूडे और अंडरवियर को उतारने लगी.. तो मैंने भी उसके टॉप और केप्री को उतारकर बेडरूम के कोने में फेंक दिया.. तभी मैंने देखा कि उसने ब्रा और पेंटी दोनों ही नहीं पहनी थी और उसकी चूत बहुत गुलाबी थी और उस पर एक भी बाल नहीं था.. लेकिन मेरे लंड पर बहुत झांटे थी. वहा का माहौल बहुत अच्छा था  मित्रों.

 दोस्तों उस लड़की मैंने चुत का खून निकल दिया तभी उसने कहा कि अभी तो सिर्फ़ 12 बजे है.. और हमारे पास पूरा दिन पड़ा है तो मैं पहले तुम्हारे लंड की शेविंग कर देती हूँ और यह कहकर उसने मेरा शेविंग किट लिया और मेरे लंड को चिकना बना दिया और गांड के भी बाल भी साफ कर दिए और अब हम पूरी तरह से तैयार थे. तो मैं उसके बूब्स पर पागलों की तरह टूट पड़ा और किसी भी लड़की के बूब्स मुझे बहुत ज़्यादा प्रभावित करते है और उसके दोनों बूब्स को मैं मसल रहा था और चाट भी रहा था. फिर करीब 10 मिनट के बाद उसने कहा आहह शान .. मेरे बदन पर बूब्स के वहा जबरजस्त माल भी थी मित्रों.
अलावा बहुत सारी जगह है तू क्या कब से एक ही जगह पर लगा हुआ है? तो मैंने कहा कि रुक जा जानेमन यह दिन फिर से सीधा अगले साल बाद ही आएगा और मुझे आज रोक मत. तो मैं बूब्स से धीरे धीरे नीचे आने लगा. दोस्तों चोदते चोदते चुत का भोसड़ा बन गया.

 ऐसे माहौल कौन नहीं रहना चाहेगा मित्रों  मैंने उसकी चूत पर अटैक किया और जैसे ही मैंने अपनी जीभ को उसकी चूत के अंदर घुसाया.. वो बहुत ज़ोर ज़ोर से सिसकियां लेने लगी और जैसे ही मैं जीभ से चाटता वो तरह तरह की आवाज़े निकालती रही.. आअहह उफ्फ्फ शान  तू बहुत अच्छा चाटताआआ है उहह. फिर बहुत गरम होने पर भी मैं उसकी चूत को चोदने का नाम ही नहीं ले रहा था. तो उसने ही कहा कि तू कब तक चाटेगा? मुझे भी एक बार तेरा लंड चूसना है.. एक काम करते है 69 पोज़िशन ट्राई करते है. तो मैं बहुत खुश हो गया और हम दोनों 69 पोज़िशन में एक दूसरे के जिस्म के सभी अंगो को चाट रहे थे. दोस्तों एक बार मैंने अपने गांव के लड़की जबरजस्ती चोद दिया.


 उह क्या मॉल था मित्रों गजब  वो गहरी सकिंग में बहुत माहिर थी और हमें 18 डिग्री में ऐसे गरमा गरम खेल खेलने में बड़ा मज़ा आ रहा था. फिर जैसे ही उसकी चूत मेरी जीभ के पास आ रही थी.. वो चिल्लाने लगी आआहह उफ्फ्फ मैं झड़ने वाली हूँ और तभी हम दोनों एक के बाद एक झड़ गये.. सिर्फ़ अपने हाथ से लंड को हिलाने से जो सन्तुष्टि मिलती थी यह उससे भी कई गुना ज़्यादा बड़ी सन्तुष्टि थी और थोड़ी देर के लिए हम वैसे ही लेटे रहे और थोड़ी देर ताजगी के लिए मैंने हम दोनों के लिए ड्रिंक बनाया और फिर ड्रिंक लेने के बाद हमारी खोई हुई शक्ति वापस लौट आई और हम फिर से जबरदस्त कामुकता के भूखे बन गये. तो मैंने उसे बेड पर धकेल दिया और मेरा लंड उसकी चूत के दरवाजे पर रगड़ने लगा.. वो फिर से आवाज़े निकालने लगी और जैसे ही मैंने ज़ोर से धक्का देकर लंड को उसकी चूत होल में घुसेड दिया.. तो वो बहुत ज़ोर से चीख पड़ी. तभी मैंने तुरंत उसके मुहं पर अपना मुहं दबा दिया ताकि उसकी आवाज़ घर के बाहर ना जा पाए. मेरा तो मन ही ख़राब हो जाता था मित्रों .


 क्या बताऊ दोस्तों मैंने चुदाई हर लिमिट पार कर दिया फिर मैं उसे पहले धीरे धीरे चोदने लगा और हम दोनों जन्नत की सैर कर रहे थे. तभी मैंने उससे पूछा कि कैसा महसूस हो रहा है जानेमन? तो उसने कहा कि एकदम सही काम हो रहा है तू मुझे बस चोदता रह. फिर बहुत देर तक चोदने के बाद मैंने उसे कुतिया की तरह खड़ा होने को कहा और उसकी गांड में लंड डाला.. तभी मुझे और उसे बेहद दर्द होने लगा.. क्योकि उसकी गांड बहुत कसी हुई थी और शायद मैं पहला लड़का था जो उसकी गांड मार रहा था. तो उसे गांड मरवाना बिल्कुल सहन नहीं हुआ तो उसने रोते हुए  कुछ भी  हो माल एक जबरजस्त था कहा कि आहह बहुत दर्द हो रहा है प्लीज़ मेरी गांड मत मारो.. चूत चाहे जितनी मर्ज़ी मारो और फिर उस दिन उसका जन्मदिन था इसलिए मैंने उसकी बात मान ली और अपना लंड बाहर निकाल लिया. फिर मैंने उसे अपने ऊपर लेटाया और उसे नीचे से चोदने लगा पूरा बेडरूम उसकी आअहह उफ्फ्फ माँ मरी आअहह उऊयी माहह अह्ह्ह से भर गया था. उसको देखकर  किसी का मन बिगड़ जाये.

 दोस्तों मैंने किसी भाभी को छोड़ा नहीं है फिर वो बोली कि आज तो तू मुझे मार ही डालेगा और मैं दोबारा झड़ने वाली हूँ शान  अहह. फिर उसकी चुदाई के वक़्त मेरे लंड को गरम महसूस हुआ और मैं समझ गया कि वो झड़ गई है और मैंने मेरा लंड चूत से बाहर निकाला.. लेकिन मेरा काम अभी तक हुआ नहीं था इसलिए मैंने उसके बाल पकड़े और उसका मुहं मेरे लंड की तरफ लाया और उससे मेरा लंड फिर से चुसवाया.. लंड उसके गले तक जा रहा था.. लेकिन उसने मुझसे कोई शिकायत नहीं की और मैं उसके मुहं मैं ही झड़ गया. तो उसने बड़े चाव से मेरा वीर्य पी लिया और अब हम बहुत थक गये थे.. तो उसे बाहों मैं भरकर मैंने उसे किस किया. तभी उसने पूछा कि कैसा लगा मेरा रिटर्न गिफ्ट? तो मैंने कहा कि ऐसा था जैसे मैंने तुझे एक चॉक्लेट दी और तूने रिटर्न में मुझे बहुत सी चॉक्लेट दी. तभी यह बात सुनकर हम दोनों ज़ोर से हँसने लगे.. उह भाई साहब की माल है उसकी चुत की बात ही कुछ और है.

 दोस्तों एक बार स्कूल में चुदाई कर दिया बड़ा मजा आया हमारा बदन पसीना और एक दूसरे के थूक के कारण चिपचिपा हो गया था. तो हम दोनों ने साथ शावर लिया शावर में उसने मुझे फिर से किस किया और मेरा लंड भी सहला दिया. फिर एक दूसरे के सूखने के बाद हम हॉल के आकर बैठे और बहुत लंबी एक्सर्साईज़ के कारण हमे बहुत भूख लगी थी इसलिए हमने शाम को चाय और नाश्ता किया और अब 6 बज चुके थे और दोनों के पेरेंट्स आ गए थे. फिर शाम को एक होटेल में डिनर का प्रोग्राम बना.. क्योंकि हम दोनों में कुछ भी काम करने की हिम्मत नहीं थी और डिनर के बाद घर आते वक़्त हमने वादा किया कि हर साल उसका अब हम इसी तरह जन्मदिन मनाएगें और अब हमे अगले साल का इंतजार है .. दोस्तों चोदते  चोदते  कंडोम के चीथड़े मच गए एक बार मैंने अपने मौसी की लड़की को जबरजस्ती चोद दिया.

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