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रंडियों की कोचिंग

Posted on:- 2021-08-07


नमस्कार मित्रों और सुनाइए कैसे आप सब .. में एक लड़कियों के स्कूल में सरकारी टीचर हूँ और आज में अपनी जिंदगी का सबसे खूबसूरत लम्हा आप लोगों को बताने जा रहा हूँ. मुझे वो दिन आज भी याद है जब में BCA  पार्ट Ist ईयर की पहली क्लास लेने गया. एक लड़की फर्स्ट बेंच पर बैठी हुई थी. उसकी उम्र का आप लोगों ने अंदाजा लगा ही लिया होगा.. वो लगभग 22-23 साल कि थी लेकिन.. मैंने ज्यादा उसकी तरफ ध्यान नहीं दिया.. लेकिन अगले दिन वो मुझसे मिलने मेरे डिपार्टमेंट में कुछ दोस्तों के साथ आई. उसने उस दिन पिंक कलर का सलवार सूट पहना हुआ था.. वो उतनी खूबसूरत तो नहीं थी.. लेकिन उसकी आँखों में जबरदस्त काम इच्छा  झलकता था. मैंने पूछा कि क्या बात है? दोस्तों क्या मॉल थी उसकी चुची पीकर मजा आ गया.


वो – सर हम लोगों का BCA पार्ट Ist ईयर में एक पेपर खराब हो गया है. प्लीज.. आप हम लोगों को कोंचिग पढ़ा देंगे?

में – में कोंचिग घर पर नहीं पढ़ाता हूँ.

वो – क्यों सर? मेडम से डर लगता है क्या?

में – नहीं.. बस उसे मेरा लड़कियों को घर पर बुलाना अच्छा नहीं लगता है. में आप लोगों को कॉलेज में ही पढ़ा दिया करूँगा.

वो – लेकिन.. सर हम लोगों को वहां पढ़ने में प्रोब्लम है बाकी लड़कियाँ क्या कहेंगी?

में – तब तो में तुम्हें नहीं पढ़ा सकता.

वो – सर एक काम करिये में शाम को सभी को अपने घर पर बुला लेती हूँ आप मेरे घर पर ही पढ़ा दीजिये.

में – ठीक है.

 मै एक नंबर का आवारा चोदा पेली करने वाला  लड़का हु मुझे लड़किया चोदना अच्छा लगता है अगले दिन में सुनीता के घर ठीक 5 बजे गया.. वहां पहले से उसकी पाँचो फ्रेंड एक से बढ़कर एक ड्रेस पहने बैठी हुई थी. लगता था घर में कोई नहीं था. मैंने कहा कि आज तो तुम लोग बहुत ही खूबसूरत लग रही हो.. तो सुनीता बोली सर, सबसे खूबसूरत कौन लग रहा है? में बोला कि ये बताना बहुत मुश्किल है.. में क्लास के बाद बताऊंगा. मेरे प्यारे दोस्तो चुची पिने का मजा ही कुछ और है.

 ये कहानी पढ़ कर आपका लंड खड़ा नहीं हुआ तो बताना  लड खड़ा ही हो जायेगा फिर पढ़ाते हुये मैंने गौर किया कि सुनीता की ड्रेस ऐसी थी कि उसमें से उसकी चूचीयों का लगभग 50% भाग दिख रहा था. वो बार बार मेरी आँखों की तरफ देख रही थी. वो जान गई थी कि में उसकी चूचियों को देख रहा हूँ. उसके गाल एकदम लाल हुये जा रहे थे. वो उठी और अपने रूम में चली गई.. मेरी क्लास उस दिन ख़त्म हो गई. दोस्तों चुत छोड़ने के बाद सुस्ती सी आ जाती है.

 क्या बताऊ दोस्तों  उसको देखकर किसी लैंड टाइट हो जाये में अगले दिन डर से उसके घर नहीं गया और वो भी उस दिन कॉलेज नहीं आई थी. दूसरे दिन उसकी दोस्त शिवानी ने पूछा कि सर कल आप क्यों नहीं आयें थे? मैंने बोला कि आज आऊंगा.. तो वो बोली कि सर आज सुनीता ने आपको लंच पर बुलाया है.. आप आज थोड़ा जल्दी चल जाना हम लोग 5 बजे आयेंगे. मैंने बोला कि तुम साथ में रहोगी तब ही हम लंच पर जायेंगे. दोस्तों मने बहुत सी भाभियाँ चोद राखी है.


 दोस्तों क्या मलाई वाला माल लग रहा था शिवानी बोली सर आप लोगों के बीच में मेरा क्या काम? सुनीता ने केवल आपको ही बुलाया है. में सुनीता के घर दोपहर के 3 बजे गया बेल बजाने के बाद सुनीता ने जब दरवाजा खोला तो मेरे  चुदाई की कहानी जरूर सुनना चाहिए मजे के लिए…
 होश ही उड़ गये.. वो एक पिंक रंग की छोटी सी फ्रॉक पहने हुई थी. उस ड्रेस के बारे में क्या बताऊँ? बस यही सोचो कि उस ड्रेस पर ऊपर से उसकी चूचीयों का पूरा का पूरा साइज़ पता चल रहा था. साथियो की पुराणी मॉल छोड़ने का मजा ही कुछ और है.


 अब सुनिए चुदाई की असली कहानी उसने मुझे अंदर बुलाया और दरवाजे को अच्छी तरह से बंद कर दिया. हम लोग थोड़ी देर सोफे पर अगल बगल बैठकर उसकी और उसकी फ्रेंड के बारे में बात करने लगे और अब हम लोग अब थोड़ा घुल मिल गये थे. फिर उसने किचन में जाकर मुझे आवाज़ दी.. तो में किचन में गया और वो बोली कि सर प्लीज़ थोड़ी कुर्सी पकड़ो ना.. मुझे ऊपर से अचार उतारना है और वो जब ऊपर चढ़ी तो उसकी काली पेंटी मुझे साफ दिखने लगी.. दोस्तों एक बार चोदते  चोदते  मेरा लंड घिस गया

 वहा का माहौल बहुत अच्छा था  मित्रों वो बोली सर क्या कर रहे हो? में गिर जाऊंगी तो में शरमा गया और बोला कि कुछ नहीं. फिर हम भोजन कर रहे थे.. तो वो बोली कि सर भोजन अच्छा नहीं बना है क्या? मैंने कहा कि नहीं मटन तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा है.. वो प्लेट में से मटन थोड़ा और मुझे देने लगी कि इतने में थोड़ा सा मटन मेरी शर्ट के ऊपर गिर गया वो सॉरी बोलकर मेरी शर्ट को पोंछने लगी..

में उसके इतने नज़दीक के स्पर्श से ही उत्तेजित हो गया.. मेरा लंड खड़ा हो गया. भोजन के बाद वो बोली कि सर आपकी शर्ट में धो देती हूँ. दोस्तों उस लड़की मैंने चुत का खून निकल दिया
 वहा जबरजस्त माल भी थी मित्रों मैंने कहा कि नहीं कोई बात नहीं है छोड़ दो.. वो बोली कि नहीं सर मेरे दोस्त लोग क्या कहेंगे? लाइयें ना उन लोगों के आने में अभी लगभग 2 घंटे हैं. इतनी देर में सूख जायेगी और वो मेरी शर्ट का बटन खोलने लगी. मुझे तो लगा कि अब मेरा पानी निकल जायेगा.. वो मुझे बेड पर आराम करने को कहकर बाथरूम में चली गई. बाथरूम में शर्ट को धोने से उसका भी फ्रॉक भीग गया था. वो रूम में आई तो में उसको देखता ही रह गया. दोस्तों चोदते चोदते चुत का भोसड़ा बन गया.

 ऐसे माहौल कौन नहीं रहना चाहेगा मित्रों मैंने बोला कि तुम तो पूरी भीग गई हो.. ड्रेस चेंज कर लो.. उसने बोला कि सर तुरंत सूख जायेगी और वो मेरे बगल में बैठ गई. मेरा तो मन कर रहा था कि उसके दोनों बूब्स कस कर पकड़ लूँ.. क्योंकि दोनों बूब्स एकदम बाहर निकलने को बेताब लग रहे थे और बाहर से भी दिख रहे थे.
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मुझसे उसने पूछा कि सर आप क्या देख रहे हैं? तो मैंने कहा कि कुछ नहीं.. तो उसने कहा कि सर इतने तो ये अच्छे नहीं है कि आप इसको एकदम ख़ाने के लिये बेताब हो रहे है. दोस्तों एक बार मैंने अपने गांव के लड़की जबरजस्ती चोद दिया.

 उह क्या मॉल था मित्रों गजब मैंने कहा कि यदि तुम मुझे इसे दे दो तो में लगभग 2 घंटे तक इसको चूसता रहूँ.. वो बातों ही बातों में मेरी पत्नी के बारे में पूछने लगी. फिर उसने कहा कि सर लगता है कि आप डेली पैसेंजर है. मैंने कहा कि मतलब? तो वो बोली कि सर इतने भोले मत बनिये.. मेरा तो मन ही ख़राब हो जाता था मित्रों.

 क्या बताऊ दोस्तों मैंने चुदाई हर लिमिट पार कर दिया मैंने पूछा कि आप मेडम के साथ रोज करते हैं क्या? मैंने कहा कि मुझे तो रोज सुबह और शाम को चाहिये ही चाहिये.. इन शब्दों के बोलने के बाद मेरी तो हिम्मत बड़ गई. मैंने फिर पूछ ही डाला लगता है कि क्या तुम्हे भी इसका बहुत अनुभव है? तो वो बोली सर सच बोलूं तो मुझे अभी तक तो अनुभव नहीं है.. लेकिन मेरी एक ही आदत है कि में रोज रात में ब्लू फिल्म देखकर ही सोती हूँ. कुछ भी  हो माल एक जबरजस्त था.

 उसको देखकर  किसी का मन बिगड़ जाये  मैंने इतना सुनते ही उसके कंधे पर अपना हाथ रख दिया और उसने मेरी बाहों में अपना सिर रख दिया. मैंने कहा कि एक फिल्म दिखाऊँ और में भी देख ही लूँ.. में झट से उठा और अपना लेपटॉप चालू कर दिया. थोड़ी देर देखने के बाद मैंने उसकी फ्रॉक के ऊपर हाथ रख दिया.. इसके बदले उसने मेरे खड़े लंड के ऊपर हाथ रखकर मुझे और गर्म कर दिया. दोस्तों मैंने किसी भाभी को छोड़ा नहीं है..

 उह भाई साहब की माल है उसकी चुत की बात ही कुछ और है मैंने पूछा कि कोई आयेगा तो नहीं ना.. तो वो बोली की नहीं. में तुरंत उठा और अपनी पेंट उतार कर फेंक दी और उसकी फ्रॉक ऊपर से खोलकर फेंक दी. ये सब इतना जल्दी हुआ कि वो कुछ बोल ही नहीं सकी. उसने अपने दोनों हाथों से अपने दोनों बूब्स छिपाने की कोशिश की.. लेकिन मैंने कहा कि अब तो अपना दूध पिला दो. उसने कहा कि मना किसने किया है जल्दी से पी लो और अपने हाथ से मेरे लंड को पकड़कर आगे पीछे ब्लू फिल्म जैसे करने लगी. दोस्तों एक बार स्कूल में चुदाई कर दिया बड़ा मजा आया.


दोस्तों चोदते  चोदते  कंडोम के चीथड़े मच गए तभी उसकी फ्रेंड का फोन आ गया.. तो उसने अपनी फ्रेंड से बोला कि अभी डिस्टर्ब मत करो.. जो वो चाहती थी वो मुझे मिल रहा है. में समझा नहीं कि वो अपनी फ्रेंड से क्या बोलना चाह रही है? लगता था कि उसकी सभी फ्रेंड को इस बात का पता था कि आज भोजन पर बुलाकर सेक्स करना है. मुझे लगने लगा कि थोड़ी ही देर में इसकी सभी फ्रेंड भी मजा लेने आयेगी. ओह्ह उसके यह का चुम्बन की तो बात अलग है.

 एक बार मैंने अपने मौसी की लड़की को जबरजस्ती चोद दिया फिर उसने अपने दोनों बूब्स मेरे मुँह में डालकर चूसने को बोला. उसने कहा कि सर आप जैसे मेडम के साथ करते है उसी तरह से मेरे साथ भी करो.. मुझे अपना लंड चूसने दो. उसने मेरी अंडरवियर तो उतार फेंकी और अपनी पेंटी को उतार दिया. है उसके गांड मेरा मतलब तरबूज क्या गजब भाई.

 मेरे मित्रो मामा की लड़की की चुदाई में बड़ा मजा आया अब हम लोग दोनों बिना कपड़े के एक दूसरे को 69 पोज़िशन में चूस रहे थे. उसने कहा कि सर अब मुझे चोदो.. मैंने कहा कि थोड़ा रूको.. तो वो बोली नहीं सर में बहुत गर्म हो गई हूँ. मैंने कहा कि कंडोम लगा लूँ तो वो बोली कि नहीं सर.. उसमे मज़ा नहीं आयेगा.. में आई-पिल खा लूँगी. अब देर मत करो और जल्दी करो. उसने बेड पर लेटकर मुझे अपने ऊपर बैठा लिया और मेरा लंड पकड़कर अपनी चूत में डाल लिया और मुझसे कहा कि अब मेरा दूध भी पी लो.. वो इतनी गर्म थी कि उसने ही अपनी कमर ऊपर नीचे करना शुरू कर दिया. दोस्तों कई बार जबरजस्ती शॉट मरने में चुत से खून निकल गया.


 उसका भोसड़ा का छेड़ गजब का था मित्रों मेरी स्पीड बढ़ने के 2 मिनट के भीतर ही उसका पानी निकल गया. इतने में डोरबेल बज गई.. वो उठी और मात्र एक टावल पहनकर दरवाजा खोलने चली गई. मैंने बेडरूम से देखा कि उसकी एक फ्रेंड आई है.. उसकी बूब्स  देखते ही उसको पिने की इच्छा हो गयी.

 मित्रों मै सबसे पहले उसकी गांड मरना चाहता हु उसने उसे आँखों से इशारा किया और दोनों अंदर बेडरूम में आने लगी. मैंने झट से बेड कवर से अपने आपको ढक लिया.. उसने रूम में आते ही अपनी फ्रेंड से बोला कि जल्दी से  .उसको पेलने की इच्छा दिनों से है मित्रों अपने कपड़े खोलो नहीं तो और भी लड़कियां आ जायेंगी. उसकी फ्रेंड झिझक रही थी.. तो उसने अपना टावल उतार फेंका और मेरा बेड कवर भी हटा दिया. में उठा और उसके बूब्स को फिर पीने लगा. अच्छा चुदाई चाहे जितनी कर साला फिर भी लैंड नहीं मनता मित्रों.  


 मित्रों मेरा तो मानना है जब भी चुत मारनी हो बिना कंडोम के ही मारो तभी ठीक नहीं सब बेकार इतने में उसकी फ्रेंड ने भी अपने कपड़े उतार दिये और मुझसे बोला कि सर इसका भी दूध पी लो.. आज आपको 5 लोगों का दूध पीना है और मेरी ये ड्यूटी लगभग रोज ही चलने लगी.. पढ़ने के समय एक शर्त रखी गई कि सभी लोग पढ़ने के समय अपना ऊपर का टॉप खोलकर पढ़ेगे और रोज एक लड़की अपनी प्यास बुझायेगी. में रोज कंडोम और आई-पिल लेकर जाता था कि कौन सी लड़की को कब क्या जरूरत पड़ जाये. मेरा तो रोज का एक ही काम था.. 5 लड़कियों के बूब्स पीना.. लेकिन सभी लोगों के एक सवाल से में रोज परेशान हूँ कि सर सबसे अच्छा बूब्स किसका है? उसके बूर की गहराई में जाने के बाद क्या मजा आया मित्रों  जैसे उसके चुत में माखन भरा हो.

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