मुख्य पृष्ठ » फर्स्ट टाइम सेक्स स्टोरीज » माँ और बेटियों की रसीली जवानी


माँ और बेटियों की रसीली जवानी

Posted on:- 2021-08-12


मित्रों मै आप सब का हार्दिक अभिनंदन करता हु अपने बूर फाड् चुदाई की स्टोरी में, मेरा नाम बबिता नायक   है और में मुर्दाबाद उत्तर प्रदेश  में रहता हूँ. में आज आपके सामने एक अपनी सच्ची कहानी लेकर आया हूँ. यह बात उन दिनों की है, जब में मुर्दाबाद उत्तर प्रदेश  में नौकरी की तलाश में आया था, तो तब मुझे एक कंपनी में मैनेजर की नौकरी मिली और मेरा रहने का कोई बंदोबस्त नहीं था. मेरे एक दोस्त ने मकान किराए पर दिलवाया था. मै एक नंबर का आवारा चोदा पेली करने वाला  लड़का हु मुझे लड़किया चोदना अच्छा लगता है.


 मेरे प्यारे दोस्तो चुची पिने का मजा ही कुछ और है अब में उस मकान में करीब 2 साल से रह रहा था, तो मकान मालिक और उसकी बीवी बच्चे मेरे साथ काफ़ी घुलमिल गये थे. मेरे मकान मालिक के दो बेटियाँ थी और बीवी थी, उसकी बड़ी बेटी की उम्र करीब 22 साल की थी और छोटी बेटी की उम्र करीब 18 साल की थी और मकान मालकिन की उम्र करीब 45 साल थी. में उनकी लड़कियों से ज़्यादा बातचीत नहीं करता था, लेकिन वो दोनों मेरे साथ बातचीत करना ज़्यादा पसंद करती थी. ये कहानी पढ़ कर आपका लंड खड़ा नहीं हुआ तो बताना  लड खड़ा ही हो जायेगा. 


 दोस्तों चुत छोड़ने के बाद सुस्ती सी आ जाती है कुछ दिनों के बाद बड़ी बेटी की शादी हो गयी और वो अपने ससुराल में रहने लगी. अब करीब 2-3 साल गुजरने के बाद भी उसे कोई बच्चा नहीं हुआ था, लेकिन वो बहुत सुंदर थी. क्या बताऊ दोस्तों  उसको देखकर किसी लैंड टाइट हो जाये.

 दोस्तों मने बहुत सी भाभियाँ चोद राखी है यह एक दिन की बात है जब में बाथरूम में नहा रहा था और मैंने बाथरूम का दरवाजा अंदर से बंद नहीं किया हुआ था. अब में अपने लंड के ऊपरी हिस्से पर पानी डालकर साफ कर रहा था, तो तभी उसकी छोटी लड़की आई, जिसका नाम प्रिया नाथ  था, उसने अंजाने में दरवाजा खोल दिया था और मेरे लंड को देख लिया था, जो पानी डालते-डालते खड़ा हो गया था. दोस्तों क्या मलाई वाला माल लग रहा था चुदाई की कहानी जरूर सुनना चाहिए मजे के लिए.


 साथियो की पुराणी मॉल छोड़ने का मजा ही कुछ और है तब मैंने उसे देखा, तो वो शरमाते हुए वहाँ से चली गयी और में नहाकर बाहर आया तो वो अपनी नजरे झुकाकर इधर उधर जा रही थी. फिर मैंने उससे कुछ नहीं बोला और अपने कपड़े पहनकर ऑफिस चला गया. फिर शाम को अपनी ड्यूटी ख़त्म करके में घर वापस आया और बेल बजाई, तो दरवाजा उसी ने खोला और मेरी तरफ अपना मुँह बनाकर और जीभ निकालकर चली गयी. में समझ नहीं पाया कि क्या बात हो गयी है? अब सुनिए चुदाई की असली कहानी.


 दोस्तों एक बार चोदते  चोदते  मेरा लंड घिस गया फिर दूसरे दिन मकान मालिक क़िसी काम से मुर्दाबाद उत्तर प्रदेश  से बाहर गया और मुझे कह गया कि आप हमारे बच्चों को ख्याल रखना, में किसी काम से बाहर जा रहा हूँ. फिर मैंने कहा कि ठीक है अंकल में ध्यान रखूँगा, आप बेफ़िक्र होकर जाइए. अब रात हो चुकी थी, फिर मकान मालकिन ने कहा कि बबिता नायक   आज आप खाना हमारे यही पर खाना खा लेना और उस दूसरे वाले बेडरूम में सो जाना, क्योंकि आपके अंकल नहीं है तो हमें डर सा लगेगा. वहा का माहौल बहुत अच्छा था  मित्रों.


 दोस्तों उस लड़की मैंने चुत का खून निकल दिया मैंने कहा कि ठीक है और फिर शाम का खाना मैंने वहीं खाया और दूसरे वाले बेडरूम में सो गया और वो माँ बेटी अपने दूसरे रूम में सो गयी. अब रात के करीब 2 बजे थे, अब में गहरी नींद में सोया हुआ था. तो तभी उसकी छोटी बेटी प्रिया नाथ  आई और मेरे लंड पर अपना एक हाथ रख दिया और उसको धीरे-धीरे से सहलाने लगी. दोस्तों चोदते चोदते चुत का भोसड़ा बन गया.

 ऐसे माहौल कौन नहीं रहना चाहेगा मित्रों  फिर मुझे कुछ एहसास हुआ कि क्या हो रहा है? तो तभी मेरी आँख खुली तो मैंने उसे अपने बेड पर बैठा पाया और और अब वो मेरे लंड से खेलने लगी थी, तो मैंने सोने का और नाटक किया, क्योंकि अब मुझे तो मज़ा सा आ रहा था. अब उसने मेरे अंडरवेयर को नीचे की तरफ सरका दिया था और मेरा पूरा का पूरा लंड अपने हाथ में ले लिया था. दोस्तों एक बार मैंने अपने गांव के लड़की जबरजस्ती चोद दिया.

 उह क्या मॉल था मित्रों गजब  अब मेरा 8 इंच का लंड पूरा तनकर खड़ा हो चुका था और उसने उसको अब अपने मुँह में ले लिया था और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगी थी. फिर तभी में अपनी आँखें खोलकर जाग गया और उससे कहा कि प्रिया नाथ  क्या कर रही हो? मेरा तो मन ही ख़राब हो जाता था मित्रों.

 क्या बताऊ दोस्तों मैंने चुदाई हर लिमिट पार कर दिया उसने कहा कि बबिता नायक   आप बहुत भोले हो, आओ और जिंदगी का मज़ा लेते है, या ऐसे ही सोते रहोगे. फिर मैंने कहाँ कि आंटी की नींद खुल गयी तो क्या होगा? वो तो मुझे मार ही डालेगी. फिर तभी उसने कहा कि उसकी चिंता आप मत करो, में सब देख लूँगी, अब जल्दी करो और अपने सारे कपड़े उतारो. फिर तभी मैंने अपने सारे कपड़े उतारे और उसकी चूचीयों को ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगा, उसकी चूचीयाँ बड़ी मस्त थी. कुछ भी  हो माल एक जबरजस्त था.

 उसको देखकर  किसी का मन बिगड़ जाये अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और वो भी बड़े मज़े के साथ दबाने के लिए कह रही थी कि ज़ोर से दबाओ, बड़ा मज़ा आ रहा है. फिर तभी मैंने अपने हाथ की एक उंगली उसकी चूत में डाल दी और पूरी की पूरी घुसा दी और उसे अपनी एक उंगली से ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा. फिर तभी उसने कहा कि ज़ोर- ज़ोर से चोदो ना, प्लीज बहुत मज़ा आ रहा है. दोस्तों मैंने किसी भाभी को छोड़ा नहीं है.

 उह भाई साहब की माल है उसकी चुत की बात ही कुछ और है अब वो पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी. फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया और ज़ोर से एक धक्का मारा, तो वो चिल्ला पड़ी आआआ में मररररर गयी, हाईईईईईई बाहर निकालो, लेकिन मैंने उसकी कोई परवाह ना करते हुए और ज़ोर से एक धक्का मारा तो मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में समा गया और वो चिल्लाई आह मार दिया, आआआआ, में मररररर गयययययी, हाईई और अब उसकी चूत से खून निकलने लगा था. अब में तो घबरा गया था और वो बेहोश सी हो गयी थी. दोस्तों एक बार स्कूल में चुदाई कर दिया बड़ा मजा आया.


 दोस्तों चोदते  चोदते  कंडोम के चीथड़े मच गए फिर मैंने उसके मुँह पर पानी डाला, तो वो अब होश में थी. अब उसको मज़ा आने लगा था और अब वो पूरे मज़े के साथ कहने लगी थी कि अब मज़ा आ रहा है, बबिता नायक   ज़ोर से और ज़ोर से चोदो मेरी चूत को, फाड़ डालो इसको, बड़ी प्यासी है मेरे राजा, अब जमकर चोदो, अब में खूब ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा था और फिर मैंने करीब 35-40 मिनट तक उसकी चुदाई की. ओह्ह उसके यह का चुम्बन की तो बात अलग है एक बार मैंने अपने मौसी की लड़की को जबरजस्ती चोद दिया.


 है उसके गांड मेरा मतलब तरबूज क्या गजब भाई तभी उसका पानी निकल गया और उसके करीब 5 मिनट के बाद मेरा भी पानी उसकी चूत में ही निकल गया था. फिर जैसे ही मेरा पानी निकला तो मैंने देखा कि मकान मालकिन मेरे पीछे खड़ी है और हम दोनों को देख रही थी. अब मेरे तो होश ही उड़ गये थे कि आज तो शामत आ गयी, लेकिन उसने कुछ नहीं कहा और घूर-घूरकर देखने लगी और फिर उसने कहा कि बबिता नायक   आप तो बहुत ही छुपे रुस्तम हो, आप इसी को चोदते रहोगे या हमारी भी इच्छा पूर्ति करोगे. फिर मैंने कहा कि आंटी ठीक है आप भी आ जाओ, कोई बात नहीं. फिर तभी प्रिया नाथ  ने कपड़े पहने और फिर वो दूसरे रूम में चली गयी. मेरे मित्रो मामा की लड़की की चुदाई में बड़ा मजा आया.


 दोस्तों कई बार जबरजस्ती शॉट मरने में चुत से खून निकल गया फिर आंटी आई और उसने मेरे 8 इंच के लंड को सहलाना शुरू कर दिया. अब मैंने भी उनके बूब्स को पकड़ लिया था. अब तो मुझे मज़ा आ गया था उसके बूब्स बड़े-बड़े बहुत सुडोल थे और आंटी अपनी बेटियों से भी सुंदर थी. अब में तो जन्नत में ही पहुँच गया था, अब मुझे अपनी आँखों पर भरोसा नहीं हो रहा था. उसका भोसड़ा का छेड़ गजब का था मित्रों. 


 उसकी बूब्स  देखते ही उसको पिने की इच्छा हो गयी फिर उसने मेरा लंड खड़ा कर दिया और उसे सहलाकर और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगी. अब मैंने अपने मुँह में उसकी चूचीयों को ले लिया था और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगा था. अब आंटी गर्म हो चुकी थी और आहह की आवाजे निकाल रही थी. मित्रों मै सबसे पहले उसकी गांड मरना चाहता हु.


 उसको पेलने की इच्छा दिनों से है मित्रों अब हम 69 की पोज़िशन में आ गये थे और फिर मैंने उनकी चूत में अपनी जीभ डाल दी और चाटने लगा. अब वो मेरा खड़ा हुआ लंड ज़ोर-ज़ोर से चूस रही थी. अब आंटी पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी और बोली कि बबिता नायक   अब सीधे हो जाओ और मेरे ऊपर आ जाओ. फिर में आंटी के ऊपर आ गया और आंटी की दोनों टाँगे फैलाकर अपना 8 इंच का लंड घुसा दिया, तो तभी आंटी तड़पी और बोली कि आआह में मर गयी रे, फाड़ डालेगा क्या? तो मैंने फिर से एक और ज़ोर का धक्का लगा दिया तो आंटी और ज़ोर से चिल्लाई आह मार दिया रे, क्या कर रहा है? अच्छा चुदाई चाहे जितनी कर साला फिर भी लैंड नहीं मनता मित्रों.   


 मित्रों मेरा तो मानना है जब भी चुत मारनी हो बिना कंडोम के ही मारो तभी ठीक नहीं सब बेकार अब आंटी की चूत में मेरा पूरा का पूरा लंड समा चुका था. अब आंटी को मज़ा आने लगा था और अब वो पूरा साथ दे रही थी और उठ-उठकर ऊपर नीचे कर रही थी हाईईईईइ बबिता नायक  , चोद ज़ोर-ज़ोर से अपनी आंटी को, फाड़ डाल इस अपनी आंटी की चूत को, बड़े दिनों से प्यासी है मेरी ये चूत, तेरे अंकल तो अपना पानी झाड़ लेते है और मुझे प्यासी छोड़ देते है. उसके बूर की गहराई में जाने के बाद क्या मजा आया मित्रों  जैसे उसके चुत में माखन भरा हो.


अब में आंटी को ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा था और अब आंटी कुछ देर के बाद झड़ चुकी थी और शांत हो गयी थी और फिर करीब 5 मिनट के बाद में भी झड़ गया था. फिर उसके बाद हम दोनों बाथरूम में गये और आंटी ने मेरा लंड साफ किया और फिर अपनी चूत को साफ़ किया.

 उसको देखने बाद साला चुदाई भूत सवार हो जाता मित्रों अब तब से अब तक में आंटी और उसकी बेटी को साथ-साथ चोदता हूँ और वो मेरा लंड एक दूसरे की चूत में लेती है. फिर कुछ दिनों के बाद आंटी की बड़ी बेटी अपनी ससुराल से आई तो तब आंटी ने कहा कि बबिता नायक   इसके बच्चा नहीं होता है, तो तू ही कोशिश करके देख ले शायद इससे कुछ फ़र्क पड़ जाए. मुझे तो कभी कभी चुदाई का टाइफिड बुखार हो जाता है और जब तक चुदाई न करू    तब तक ठीक नहीं होता.

 एक बात और मित्रों चुत को चोदते समय साला पता नहीं क्यों नशा सा हो जाता बस चुदाई ही दिखती है तब मैंने आंटी की बड़ी बेटी प्रिया को शाम को जमकर चोदा और अब में उन तीनों को जमकर चोदता हूँ. अब मुझसे उसकी बड़ी बेटी को दो लड़के हो चुके है और आंटी के भी मुझसे एक लड़का पैदा हुआ है, जो मेरी ही शक्ल पर गया है. अब वो तीनों माँ बेटी बहुत खुश है, अब मुझे उन्हें चोदने की कभी भी जरूरत होती तो में उन्हें खूब चोदता हूँ और खूब मजा करता हूँ. उह यह उसकी नशीली आँखे में एक दम  चुदकड़ अंदाज है मित्रों मुझे तो कभी कभी चुत के दर्शन मात्र से खूब मजा आता क्योकि मई पहले बहुत बार अपने मौसी के लड़की  को बिना पैंटी के देखा था  वाह क्या मजा आया था.

What did you think of this story??






अन्तर्वासना इमेल क्लब के सदस्य बनें


हर सप्ताह अपने मेल बॉक्स में मुफ्त में कहानी प्राप्त करें! निम्न बॉक्स में अपना इमेल आईडी लिखें, फिर ‘सदस्य बनें’ बटन पर क्लिक करें !


* आपके द्वारा दी गयी जानकारी गोपनीय रहेगी, किसी से कभी साझा नहीं की जायेगी।