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दोस्त की माँ का स्वागत

Posted on:- 2021-08-07


नमस्कार मित्रों और सुनाइए कैसे आप सब मित्रों मै आप सब का हार्दिक अभिनंदन करता हु, ये स्टोरी मेरी अपनी है और में आपको बता दूँ कि में चुदाई का भूखा हूँ और चूत मिलते ही चोद देता हूँ. ये स्टोरी मेरी और मेरे दोस्त की माँ के बीच हुई सच्ची घटना है. प्रिंस मेरा बेस्ट फ्रेंड है और में उसे प्यार से रिशु कहता हूँ, वो और में अच्छे दोस्त है. उसके घर में उसकी माँ (कमला, 34-28-34), पापा (सतेंद्र) और दो बहनें है. उसके पापा रिटेल शॉप का काम करते है. रिशु की मम्मी एक धार्मिक औरत है और बहुत ही मस्त फिगर की मालकिन भी है उनकी उम्र 40-45 साल है मगर स्लिम बॉडी और गठीला बदन होने से वो एक चोदा पेली परी लगती है. उनकी हाईट भी 5 फुट 6 इंच है जिसके कारण वो एक मॉडल से कम नहीं लगती, लेकिन वो सलवार सूट ही पहनती है. मै एक नंबर का आवारा चोदा पेली करने वाला  लड़का हु मुझे लड़किया चोदना अच्छा लगता है.

रिशु की 3 छोटी बहनें है, एक मुझसे 1 साल छोटी है और दूसरी 3 साल बड़ी है और वो अपनी माँ पर गई है जबकि छोटी अपने पापा की तरह थोड़ी मोटी है. दोस्तों अब में स्टोरी पर आता हूँ. प्रिंस के पापा की छोटी सी रीटेल शॉप है, जिससे उनका हाथ हमेशा से तंग रहता है और जिसके कारण स्नातक स्तर की पढ़ाई के बाद उसके पापा ने प्रिंस की पढ़ाई बंद करवा दी और अपनी शॉप पर अपने साथ बैठा लिया. उनकी सोच थी कि अकेला लड़का है अपना बिज़नस करके अच्छे से गुजारा चला लेगा. ये कहानी पढ़ कर आपका लंड खड़ा नहीं हुआ तो बताना  लड खड़ा ही हो जायेगा.

मैंने मेडिकल में एड्मिशन ले लिया और कोलकाता चला गया और Ist ईयर के एग्जाम के बाद जब में घर रहने आया तब तक में कोलकाता के सारे रंग देख चुका था. में प्रिंस के घर गया और उसकी मम्मी, नीतू और रीना से मिला, वो लोग मुझसे मिलकर बहुत खुश हुए, क्योंकि वो मुझे प्रिंस जैसा ही मानते थे और में भी कोलकाता जाने से पहले ऐसा ही था, लेकिन इस एक साल में मेरा नज़रिया ही बदल गया था. क्या बताऊ दोस्तों  उसको देखकर किसी लैंड टाइट हो जाये.

 दोस्तों क्या मलाई वाला माल लग रहा था मैंने कमला आंटी को और नीतू को ऊपर से नीचे तक देखा और नशीला हो गया. मैंने अपने आप पर कंट्रोल किया और सबसे नॉर्मल बातें की, दोस्तों प्रिंस के घर की हालत ज़्यादा अच्छी नहीं थी तो में उसकी हेल्प करता रहता था. में आज भी बहुत सारे गिफ्ट लाया था, जिसे देखकर नीतू और रीना खुश हो गई  चुदाई की कहानी जरूर सुनना चाहिए मजे के लिए.
 अब सुनिए चुदाई की असली कहानी और कमला आंटी ने कहा बेटा तू इतना सब क्यों लाया? सब कुछ तो है यहाँ पर, मैंने कहा में अपनी बहनों और माँ के लिए लाया हूँ. आंटी मुस्कुरा कर बोली ऐसा बेटा सबको मिले, लेकिन कोलकाता में तेरा बहुत खर्चा हो जाता होगा तो मैंने कहा हाँ, लेकिन में अपनी पॉकेट मनी से बचा लेता हूँ और आप सब भी तो मेरे अपने हो, आपके लिए कुछ लाना मेरा हक़ बनता है या नहीं. कमला आंटी बोली अच्छा, तो में अब ये ध्यान रखूँगी और जो ज़रूरत का सामान होगा मंगा लूँगी. फिर हमने पूरे एक महीना मजे किए फिर में कोलकाता वापस चला गया. दोस्तों इस एक महीने में मैंने सपने में सीमा और नीतू को खूब चोदा, लेकिन रियल में कुछ नहीं हुआ. वहा का माहौल बहुत अच्छा था.  

 वहा जबरजस्त माल भी थी मित्रों तभी एक दिन प्रिंस का फोन आया कि नीतू का कोलकाता में एग्जाम है और वो सीमा आंटी के साथ कोलकाता एग्जाम देने आ रही है. में बहुत खुश हो गया और मैंने कहा कि वो मेरे पास ही रुक जायेगी. मेरे पास एक रूम और किचन था, उनके आने से पहले मैंने अपने कमरे में 2 कैमरे रिकॉर्डिंग वाले लगवा लिए. फिर एग्जाम से 1 दिन पहले सीमा आंटी और नीतू आ गये, में बस स्टैंड से दोनों को ले आया. दोनों सफ़र के कारण थक गये थे तो में बाहर से खाना लाया और हमने लंच किया और बातें करने लगे, नीतू थक कर सो गई थी. में और सीमा आंटी छत पर जाकर बातें करने लगे. ऐसे माहौल कौन नहीं रहना चाहेगा मित्रों

 मेरा तो मन ही ख़राब हो जाता था मित्रों दिसम्बर का महीना था और धूप अच्छी निकल रही थी. मुझे लग रहा था जैसे आंटी कुछ परेशान हो, तो मैंने आंटी से पूछा आप इतनी परेशान क्यों हो? तो उन्होंने कहा बेटा तेरे अंकल नीतू का रिश्ता एक 30 साल के लड़के से करना चाहते है, लेकिन में नहीं चाहती ये रिश्ता हो, में चाहती हूँ कि नीतू मेडिकल पूरी कर ले और किसी अच्छे लड़के से इसकी शादी हो जाये. मैंने कहा आप सही कह रही हो, में प्रिंस और अंकल से बात करूँगा. उह क्या मॉल था मित्रों गजब

 मेरा तो मन ही ख़राब हो जाता था मित्रों  आंटी ने कहा ठीक है सीमा आंटी बोली नीतू सो रही है तो हम इतने में मार्केट चलते है, मुझे कुछ गर्म कपड़े लेने है मैंने कहा ठीक है और हम ऑटो से मार्केट गये और कुछ गर्म कपड़े ले आये. आंटी कपड़े लेने में बहुत विचार कर रही थी और सस्ते सस्ते कपड़े लेने की सोच रही थी, मुझे ये अच्छा नहीं लगा, मैंने कहा कि जो पसंद हो ले लो पैसे की क्यों सोचते हो में हूँ ना, आंटी बोली बेटा मुझे ज़रूरत होगी तो में तुमसे माँग लूँगी, लेकिन मेरी ये आदत नहीं जायेगी. हम वापस घर आये सीमा आंटी ने खाना बनाया, इतने में मैंने प्रिंस से बात की तो कुछ भी  हो माल एक जबरजस्त था  उसने बताया कि पापा के पास मेडिकल कराने के लिए पैसे नहीं है, वो इसलिये मना कर रहे है, वर्ना इच्छा तो उनकी भी है. खाना खाने के बाद नीतू पढ़ने लगी और हम बाहर घूमने चले गये. उसको देखकर  किसी का मन बिगड़ जाये

 उह भाई साहब की माल है उसकी चुत की बात ही कुछ और है मैंने आंटी को सब बताया तो आंटी रोने लगी और बोली पैसों के कारण मेरी बेटी की जिंदगी खराब हो जायेगी. मैंने आंटी को समझाया कि आप चुप हो जाये, हम कुछ ना कुछ ज़रूर करेंगे, वो बोली क्या करेंगे बेटा? पैसो का काम पैसे ही करते है, तो में बोला में लाऊंगा पैसे, तो आंटी बोली राहुल तुम कहाँ से लाओगे इतने पैसे, तो में बोला पापा से ले लूँगा, वो मना नहीं करेंगे, वो रोते रोते बोली बेटा हम तेरा ये अहसान कैसे उतारेंगे. तो में बोला आंटी में आपका बेटा हूँ, तो अपनी बहन की पढ़ाई कराना मेरा फ़र्ज़ है अहसान नहीं है, बेटा तू बहुत अच्छा है भगवान ऐसा दिल सबको दे, यह कहकर उन्होंने मुझे अपने गले लगा लिया और मेरे शरीर में 2000 वॉल्ट का करंट दोड़ गया. मेरे दोनों हाथ उनकी और मेरी छाती के बीच में थे. जिससे वो उनकी उभरी हुई छाती को टच कर रहे थे. मेरे अंदर का शैतान जागने लगा था. फिर हम अलग हो गये, लेकिन मेरे तन में आग लग गई थी. ओह्ह उसके यह का चुम्बन की तो बात अलग है

 है उसके गांड मेरा मतलब तरबूज क्या गजब भाई फिर मैंने सोचा कैसे भी इसको चोदना होगा, लेकिन कैसे? वो एक धार्मिक और पवित्र औरत थी. हम वापस आ रहे थे, तभी एक लड़का लड़की हाथ में हाथ डाले जा रहे थे. आंटी ने कहा क्या जमाना आ गया है? मैंने कहा ये तो कुछ भी नहीं, यहाँ तो जमाना इससे भी खराब है. आंटी ने कहा अच्छा कैसे? तो मैंने कहा क्या बताऊँ आपको? लोग यहाँ क्या क्या करते है. आंटी ने कई बार कहा बताओ, तो मैंने कहा यहाँ लड़कियां अपने बदन को पैसों के लिए बेच देती है. ये सुनकर आंटी ने अपने मुँह पर हाथ रख लिया और तभी बारिश होने लगी में और आंटी भाग कर एक घर के नीचे छुप ग उसका भोसड़ा का छेड़ गजब का था मित्रों ये.

 उसकी बूब्स  देखते ही उसको पिने की इच्छा हो गयी वहाँ पर एक कंडोम पड़ा था, तो मैंने जानबूझ कर कहा ये कैसा गुब्बारा है. आंटी ने उसे देखा और देखती रह गई और बोली इसे फेंक दो, ये गंदी चीज़ है. मैंने कहा ये नई फैशन का गुब्बारा है कोई गंदी चीज़ नहीं है. उन्हें लगा कि मैंने कभी कंडोम नहीं देखा, तो वो कुछ नहीं बोली. में उस कंडोम को हाथ से खींचने लगा तो उन्होंने कहा इसे फेंक दो, तो मैंने कहा क्यों? तो वो धीरे से बोली ये कंडोम है. मैंने कहा ये क्या होता है? तो वो बोली बेटा में ये सब बाद में बता दूँगी, अभी इसे फेंक दो. मैंने वो फेंक दिया और हम घर आ गये. मित्रों मै सबसे पहले उसकी गांड मरना चा हता हु.

 उसको पेलने की इच्छा दिनों से है मित्रों नीतू बेड पर सो रही थी और में और आंटी नीचे सो गये. मैंने आंटी से पूछा वो क्या था? तो वो कुछ नहीं बोली. मैंने ज़िद की प्लीज बताओ ना, तो वो बोली बेटा वो बच्चे नहीं होने के लिए उसका उपयोग होता है. मैंने कहा कैसे? तो वो कहने लगी मुझे नहीं पता. मैंने सोचा ये सही समय है. मैंने कहा कि आपने कहा था जो मांगोगे में दूँगी, तो मुझे उसके बारे में अच्छे से बताओ, तो वो बोली में नहीं बता सकती. अच्छा चुदाई चाहे जितनी कर साला फिर भी लैंड नहीं मनता मित्रों.

 मित्रों मेरा तो मानना है जब भी चुत मारनी हो बिना कंडोम के ही मारो तभी ठीक नहीं सब बेकार फिर थोड़ा सोचने के बाद वो बोली बेटा ये कंडोम है, जब बच्चा ना हो तब इसका इस्तेमाल होता है. मैंने कहा कैसे? तो वो बोली इसे आदमी इस्तेमाल करता है. मैंने कहा कैसे? तो वो बोली मुझे नहीं पता. तो में बोला कि लेकिन मुझे पता है. इतना सुन कर वो चोंक गई, मैंने अपना अंडरवियर नीचे किया और बोला इस पर ही तो चढ़ाते है. मेरा लंड पूरे जोश में खड़ा था, जिसे देखकर वो सुन सी पड़ गई थी और सोच रही थी ये क्या हो रहा है? वो कुछ नहीं बोली, तो मैंने कहा कि में ये देखना चाहता हूँ कि ये लंड पर कैसे चढ़ाते है. उसके बूर की गहराई में जाने के बाद क्या मजा आया मित्रों  जैसे उसके चुत में माखन भरा हो.

 उसको देखने बाद साला चुदाई भूत सवार हो जाता मित्रों आंटी कुछ नहीं बोल रही थी, तो मैंने उनके बूब्स दबा दिए, तो वो कुछ होश में आई और बोली राहुल ये क्या कर रहा है. फिर मैंने कहा आपने कहा था कि जो चाहो माँग लेना, में तो बस इसके बारे में कुछ जानना चाहता हूँ, तो वो बोली बेटा ये बात माँ से नहीं की जाती. मैंने कहा आप तो मेरी माँ है और माँ तो अपने बेटे को सब बातें बताती है. दोस्तों वो मेरे लंड को लगातार देख रही थी. फिर मैंने कहा अच्छा, तो माँ के रिश्ते से नहीं तो जो मैंने तुम्हारी मदद की है उसके बदले ही बता दो, आपने कहा था कि में कैसे तेरा ये अहसान उतारुँगी, तो ये बता कर अपना अहसान उतार लो. ये सुनकर वो सोचने लगी और बोली ठीक है में बताती हूँ में खुश हो गया. मुझे तो कभी कभी चुदाई का टाइफिड बुखार हो जाता है और जब तक चुदाई न करू तब तक ठीक नहीं होता.

 एक बात और मित्रों चुत को चोदते समय साला पता नहीं क्यों नशा सा हो जाता बस चुदाई ही दिखती है उन्होंने बताया ये यहाँ पर लगाकर ऊपर की तरफ सरका देते है. मैंने कहा कि लगाकर बताओ ना, वो बोली कैसे? मैंने जेब से वो पुराना कंडोम निकाला जो सड़क से उठाया था. वो कंडोम बहुत गंदा था आंटी ने कुछ सोचा और फिर कंडोम लेकर किचन में गई और जब वापस आई तो उनके हाथ में एक चमकता हुआ कंडोम था. उन्होंने वो रोल किया और फिर लंड पर लगाकर चढ़ाने लगी, में तो जैसे सातवें आसमा न पर था. उह यह उसकी नशीली आँखे में एक दम  चुदकड़ अंदाज है.


 मित्रों देखने से लगता है की वो पका चोदा पेली का काम करती होगी वो बोली अब सो जाओ. मेरा मन तो उन्हें चोदने का था, लेकिन उनकी आँखो में आँसू देखकर में सो गया. में सुबह नीतू को कॉलेज छोड़ आया, उसका पेपर 2 पारी में था, तो मैंने उसको कैंटीन से ही खाना खाने को कहा और 5 बजे वापस लेने आ जाऊंगा यह कहकर घर आ गया. आंटी मुझसे बात नहीं कर रही थी, में नहाने गया और वहां पर आंटी की पेंटी और ब्रा देखकर पागल सा हो गया और फिर बेडरूम में जाकर मैंने अपना लेपटॉप चालू किया और रिकॉर्डिंग वीडियो देखने लगा. मित्रों चुत को चाटेने के  समय उसके बूर के बाल मुँह में आ रहे थे.

मित्रों मुझे तो कभी कभी चुत के दर्शन मात्र से खूब मजा आता क्योकि मई पहले बहुत बार अपने मौसी  मैंने आंटी का कंडोम चढ़ाने वाला सीन कट करके एक दूसरे फोल्डर में डाल दिया, जब आंटी रूम में आई, तो मैंने वो सीन चालू कर दिया जिसे देख कर आंटी मेरे पास आई और उसे देख ने लगी, वो केवल 1 मिनट का सीन था. लड़की  को बिना पैंटी के देखा था  वाह क्या मजा आया था.

फिर आंटी ने कहा ये क्या है?

 अब चुदाई करने को  १००% तैयार थी मैंने कहा तुम्हारी काली करतूत जो में तुम्हारे लड़के को दिखाऊंगा, वो कहने लगी नहीं बेटा ऐसा मत करना प्लीज. मन कर रहा था कब इसे चोद लू मेरा लंड समझने  को तैयार नहीं था.

 अब बिना चुदाई के रह नहीं सकता था मित्रों मै पागल सा हो गया मैंने कहा, लेकिन एक शर्त पर तो वो बोली क्या? मैंने कहा मेरे साथ सुहागरात मनानी पड़ेगी, वो बोली बेटा में तेरी माँ जैसी हूँ. मैंने कहा डार्लिंग तुम माँ जैसी नहीं मेरी माँ ही हो, लेकिन माल भी मस्त हो. कुछ सोचने के बाद वो बोली कि ठीक है, लेकिन ये सब नीतू के आने से पहले होना चाहिये. ओह ओह ओह है कब लंड को घुसा दू ऐसा लग रहा था मित्रों.

 मॉल था चुदाई के लायक मैंने कहा नहीं सुहागरात रात में मनाई जाती है और हम भी रात में मनायेंगे, वो बोली नहीं ऐसा नहीं हो सकता, रात में नीतू यहीं होगी. मैंने कहा मैंने उसका भी सोचा है हम उसे नींद की गोली दे देंगे, वो बोली कुछ गड़बड़ तो नहीं होगी ना. मैंने कहा तुम चिंता मत करो, बस जैसे में कहता हूँ वैसे ही करो. शाम को नीतू आ गई उसका पेपर अच्छा हुआ था. हमने रात में खाना खाया में चॉकलेट पेस्ट्री लाया था, जिसमें मैंने नींद की गोली डालकर नीतू को दे दी उसने वो मज़े से खाई और वो सो गई. मैंने सोचा पेलुँगा जरूर  कभी न कभी. 

 माल चुदाई के लिए तड़प रही थी मित्रों  फिर मैंने सीमा आंटी को बुलाया और कहा कि आज में आपको अपनी माँ का दर्जा देता हूँ और आपका दूध पिलाकर आप भी अपना फर्ज़ पूरा करो. उन्होंने कहा ठीक है और मेरे पास आकर लेट गई और बोली कि ले बेटा दूध पी और अपने कपड़े निकालकर मेरे कंबल में आ गई. मैंने माँ को ऊपर से नीचे तक चूसा और उसकी चूत में उंगली डालकर उसकी चूत को उंगली से खूब चोदा. चोदने के बाद थोड़ा रिलेक्स हुआ भाइयो क्या गजब मजा जब माल अच्छा हो तो कौन नहीं  चोदना चाहेगा  है न मित्रों आया.

 सेक्स करते समय बहुत मजा आया था मित्रों अब माँ ने मेरे लंड को चूसना चालू किया और बोली कि राहुल तेरा लंड बहुत बड़ा हो गया है. कल तो 6 इंच का था, अब लगभग 7 इंच का है और मोटा भी हो गया है. फिर माँ उसे चूसने लगी और 10 मिनट तक चूसने के बाद में अपना लंड माँ की चूत पर ले गया और तभी मुझे याद आया कि मेरे पास कंडोम नहीं है. उसके ओठ रसीले थे मित्रों मॉल गजब था मित्रों.

 उसके लिप्स की चूसै यू ही चलती रही  मित्रों मैंने माँ से कहा माँ मेरे पास कंडोम नहीं है तो माँ हंसकर बोली कि कोई बात नहीं 2 दिन के बाद मेरे पीरियड के दिन आने वाले है. तू डाल मुझे तड़पा मत. मैंने ये सुनते ही एक झटका दिया और माँ की चूत में मेरा आधे से ज्यादा लंड घुस गया. माँ को थोड़ा दर्द हुआ. तभी मैंने माँ से पूछा कि माँ दर्द हो रहा है क्या? माँ बोली हाँ, लेकिन इसमें तो मज़ा है मेरे लाल, तो मैंने और 2-3 बार झटके मारे और पूरा लंड माँ की चूत में डाल दिया. माँ की चूत बहुत गर्म थी और मैंने माँ के पैर ऊपर किए और उसे खूब चोदा, माँ बोली ये क्या कर रहा है? तो मैंने कहा की अलग अलग पोज़िशन में चोदने से मज़ा आता है. मित्रों वो मदहोस थी चुदाई के लिए.

 उसके बूब्स क्या मस्त थे मित्रों अब मै क्या कहु मित्रों माँ बोली जो तू चाहे वो कर. फिर थोड़ी देर बाद मैंने माँ से बोला कि अब तू खड़ी हो जा, मैंने माँ को अपनी गोदी में ले लिया और लंड फिर से माँ की चूत में डाल दिया. माँ मुझसे  मेरा मन चुदाई का था मित्रों लिपटकर ज़ोर ज़ोर सिसकियाँ भर रही थी और आवाज निकाल रही थी और ज़ोर से और ज़ोर से मेरे बेटे, तेरे लंड से मज़ा आ रहा है, तेरी माँ की हवस मिटा दे मेरे लाल और फिर माँ भी मेरा पूरा साथ दे रही थी. मैंने तय किया की चोद कर ही दम लूंगा.

 लेकिन पेलुँगा जरूर फिर मैंने कम से कम माँ को 20 से 25 मिनट तक चोदा होगा और तभी मैंने माँ की चूत में पानी निकाल दिया. माँ मुझसे लिपटी हुई थी और में माँ के ऊपर लेटा हुआ था. फिर मैंने आधे घंटे बाद माँ से कहा कि मुझे तेरी गांड में लंड डालना है, तो माँ बोली कि लेकिन कैसे डालेगा? तेरे अंकल ने इतने सालो में वहां पर कभी लंड नहीं डाला है. मै चुदाई के लिए बिल्कुल बेताब  था  मित्रों.

 मुझे तो बस चुदाई की धुन सवार थी मित्रों फिर में ऑयल लाया और माँ की गांड के छेद पर लगा दिया और मेरे लंड पर भी लगा दिया और एक ही झटके में मैंने माँ की गांड में लंड डाल दिया. माँ ने ज़ोर से आअहह भरी, लेकिन चिल्लाई नहीं, क्योंकि उसे नीतू के उठने का डर था. उसे थोड़ी देर बाद मज़ा आ रहा था. फिर मैंने 10 मिनट में माँ की गांड में पानी निकाला और उस रात नीतू की वजह से मैंने माँ की चूत को शांत किया और वर्जिन गांड में मेरा लंड डालकर उसका स्वागत किया. फिर माँ ने सुबह मुझसे कहा कि राहुल तूने कल रात तेरी माँ की हवस पूरी कर दी और अब हम दोनों खूब चुदाई करते है और मजे लेते है मुझे बूर की मादक खुसबू आ रही थी जो मुझे पागल कर रहे थे मित्रों मैंने ऐसी तरह न जाने कितने औरतो और लड़कियों बूर में चोदा पेली किया है कितनो चुत का भोसड़ा तक बना दिया और न जाने कितनो का तो सील तोड़ कर खून निकाल दिया और न जाने कितनी को तो कुवारी में ही माँ बना दिया  और मैं चोदा पेली करने के लिए कही भी और किसी भी हद तक जा सकता हु.

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