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पति की गर्लफ्रेंड मेरी सौतन

Posted on:- 2022-06-21


मेरे मित्रगणों  मै आप सब का हार्दिक अभिनंदन करता हु.. मेरा नाम प्रियंसी शुक्ला  है और आज मैं आप लोगों के साथ अपनी पहली स्टोरी शेयर करना चाहती हूँ. दोस्तों.. यह मेरी लाईफ की एक सच्ची कहानी है. मैं उड़ीसा की रहने वाली हूँ. हम कर्णाटक  में रहते है. मेरे पापा सिविल कांट्रेक्टर है. मेरे परिवार में, मेरी माँ, मेरे पापा, मेरी एक छोटी बहन और मैं हम 4 लोग है. मेरी शादी आज से दो साल पहले 25 मई 2014 को देवेश सैनी  नाम के एक लड़के के साथ हुई.. जो कि दिल्ली  में एक बहुत बड़ी कम्पनी में सेल्स मेनेजर की पोस्ट पर काम करते है. शादी के बाद मैं मेरे पति के साथ दिल्ली  में शिफ्ट हो गई.. दिल्ली  में, उनको कंपनी की तरफ से एक क्वॉर्टर मिला हुआ था और फिर ऐसे ही हमारी शादीशुदा जिंदगी कुछ महीनों तक बहुत मज़े से चलती रही. मोटी गांड वाली लड़कियों की बात ही कुछ और है.


 क्या गजब चुदकड़ अंदाज थी वो मुझे बहुत प्यार करते थे और मैं भी उनके साथ बहुत खुश थी और हमारी सेक्सुअल लाईफ भी बहुत मजेदार थी और मैं उनसे संतुष्ट थी. वो जब भी मुझे सेक्स करने के लिए कहते थे, मैं तुरंत राज़ी हो जाती थी और ऐसे ही हमारी जिन्दगी के करीब दो साल गुजर गए.. हमे पता भी नहीं चला. फिर दोस्तों मैं एक दिन जब घर की साफ सफाई कर रही थी.. तो मुझे एक मेमोरी कार्ड मिला और उसको जब मैंने लॅपटॉप में डालकर देखा तो मेरे होश ही उड़ गए.. क्योंकि उसमें कुछ ऐसे वीडियो थे जो मैं कभी बर्दाश्त नहीं कर सकती. फिर मैंने एक एक विडियो को खोलकर देखा.. उसमे एक लड़की करीब 22-24 साल की होगी जो मेरे पति को किस कर रही थी और मेरे हिसाब से उसका फिगर 30-32-34 होगा और वो किसी होटल का रूम था क्योंकि मुझे उसके अंदर की सजावट से ऐसा लगा और फिर बारी बारी से वो दोनों एक दूसरे को किस कर रहे थे. फिर देवेश सैनी  ने उसके टॉप और जींस को उतार दिया और वो लड़की अपने एक हाथ को देवेश सैनी  की पेंट में डालकर उसके लंड को सहला रही थी. लड़किया क्युआ गजब चुदकड़ होती है दोस्तों.


 मेरे मित्रगणों  क्या मॉल थी उसकी चुची पीकर मजा आ गया फिर देवेश सैनी  ने उसको पूरी नंगी कर दिया और उसके बूब्स को मसलने लगा और फिर उसे नीचे लेटा दिया और उसकी चूत में अपनी जीभ को डालकर उसकी चूत को कुत्ते की तरह चाटने लगा और फिर थोड़ी देर के बाद वो लड़की भी देवेश सैनी  के लंड को पकड़ कर अपने मुहं में डालकर चूसने लगी और फिर कुछ टाईम ऐसे ही चलता रहा. तभी थोड़ी देर के बाद वो दोनों शांत होने लगे शायद वो दोनों अब झड़ गए थे और वो वीडियो भी खत्म हो गई. फिर मैंने वो सभी वीडियो देखे.. जिनमे सब कुछ एक जैसा ही था. देवेश सैनी  ने उसमें उस लड़की को कई बार चोदा और उसकी गांड भी मारी. तो मुझे बहुत गुस्सा आ रहा था और मैं बहुत गरम भी हो गई थी. फिर शाम को जब देवेश सैनी  ऑफिस से घर आया तो मैंने उसे कुछ भी नहीं बताया और रात को 10 बजे हम लोगों ने एक साथ में खाना खाया और सोने के लिए अपने बेडरूम में चले गए. मै एक नंबर का आवारा चोदा पेली करने वाला  लड़का हु मुझे लड़किया चोदना अच्छा लगता है.


 मेरे प्यारे दोस्तो चुची पिने का मजा ही कुछ और है फिर बेड पर लेटने के बाद मैंने देवेश सैनी  से बोला कि देवेश सैनी  क्या मैं जो कहूँगी वो तुम करोगे? तो देवेश सैनी  ने बोला कि हाँ तुम जो भी कहोगी मैं वो करूँगा. तो मैं बोली कि तुम मेरी चूत को चाटो तो वो थोड़ा हैरान होकर मुझे देखने लगा और अब मुझे पता था कि वो मेरी चूत को नहीं चाटेगा.. क्योंकि मैंने बहुत बार उसका लंड चूसने के लिए कहा.. लेकिन वो हर बार यह गंदा है कहकर मुझे लंड को चूसने नहीं देता था. तो देवेश सैनी  बोला कि क्या तुम पागल हो गई हो और वो ऐसा कहकर मुझे डांटने लगा. मैं तो पहले से ही बहुत गुस्से में थी तो मैंने लॅपटॉप को चालू करके वो विडियो शुरू कर दिया तो वो यह सब देखकर तो वो पसीने पसीने हो गया और फिर वो मुझसे नज़रे चुराने लगा और मुझे बोला कि मनु प्लीज मुझे माफ़ कर दो. मैं ऐसा फिर कभी नहीं करूँगा तुम जो भी बोलोगी मैं वो सब करूँगा.. लेकिन प्लीज किसी को कुछ मत बताना. ये कहानी पढ़ कर आपका लंड खड़ा नहीं हुआ तो बताना  लड खड़ा ही हो जायेगा .


 मेरे मित्रगणों  चुत छोड़ने के बाद सुस्ती सी आ जाती है     फिर मैं थोड़ी शांत हो गई और बोली कि वो लड़की कौन है? तो वो मुझे बोला कि वो मेरी मौसी की लड़की है.. वो दिल्ली  में एक होस्टल में रहती है और यह विडियो हमारी शादी से पहले का है और उस टाईम हम दोनों का अफेयर चल रहा था और मैं उससे शादी भी कर चुका हूँ.. लेकिन अपने घर वालों के डर से मैंने कभी किसी को कुछ भी नहीं बताया. तो मैं बोली कि अभी भी क्या तुम उसे चोदते हो? तो देवेश सैनी  बोला कि हाँ में कभी कभी ऑफिस टूर के बहाने जब रात को घर नहीं आता हूँ.. तब मैं उसके साथ होता हूँ और पूरी रात उसकी चुदाई करता हूँ. क्या बताऊ मेरे मित्रगणों   उसको देखकर किसी लैंड टाइट हो जाये.


 मेरे मित्रगणों  मने बहुत सी भाभियाँ चोद राखी है तभी यह बात सुनकर मैं बहुत गुस्से से उसको डांटने लगी तो वो गिड़गिड़ाते हुए रोने लगा. फिर मुझे लगा कि मैं अपने पति के साथ ऐसा नहीं कर सकती हूँ अगर उनको उसके साथ थोड़ी बहुत ख़ुशी मिलती है तो मैं भी उनकी इस ख़ुशी में शामिल हो जाऊँ तो इससे हम सबका भला होगा. तो मैंने उससे पूछा कि उसका नाम क्या है? तो देवेश सैनी  ने बोला कि उसका नाम कुलवंती शास्त्री  है. फिर मैंने बोला कि उसको अभी के अभी फोन लगाओ और उसके साथ सेक्सी बातें करो.. तो देवेश सैनी  ने कुलवंती शास्त्री  को फोन लगाया. मेरे मित्रगणों  क्या मलाई वाला माल लग रहा था    .


देवेश सैनी  : हेलो कुलवंती शास्त्री .

कुलवंती शास्त्री  : हाय जानू कैसे हो? और इतनी रात गये मुझे कैसे याद किया क्या भाभी घर पर नहीं है?

देवेश सैनी  : नहीं यार तुम्हारी भाभी को तुम्हारे बारे में सब कुछ पता चल गया है.

कुलवंती शास्त्री  : क्या? फिर तो मैं मर गई.

देवेश सैनी  : अरे तुम्हे कुछ नहीं होगा डरो मत.. तुम्हारी भाभी ने मुझे बोला कि उसको फोन करो तो इसलिए मैंने अभी तुम्हे कॉल किया.

मैं : हेलो कुलवंती शास्त्री  कैसी हो?

कुलवंती शास्त्री  : भाभी नमस्ते.

मैं : क्यों कुलवंती शास्त्री  मेरी पीठ पीछे यह सब क्या चल रहा है?

कुलवंती शास्त्री  : मुझे माफ़ करना भाभी.. लेकिन मैं देवेश सैनी  भैया से बहुत प्यार करती हूँ और मैंने तो उनसे शादी भी कर ली है.. लेकिन आपके डर की वजह से, मैं कभी आपके सामने नहीं आ पाती हूँ.

मैं : क्या तुम सच्चे दिल से देवेश सैनी  को प्यार करती हो?

कुलवंती शास्त्री  : हाँ अगर वो कहे तो मैं तो उनके लिए अपनी जान भी दे सकती हूँ.

मैं : तो कुलवंती शास्त्री  तुम अभी एक काम करो अपना समान पेक करो और देवेश सैनी  तुम्हे लेने आ रहा है. तुम अब हमारे साथ यहाँ पर रहोगी और अगर तुम्हे कोई प्राब्लम है तो बताओ?

कुलवंती शास्त्री  : क्या सच भाभी? मैं आपकी बहुत आभारी रहूंगी और भाभी आप जो कहोगी, मैं वो सब करूँगी आपकी नौकरानी बनकर रहूंगी.. प्लीज आप मुझे देवेश सैनी  से अलग मत करना.

 चुदाई की कहानी जरूर सुनना चाहिए मजे के लिए मैं : अरे नहीं.. वो मेरे पति है और जब तुमने भी उनसे शादी की है तो वो तुम्हारे भी पति हुए तो हम दोनों एक पति की पत्नी बनकर रहेंगे ठीक है.. तुम तैयार हो जाओ, मैं उनको तुम्हें लेने के लिए भेजती हूँ..

 साथियो की पुराणी मॉल छोड़ने का मजा ही कुछ और है फिर एक घंटे के बाद देवेश सैनी  कुलवंती शास्त्री  को साथ में लेकर घर पर आ गया और मैंने कुलवंती शास्त्री  का आरती की थाली लेकर स्वागत किया और बोला कि आज से हम दोनों एक दूसरे की सौतन हुई.. लेकिन हम दोनों दो बहनों की तरह देवेश सैनी  की सेवा करेंगी और वो हम दोनों का साथ देगा क्यों ठीक है? फिर मैंने कुलवंती शास्त्री  को बोला कि तुम बाथरूम में जाओ और नाहकर आ जाओ आज तुम्हारी सुहागरात है और इससे पहले तो तुम बहुत बार अपनी सुहागरात मना चुकी हो.. लेकिन तुम्हारी असली सुहागरात आज ही है. अब सुनिए चुदाई की असली कहानी.


 मेरे मित्रगणों  एक बार चोदते  चोदते  मेरा लंड घिस गया फिर मैंने उन दोनों के लिए सुहागरात की सेज तैयार की और फिर वो जब नहाकर बाहर निकली तो मैंने उसे शादी का लाल जोड़ा पहनने के लिए दिया और उसे दुल्हन की तरह तैयार किया और देवेश सैनी  को बोला कि तुम अब उसकी माँग भरो और मंगलसूत्र पहनाओ. तो देवेश सैनी  ने उसकी माँग में सिंदूर भरा और मंगलसूत्र पहना दिया. कुलवंती शास्त्री  ने देवेश सैनी  के और मेरे पैर छुए और हम दोनों से आशिर्वाद लिया. तभी कुलवंती शास्त्री  ने बोला कि भाभी आप भी तैयार हो जाओ ना आज हम सब मिलकर सुहागरात मनाएँगे. तो मैंने बोला कि पागल आज तू मना हम सब कल से एक ही रूम में एक ही बेड पर सोएंगे और आज मैं गेस्ट रूम में जाकर सोती हूँ. तो मैं सोने के लिए चली गई और में बाहर से तो बहुत खुश नजर आ रही थी.. लेकिन अंदर से बहुत दुखी थी. मेरे मन में यही बात खाए जा रही थी कि आज से मेरे पति का प्यार आधा हो जाएगा और ऐसे ही सोचते सोचते मुझे पता ही नहीं चला कब मुझे नींद आ गई और मैं सो गई. वहा का माहौल बहुत अच्छा था  मेरे मित्रगणों.


 मेरे मित्रगणों  उस लड़की मैंने चुत का खून निकल दिया फिर सुबह जब में देवेश सैनी  को चाय देने के लिए उसके कमरे में गई तो मैंने देखा कि वो दोनों पूरे नंगे होकर एक दूसरे से लिपट कर सोए हुए है और देवेश सैनी  का लंड अभी तक कुलवंती शास्त्री  की चूत के अंदर ही था और एक हाथ उसके बूब्स पर. तो मैंने दोनों को उठाया और चाय दी और हम सबने मिलकर चाय पी और कुलवंती शास्त्री  नहाने चली गई. जब कुलवंती शास्त्री  नहाने गई तो देवेश सैनी  ने मुझसे पूछा कि क्या तुमने हम दोनों को माफ़ कर दिया है? तो मैंने बोला कि अगर मैंने माफ़ नहीं किया होता तो मैं कुलवंती शास्त्री  को यहाँ पर नहीं बुलाती और तुम दोनों को अकेला चुदाई करने के लिए नहीं छोड़ती. तभी यह बात सुनकर देवेश सैनी  ने खुश होकर मुझे गले लगाया और मुझे किस करने लगा. तो मैंने बोला कि आज से आपकी दो बीवियां है और आपको हम दोनों को खुश करना पड़ेगा. तो देवेश सैनी  नाहकर ऑफिस चला गया. हम दोनों बैठकर बातें करने लगीं और प्लान करने लगी कि कैसे लाईफ को एन्जॉय किया जाए? और जब रात को देवेश सैनी  ऑफिस से वापस घर आया तो हम दोनों उससे लिपटकर किस करने लगी. वहा जबरजस्त माल भी थी मेरे मित्रगणों.


 मेरे मित्रगणों  चोदते चोदते चुत का भोसड़ा बन गया वो बहुत खुश होकर हम दोनों को बारी बारी किस करने लगा. फिर हम सभी ने खाना खाया और सोने के लिए बेडरूम में आए.. मैंने और कुलवंती शास्त्री  ने पारदर्शी गाऊन पहन लिया जो कि मुश्किल से कमर से थोड़ा नीचे था और हमारा बाकी जिस्म नंगा था और हम दोनों ने अंदर कुछ भी नहीं पहना था. फिर जब देवेश सैनी  रूम के अंदर आया तो हम दोनों को इस तरह से देखकर बहुत खुश हो गया और में देवेश सैनी  का एक हाथ पकड़ कर उसे चूमने लगी. तभी कुलवंती शास्त्री  ने अचानक से उसका बरमूडा पकड़ा और खींचकर उसको नंगा कर दिया और उसके लंड को मुहं में लेकर चूसने लगी. तो देवेश सैनी  ने अपनी एक ऊँगली मेरी चूत के अंदर डाली और ऊँगली करने लगा.. तभी उसने अपने हाथ की स्पीड बढ़ा दी और मुझे ज़ोर ज़ोर से ऊँगली करने लगा और फिर करीब 10 मिनट के बाद  मेरी चूत से गरम पानी की नदी बहने लगी और मेरी चूत से निकला हुआ लावा जांघो से होता हुआ बेड पर गिरने लगा. ऐसे माहौल कौन नहीं रहना चाहेगा मेरे मित्रगणों.


 मेरे मित्रगणों  एक बार मैंने अपने गांव के लड़की जबरजस्ती चोद दिया तभी देवेश सैनी  बारी बारी से हम दोनों की चूत को फैलाकर अपनी जीभ से कुत्ते की तरह चाटने लगा और हमारा सारा रस पीने लगा और कहने लगा कि बीवी हो तो ऐसी. तो मैं देवेश सैनी  का लंड मुहं में लेकर चूसने लगी तभी देवेश सैनी  ज़ोर ज़ोर से मेरे मुहं में धक्के देने लगा और थोड़ी देर के बाद देवेश सैनी  का सारा रस मेरे मुहं के अंदर चला गया. दोस्तों.. आज से पहले कभी भी मैंने उसके लंड को मुहं में नहीं लिया था और ना ही टेस्ट किया था.. लेकिन मुझे उसके लंड के रस का एक अजीब सा स्वाद मिला और फिर मैंने सारा रस पी लिया और हम दोनों बारी बारी उसका लंड चूसने लगे. फिर देवेश सैनी  हम दोनों को लेटाकर चोदने लगा.. कभी मेरी चूत में तो कभी कुलवंती शास्त्री  की चूत में अपना लंड डालने लगा और यह सब करते हुए हम दोनों को बहुत मज़ा आ रहा था. उस रात हम लोगों ने 5 बार चुदाई करवाई. उह क्या मॉल था मेरे मित्रगणों गजब.


 मेरा तो मन ही ख़राब हो जाता था मेरे मित्रगणों दोस्तों.. मैं अपनी लाईफ में अपने दिन कैसे गुजार रही हूँ? और देवेश सैनी  हम दोनों को किस तरह चोद रहा है? हम दोनों अपनी चुदाई से कितने खुश है? यह सब मैं आप सभी को अपनी अगली स्टोरी में बताउंगी .. क्या बताऊ मेरे मित्रगणों  मैंने चुदाई हर लिमिट पार कर दिया कुछ भी छोड़ने बहुत मजा आया मेरे प्यारे साथियो.

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