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पहला वाइफ स्वेप अनुभव

Posted on:- 2021-08-21


मेरे मित्रगणों  मै आप सब का हार्दिक अभिनंदन करता हु अपने बूर फाड् चुदाई की स्टोरी में मेरी शादी को आज 5 साल पुरे हो गए है और ऐसे तो मैं अपने विवाहित जीवन से बहुत खुश हूँ लेकिन मेरे इस विवाहित जीवन में एक रात ऐसी थी जिसे में कभी नहीं भुला…! उस रात को मैंने अपनी बीवी सुनील  की बीवी के साथ स्वेप की थी, मेरी बीवी लाख मना कर रही थी लेकिन दारु के नशे ने मुझे पागल किया था और मैं नहीं माना. मैंने सुनील  की बीवी सुनीता   को चोदो और सुनील  ने मेरी बीवी बन्नो  की तो ऐसी चुदाई की की मैं देख कर दंग रह गया आइये मैं आपको मेरे आँखों के सामने हुई मेरी बीवी की चुदाई बताता हूँ…!मोटी गांड वाली लड़कियों की बात ही कुछ और है.


 क्या गजब चुदकड़ अंदाज थी 31 दिसम्बर थी और मैं और सुनील , उसके घर के बरामदे में बैठ कर दारु पी रहे थे. हम दोनों व्हिस्की के दो दो पेग लगा चुके थे जबकि हम एक पेग के ही आदि थे. तभी सुनील  की बीवी सुनीता   पकोड़े देने के लिए आई, सुनीता   पकोड़े रख के जा रही थी और मैं जाती हुई सुनीता   की गांड पर नजर गडा बैठा, मुझे पता नहीं था की सुनील  की नजर मेरे तरफ है. मैं उसे देख चोंका और वोह बोला, मस्त गांड है न सुनीता   की…! मैंने कहा नहीं यार मैं तो सीडियों को देख रहा था. उसने कहा अरे घबरा मत अगर तुझे सुनीता   की चुदाई करनी है तो वोह भी बता दे, मैं उसके उपर अपने दो दोस्तों को सुनीता   के उपर चढ़ा चूका हूँ. मैं हंसने लगा तभी सुनील  ने सुनीता   को आवाज लगाईं, “सुनीता  , इधर आना बेबी…!”लड़किया क्युआ गजब चुदकड़ होती है दोस्तों


सुनीता   आई, और सुनील  बोला, “द्रोणाचर्य , तुम्हारे साथ सोना चाहता है, मैंने उसे हाँ कह दिया है…”

सुनीता   मेरे आश्चर्य के बिच हंसने लगी और बोली, “अरे क्यों मजाक कर रहे तो चढ़ गई है क्या, द्रोणाचर्य  जी कभी ऐसा नहीं कहेंगे ” उसकी नजर मेरे लंड की तरफ थी और मुझे लगा की सुनील  की बात सही है, मैंने आज तक ऐसा सुना थी की मर्द अपनी बीवियां दुसरो को चोदने देते है लेकिन यह तो सच दिख रहा था. सुनीता   मुझ से प्यार  मेरे मित्रगणों  क्या मॉल थी उसकी चुची पीकर मजा आ गयाभरी नजरे मिला के चली गई, मुझे लगा की मुझ से चुदाई का शायद उसका भी अरमान होगा. सुनील  ने मेरे कंधे पे हाथ रखा और बोला, “चलो आज रात हम लोग बीवी बदल लेते है, तूम सुनीता   कके साथ और मैं भाभी के साथ….!”.

मै एक नंबर का आवारा चोदा पेली करने वाला  लड़का हु मुझे लड़किया चोदना अच्छा लगता है यह सुनके में सन्न रह गया, लेकिन जब मैंने दिमाग में सुनीता   के मटकते कुले याद किये तो उससे चुदाई का मोह मैं दूर ना कर सका. मेरी बीवी बन्नो  एक छोटे से गाँव से थी और वो लोग पति को देवता मानते थे. मुझे पता था की बन्नो  जरुर मान जाएगी. मैं घर के लिए निकला और सुनील  बोला, “शाम तक ही कुछ करते है, मैं सुनीता   को चूत के बाल साफ़ करने को कहे देता हूँ तुम्हारे लिए…! “ मैं सीढियों की तरफ जा रहा था की सुनीता   मुझे दिखी किचन में, वह झुकी थी और उसकी वही गोल गोल गांड मेरे लंड को उठाने लगी. मैं घर गया और बन्नो  को यह बात बताई, वह सन्न रह गई और बोली, “नहीं नहीं ऐसा नहीं होंगा मुझ से आप प्लीज़ उलटी सीधी बातें ना करे, कह दीजिए की आप मजाक कर रहे है…!” मेरे उस दिन के शराब के नशे को में कैसे भूलूंगा जिस के प्रभाव में मैंने बन्नो  को कहा की अगर वोह सुनील  से नहीं चुदवाएगी तो में उसे कभी नहीं चोदुंगा….!मेरे प्यारे दोस्तो चुची पिने का मजा ही कुछ और है.


ये कहानी पढ़ कर आपका लंड खड़ा नहीं हुआ तो बताना  लड खड़ा ही हो जायेगा  शाम के कुछ 6 बजे थे और सुनीता   और सुनील  मेरे घर पर आये, सुनील  ने मुझे फोन कर के कहा था. तब भी में बियर की बोतल ले के बैठा था, जब वो लोग घर आये. बन्नो  वही बैठी थी और उसके चहेरे के होश उड़े थे. सुनीता   मेरे पास वाली कुर्सी में बैठी हुई थी. सुनील  ने मुझे आँखों से इशारा कर के पूछा की क्या मैं बन्नो  को बताया है या नहीं. मैंने हकार में मस्तक हिलाया. सुनील  ने सुनीता   को इशारा कर दिया और सुनीता   के मुहं पर अलग ही खुशी थी. मुश्किल थी की पहल कोन करेगा, पर सुनीता   चुदाई की शौक़ीन और इस काम में माहिर लगती थी क्यूंकि वह सीधे उठ के बोली, “अब कितना पिएँगे आप, सुनील  की तरह आप भी न बस दारु के दुश्मन है….!”मेरे मित्रगणों  चुत छोड़ने के बाद सुस्ती सी आ जाती है    .


 क्या बताऊ मेरे मित्रगणों   उसको देखकर किसी लैंड टाइट हो जाये उसने आके मेरे हाथ से दारु की बोतल ली और ऐसे एक्टिंग से अपने चुन्चो पर मेरा हाथ रखा की ऐसा लगे की मैंने उसके चुंचे मसले है. उसके चुंचे टाईट थे और उनमे अजब गर्मी थी, सुनील  यह देख मन ही मन में हंस रहा था. बन्नो  भी देख रही थी, अब मैंने सोचा चलो सब ने  मेरे मित्रगणों  मने बहुत सी भाभियाँ चोद राखी है.
मेरे मित्रगणों  क्या मलाई वाला माल लग रहा था     देख लिया तो अब क्या प्रॉब्लम है. मैंने सुनीता   का हाथ पकड के उसको अपनी गोद में बिठाया और उसके चुन्चो को मसलना चालू कर दिया. सुनीता   का हाथ मेरे पेंट के उपर से ही मेरे लंड को दबाने लगा. सुनील  अब बन्नो  के पास खड़ा था और उसने बन्नो  को छूने के लिए हाथ लंबा किया. बन्नो  पीछे हटी और सुनील  बोला, “अरे भाभी घबराइये नहीं, यह तो बस हम चारो के बिच रहेगी बात, अनिरुध्द को सुनीता   पसंद ठिया और मुझे आप जैसे सिम्पल सोबर औरते पसंद है तो बस एक छोटी सी हेरफेर ही है.” उसने अब बन्नो  के कपडे उतारने शरु कर दिए. बन्नो  ने मेरी तरफ देखा और उसमे मुझे एक अलग ही आग नजर आई. बन्नो  खड़ी हुई और सुनील  उसके कपडे निकाले उसके पहेले वह खुद ही नंगी हो गई, सुनील  भी पूरा नग्न हो गया और उसने बन्नो  को गोद में बिठा लिया. चुदाई की कहानी जरूर सुनना चाहिए मजे के लिए.


 साथियो की पुराणी मॉल छोड़ने का मजा ही कुछ और है सुनीता   ने इधर मेरा लंड अपने मुहं में कब ले लिया मुझे पता ही नहीं चला, वह शायद मुझ से चुदाई करने के लिए बहुत उतावली थी, सच कहूँ तो मुझे सुनीता   की गांड भा गई थी और मुझे उसके कूलो पर दांत गड़ाने की फेंटसी सी थी, सुनील  ने मुझे उसकी गांड देखते केवल आज पकड़ा लेकिन मैं जब भी सुनीता   गुजरती तो उसकी गांड चोरी छुपे जरुर देखता था. सुनीता   लंड को मस्त चला चला के चूसने लगी और साथ में मेरी झांघो पर अपने हाथ भी फेरने लगी, मैं बहुत उत्तेजित हो चूका था. मैने लंड उसके मुहं से निकाला और उसे वही सोफे पे लेटाया. सुनीता   अपने चूत को खोल कर उसमे लंड लेने के लिए तैयार हो रही थी लेकिन मैंने तो उसे उल्टा कर दिया और उसकी गांड के उपर अपने दांत गड़ाने लगा, सुनीता   हिलने लगी और बोली, “अरे बहुत गुदगुदी हो रही है, प्लीज़ आहिस्ता से मुझे काटे….आह अह्ह्ह आहा हा हा….” वो गुदगुदी होने के वजह से हंस रही थी. अब सुनिए चुदाई की असली कहानी.


 मेरे मित्रगणों  एक बार चोदते  चोदते  मेरा लंड घिस गया बन्नो  की चूत में सुनील  का लंड पेलन करने लगा था और बन्नो  इस बड़े तगड़े लंड को मुसीबत से चूत के अन्दर पूरा ले पा रही थी. सुनील  का लंड कम से कम 9 इंच लम्बा और 2-2.5 इंच चौड़ा था जो एक हब्सी के लंड से कम नहीं था, मेरी बीवी की चूत फट रही थी वोह भी मेरे सामने और मैं किसी और औरत की चुदाई में व्यस्त था. सुनीता   अब लंड हाथ में लेकर खडी हुई और वही उसने डौगी स्टाइल से अपने घुटने सोफे पर रख दिए. मेरे लंड को उसने अपनी चूत की तरफ दोरा और उसे चूत के छेद पर रख .दिया. मैंने एक झटका दिया आने चूत को लंड से तृप्त कर दिया. मैं अब सुनीता   की कस के चुदाई करने लगा और मेरे हाथ उसकी गांड के उपर ही थे, मैं उसकी गांड पर हाथ के चमाटे लगा रहा था और सुनीता   ओह आह ओह आह ऐसा बोल रही थी. सुनील  ने बन्नो  को जोर जोर से झटके दिए थे जिसकी वजह से बन्नो  चीख रही थी पर लंड उस पे जरा भी दयावान नहीं था और उसकी चूत को पेलता ही गया. वहा का माहौल बहुत अच्छा था  मेरे मित्रगणों.  


 मेरे मित्रगणों  उस लड़की मैंने चुत का खून निकल दिया सुनीता   की गांड पर मैंने थूंक मला और इस गांड की फेंटसी पूरी करने के लिए उसके गांड के छेद में लंड दे दिया, मेरे हिसाब से उसकी गांड सख्त होनी चाहिए थी लेकिन उसमे मेरा लंड आसानी से घुस गया और सुनीता   गांड हिला हिला के मरवा रही थी लंड से. मेरी उत्तेजना चरम सीमा पर पहुंची और में सुनीता   की गांड में ही झड़ गया. सुनीता   और मैं दोनों खड़े हुए और कपडे पहनने लगे, मैं अब सुनील  को अपनी बीवी की चूत लेते हुए देख रहा था. बन्नो  की साँसे फूली हुई थी इस तगड़े लंड के प्रहार खा खा के उसकी चूत के इर्दगिर्द लाल हो गया था और सुनील  उसे अब साइड में लिटा के चुदाई कर रहा था. यह चुदाई से बन्नो  की चूत जैसे की फट रही थी और वह अभी भी वैसे ही चीख रही थी, सुनीता   मेरी तरफ देख के बोली, “सुनील  का लंड तो टारजन है इसके आगे तो मनु की बीवी रमिला भी थक गई थी, जब की वह कितनी मांसल और मोटी है…सुनील  का लंड ही ऐसा है…सच कहेती हूँ बन्नो  आज की चुदाई जिन्दगी भर याद करेगी.” मुझे पहेली बार लगा की मैंने गलत किया है लेकिन अब देर हो चुकी थी क्यूंकि में सुनीता   की चूत और गांड दोनों ले चूका था इसलिए अगर मैं कहेता की बन्नो  को छोड़ दो तो बात सही नहीं थी मेरी. वहा जबरजस्त माल भी थी मेरे मित्रगणों  .


 मेरे मित्रगणों  चोदते चोदते चुत का भोसड़ा बन गया बन्नो  अगले दस मिनिट तक वही तीव्रता से चुदती रही, लेकिन सुनील  ने इस दस मिनिट में उसे तिन अलग अलग मुद्राओ में लंड दिया था, चोथी मुद्रा डौगी बन्नो  के लिए बहुत असह्य थी इसलिए उसे इन्होने अधुरा छोड़ा था. मुझे बन्नो  के माथे पर पसीने की लहरे दिख रही थी और उसकी वही स्पीड ससे चुदाई होती रही. आखिर कार सुनील  का टारजन छाप लंड शांत हुआ और उसने बन्नो  की योनी में अपना वीर्य छोड़ दिया…..! बन्नो  इतनी थक गई थी के वह वहीँ लेट गई बिना कपडे पहने, सुनील  और सुनीता   10 मिनिट बाद घर गए और पूरा हफ्ता मैं बन्नो  से आँखे नहीं मिला पाया और वह दो दिन ठीक से चल नहीं सकी….! मैंने अब सुनीता   की गांड ककी तरफ देखना छोड़ दिया है और केवल बन्नो  का ही बन के रह गया हूँ, अगर मेरे हाथ में होता तो मैं इस दिन को अपने भूतकाल से मिटा देता….!मेरे मित्रगणों  एक बार मैंने अपने गांव के लड़की जबरजस्ती चोद दिया क्या बताऊ मेरे मित्रगणों  मैंने चुदाई हर लिमिट पार कर दिया उह भाई साहब की माल है उसकी चुत की बात ही कुछ और है.

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