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बीवियों के साथ ग्रुप सेक्स

Posted on:- 2022-04-07


नमस्कार मेरे मित्रगणों  और सुनाइए कैसे आप सब.. , मेरा नाम मिथिलेश पटेल  है और मुझे शुरू से ही चुदाई  कहानियाँ पढ़ना बहुत पसंद है और मेरी उम्र 23 साल है. दोस्तों यह मेरी आज की स्टोरी मेरे अपने घर की है.. जिसमे मेरी बीवी के चुदाई  की कहानी है. मेरी बीवी की लम्बाई 5.9 इंच है और उम्र 21 साल है. वो दिखने में गोरी और बहुत सुंदर है जिसे देखकर कोई भी मर्द आहें भरने लगता है और उसकी गांड बहुत गोल है जो कि लचकती है और उसके बूब्स भी बहुत गोल है जैसे कोई चुदाई  फिल्म की हीरोईन हो. उसे भी चुदाई  की बहुत चाहत है और वो मुझसे हमेशा ज़्यादा से ज़्यादा चुदाई  की मांग करती है. आप सब कैसे है,क्या हाल चाल मेरे मित्रगणों  कैसे है आप सब आशा है अच्छे होंगे और चुदाई के जुगाड़ में होंगे.

 मेरे मित्रगणों  क्या मॉल थी उसकी चुची पीकर मजा आ गया उसकी चूत भी हमेशा रस से भरी रहती है. मेरी शादी को दो साल हो गये है और में एक प्राईवेट सस्था  में काम  करता हूँ जिसमे मेरी बहुत अच्छी आमदनी है और मेरा घर एक मल्टिपलेक्स में है जिसमे और भी कई लोग रहते हैं. हमारे फ्लेट के सामने एक फेमिली रहती है जिसमे दो कपल्स रहते है.. उनका नाम देपु सीख  और कुलवंती देवी  है. उनका अक्सर हमारे घर पर आना जाना होता रहता है और उसकी बीवी मुझे बहुत लाईन मारती है और वो बहुत चुदाई  है. में भी कभी कभी उसको आँख मार देता हूँ.. लेकिन क्या करें? इधर मेरी बीवी और उधर उसका पति बड़ी परेशानी में थे. मै एक नंबर का आवारा चोदा पेली करने वाला  लड़का हु मुझे लड़किया चोदना अच्छा लगता है मेरे प्यारे दोस्तो चुची पिने का मजा ही कुछ और है.

 ये कहानी पढ़ कर आपका लंड खड़ा नहीं हुआ तो बताना  लड खड़ा ही हो जायेगा  फिर ऐसे ही दिन गुजर रहे थे और एक दिन हमने अपने घर पर मेरी बीवी अलीशा  के जन्मदिन पर एक छोटी सी पार्टी रखी और उसमे हमने उनको भी बुलाया वो लोग आए और बैठे.. मेरी बीवी पानी लाई तो उसने टेबल पर पानी रखा और झुकी तो देपु सीख  मेरी बीवी के बूब्स को घूर घूरकर झाँकने लगा.. क्योंकि वो बहुत बड़े गले का ब्लाउज पहनती है.. लेकिन मेरी बीवी ने उससे कुछ नहीं कहा और वो चली गयी. फिर हमारी बातें होने लगी और फिर कुछ देर बाद हम खाने पीने लगे और फिर म्यूज़िक लगाकर हम डांस करने लगे. मेरे मित्रगणों  चुत छोड़ने के बाद सुस्ती सी आ जाती है    .


 क्या बताऊ मेरे मित्रगणों   उसको देखकर किसी लैंड टाइट हो जाये तभी देपु सीख  ने मेरी बीवी का हाथ पकड़कर उसे अपनी जोर से झटके से खींचा और उसकी कमर में अपना एक हाथ डालकर डांस करने लगा और मौका देखकर मैंने भी उसकी बीवी को पकड़ कर नाचना शुरू किया और हम दोनों एक दूसरे से लिपट रहे थे और मेरी बीवी के बूब्स उसकी छाती से टकरा रहे थे. इधर में भी कुलवंती देवी  की पीठ पर हाथ घुमा रहा था.. ऐसे ही अचानक लाईट चली गयी और मौका देखकर में कुलवंती देवी  को किस करने लगा और हम दोनों एक दूसरे को लिप किस करते हुए चूमे जा रहे थे और में उसके बूब्स दबा रहा था. मेरे मित्रगणों  मने बहुत सी भाभियाँ चोद राखी है.


 मेरे मित्रगणों  क्या मलाई वाला माल लग रहा था     तभी कमरे में अंधेरा होने के कारण देपु सीख  कह रहा था कि लाईट के आने तक डांस करते रहो.. तो फिर हम दोनों अपने काम में लगे रहे और किसी को कुछ नहीं दिख रहा था. तो मैंने कुलवंती देवी  के ब्लाउज का एक बटन खोल दिया और बूब्स दबाने लगा और फिर होंठ चूसने लगा और पूरा ब्लाउज खोल दिया. देपु सीख  और मेरी बीवी के बीच क्या हो रहा था मुझे कुछ भी नहीं पता था. फिर मेरा लंड खड़ा होने की वजह से मुझे सिर्फ अलीशा  का गदराया हुआ चुदाई  बदन दिखाई दे रहा और अचनक लाईट आ गयी और हम घबरा गये.. लेकिन हमने जब पलट कर पीछे का सीन देखा तो बहुत दंग रह गये.. देपु सीख  ने मेरी बीवी का ब्लाउज और साड़ी को पूरा उतार दिया था और वो उसके बूब्स से खेल रहा था और इधर मेरे हाथ भी उसकी बीवी के बूब्स पर थे और हम चारों एक दूसरे को देखकर चुपचाप खड़े रहे. तभी अचानक देपु सीख  हंसने लगा और बोला कि अरे भाई मिथिलेश पटेल  रुक क्यों गये शरम छोड़ो और मजे मस्ती करो. तो मैंने भी कहा कि हमे भी रुकना नहीं चाहिए.. मजे करो तो हमारी बीवियों ने कहा कि हाँ यार आज कुछ नया हो जाए और हंसने लगी.. बस फिर क्या था? वो शुरू हो गये और देपु सीख  ने मेरी बीवी का पेटीकोट भी उतार दिया और अलीशा  सिर्फ़ पेंटी में खड़ी थी. चुदाई की कहानी जरूर सुनना चाहिए मजे के लिए.


 साथियो की पुराणी मॉल छोड़ने का मजा ही कुछ और है वो किसी अप्सरा से कम नहीं लग रही थी. तो देपु सीख  ने कहा कि यार कहाँ छुपा रखा था यह चुदाई  जिस्म जिसे हर मर्द चोदना चाहता है. मैंने कहा कि हाँ देपु सीख  मेरी बीवी को चुदाई  की बहुत इच्छा है. तो उसने कहा कि हाँ मेरी बीवी भी दूसरे मर्द का लंड लेना चाहती है. तभी अलीशा  ने कहा कि हाँ यार एक लंड से चुदवा चुदवाकर बोर हो गये हैं.. आज मौका है कुछ नया करने का.. चलो हम सभी  अब सुनिए चुदाई की असली कहानी.
 मेरे मित्रगणों  एक बार चोदते  चोदते  मेरा लंड घिस गया मिलकर मजे करते है.. फिर मैंने कुलवंती देवी  के पूरे कपड़े उतार दिए और वो नंगी खड़ी थी. तभी मैंने देपु सीख  से कहा यार तुम्हारी बीवी का बदन तो आग का है.. एकदम गरम और चुदाई . फिर हम सभी पूरे नंगे हो गये और बेडरूम में गये. वहाँ पर हमने एक ही बेड पर दोनों औरतों को लेटाकर एक दूसरे की बीवी की चूत का रसपान करने लगे. वहा का माहौल बहुत अच्छा था  मेरे मित्रगणों.  


 मेरे मित्रगणों  उस लड़की मैंने चुत का खून निकल दिया अलीशा  ने अपनी सुंदर जांघे ऐसे फ़ैलाई जैसे एक रंडी अपनी चूत को ग्राहक के आगे फैलाती है और देपु सीख  उसकी चूत को चूसने लगा.. तो वो अजीब सी सिसकियाँ लेने लगी. फिर इतने में मैंने भी चूत को चूसना शुरू किया तो दोनों की चूतों ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया और हम करीब 15 मिनट तक चूत चूसते रहे और वो दोनों दो बार झड़ गई. फिर उन दोनों ने कहा कि हमे तुम्हारा लंड चाहिए.. हमे लंड चूसने दो और दोनों ने एक एक करके लंड चुसवाना चालू किया तो हमारे लंड तनकर खड़े हो गये और मेरा लंड देपु सीख  के लंड से लंबा था.. लेकिन देपु सीख  का लंड मेरे लंड से बहुत मोटा था. मेरी बीवी बहुत खुश हुई कि आज उसकी मोटे लंड की इच्छा पूरी होगी और फिर हम दोनों को लेटाकर उनके ऊपर आ गए और उनके होंठ चूसने लगे. फिर हम धीरे धीरे एक एक बूब्स चूसने लगे और दोनों पैर कंधे पर रखकर गांड का भी रस लेने लगे. वहा जबरजस्त माल भी थी मेरे मित्रगणों  .
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 मेरे मित्रगणों  चोदते चोदते चुत का भोसड़ा बन गया हमारी बीवियाँ बहुत तड़प रही थी और उन्होंने कहा कि जल्दी करो और अपना लंड डालो. तो सबसे पहले देपु सीख  ने मेरी बीवी की चूत पर लंड रखा और एक जोर का धक्का मारा तो मेरी बीवी दर्द से चिल्ला उठी और कहा कि थोड़ा आराम से डालो.. लंड का मुहं अंदर गया. फिर उसने एक और धक्का मारकर पूरा लंड अंदर डाल दिया तो अलीशा  जोर से चिल्लाई और कहा कि थोड़ा रूको. ऐसे माहौल कौन नहीं रहना चाहेगा मेरे मित्रगणों  .


 मेरे मित्रगणों  एक बार मैंने अपने गांव के लड़की जबरजस्ती चोद दिया इधर में अपना लंड कुलवंती देवी  की चूत में डालने लगा और धीरे धीरे मैंने पूरा लंड अंदर डाल दिया. फिर हमने धीरे धीरे धक्के लगाने शुरू किए और हम एक दूसरे की बीवी को पूरे जोश से चोदने लगे. इसके बाद वो दोनों ज़ोर ज़ोर से साँसे ले रही थी.. ओअहह और ज़ोर से चोदो.. निकाल दो मेरी चूत का रस.. पी लो इसको जानेमन.. कितने दिनों से नये लंड के लिए तरस रही हूँ. दे दो मुझे अपना पूरा लंड और लूट लो मेरी जवानी.. यह मेरी बीवी की आवाज थी और वो जोर जोर से चिल्ला रही थी और फिर दोनों छिनालो ने अपना चूत का रस उगल दिया और हमसे लिपट गई.. लेकिन हमने उन्हें चोदना नहीं छोड़ा और हम लगे रहे और कुछ देर बाद हम दोनों ने उनकी चूत में अपना अपना लंड रस उगल कर लेट गये और ज़ोर ज़ोर से साँसे लेने लगे. फिर थोड़ी देर बाद हम लोगों ने उनको पलट कर कुतिया बनाया और उनकी गांड चाटने लगे और वो दोनों फिर से गरम हो गई. उह क्या मॉल था मेरे मित्रगणों  गजब .


 मेरा तो मन ही ख़राब हो जाता था मेरे मित्रगणों   फिर देपु सीख  ने मुझसे कहा कि यार मिथिलेश पटेल  पता है मेरी बीवी को गांड मरवाने का बहुत शौक है. तो मैंने कहा कि मेरी बीवी इस मामले में तो पूरी रंडी है और वो किसी छिनाल की तरह गांड में लंड डलवा लेती है. फिर हम शुरू हो गये.. देपु सीख  ने मेरी बीवी अलीशा  की गांड पर लंड टिकाकर एक जोरदार धक्का मारा तो अलीशा  चिल्ला पड़ी और बोली कि धीरे धीरे डालो.. तुम्हारा लंड मेरे पति से बहुत मोटा और दमदार है जो कि मुझे बहुत पसंद है. फिर देपु सीख  ने पूरा लंड अलीशा  की गांड में डाल दिया और चोदने लगा. क्या बताऊ मेरे मित्रगणों  मैंने चुदाई हर लिमिट पार कर दिया.


 कुछ भी  हो माल एक जबरजस्त था  मैंने भी कुलवंती देवी  की गांड मारना चालू कर दिया और दोनों फिर से चुदाई करने लगे और हम चारों पसीना पसीना हो रहे थे और इन दोनों छिनालो के मुँह से चुदाई  की सिसकियाँ निकल रही थी और मेरी बीवी चिल्ला रही थी.. अरे मेरे प्यारे देपु सीख  काश में अपनी सुहागरात तुम दोनों से एक साथ चुदवाकर मनाती तो मेरी लिए वो रात यादगार बन जाती. तो देपु सीख  ने कहा कि अरे मेरी रांड रानी अब तो में यहीं हूँ और रोज तेरी सुहागरात तेरे ही बिस्तर पर तुझे चोदकर मनाया करूँगा और मैंने भी उसकी बीवी से कहा कि देपु सीख  मेरे घर में सोएगा और में तुम्हारे घर में और तुम्हे रात भर चोदूंगा. फिर हमारे शरीर अकड़ने लगे और हम दोनों चरम सीमा पर पहुँचने लगे और हमने एक साथ अपना रस उन दोनों की गांड में डालकर उनकी पीठ से लिपट गये और वही बिस्तर पर लेट गये. मेरे मित्रगणों  मैंने किसी भाभी को छोड़ा नहीं है उह भाई साहब की माल है उसकी चुत की बात ही कुछ और है मेरे मित्रगणों  कई बार जबरजस्ती शॉट मरने में चुत से खून निकल गया.


अब हम चारों बहुत थक चुके थे और पता ही नहीं चला कि कब हमारी नींद लग गयी. फिर सुबह रविवार को हम 9 बजे उठे और देखा कि सब नंगे ही सो गये हैं और किसी ने कुछ नहीं पहना था.. दोनों औरतों की गांड से हमारा पानी निकल रहा था और हमने फिर एक बार चुदाई की और नहाने चले गये और फिर खाना खाकर फिर दिनभर चुदाई करते रहे. अब में और देपु सीख  रोज की तरह बीवियाँ बदलकर चुदाई करते हैं.

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