मुख्य पृष्ठ » चुदाई की कहानी » पड़ोसन सोनम की दर्दनाक चुदाई


पड़ोसन सोनम की दर्दनाक चुदाई

Posted on:- 2024-07-10


नमस्कार मेरे प्यारे मित्रो कैसे है आप सब आशा है अच्छे ही होंगे, मेरा नाम  सुरेश  है और में दिल्ली का रहने वाला हूँ. मेरी उम्र 18 साल है और मेरे घर में हम तीन लोग है और में एक  मेडिकल का स्टूडेंट हूँ. दोस्तों मुझे बचपन से ही चोदा पेली करने में बहुत रूचि रही है, मुझे चुदाई वाली  बदन को ताकना बहुत अच्छा लगता है और अब में पिछले कुछ सालों से चुदाई वाली  कहानियाँ पढ़ता आ रहा हूँ, मुझे ऐसा करने से बहुत संतुष्टि मिलती है क्योंकि में कभी कभी मुठ मारकर अपने लंड को शांत भी करता हूँ. मन कर रहा था कब इसे चोद लू मेरा लंड समझने  को तैयार नहीं था.

 अब बिना चुदाई के रह नहीं सकता था मित्रों मै पागल सा हो गया दोस्तों में आप सभी को अपनी आज एक सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ जो कुछ समय पहले मेरे साथ हुई एक घटना है, जिसमें मैंने अपनी पड़ोसन को चोदा. में उम्मीद करता हूँ कि यह आप सभी को जरुर पसंद आएगी. अब में अपनी कहानी पर आता हूँ. ओह ओह ओह है कब लंड को घुसा दू ऐसा लग रहा था मित्रों.

 मॉल था चुदाई के लायक दोस्तों मेरे घर के पास में सोनम नाम की एक बहुत खूबसूरत पड़ोसन रहती है, वो वहां पर अपने पूरे परिवार के साथ रहती है और उसके तीन बच्चे है, लेकिन उसको देखने से कहीं से भी नहीं लगता कि वो तीन बच्चों की माँ भी हो सकती है. दोस्तों उसके फिगर का साईज 33-27-42 है और उसके बड़े बड़े झूलते हुए चुचिया, मटकती हुई गांड पूरे मोहल्ले में मशहूर थी, वो हमेशा बड़े गले के बिल्कुल चिपके हुए सलवार सूट पहनकर घूमती थी, जिसकी वजह से हर कोई उसको देखकर उसकी तरफ आकर्षित था और में भी उसे देखकर हमेशा से ही उसको चोदने का मन ही मन इरादा रखता था. मैंने सोचा पेलुँगा जरूर  कभी न कभी माल चुदाई के लिए तड़प रही थी मित्रों.

 जब माल अच्छा हो तो कौन नहीं  चोदना चाहेगा  है न मित्रों फिर जब भी मुझे समय मिलता तो में उसके साथ बातें करता और वो भी हंस हंसकर मेरी बातों का जवाब दिया करती और मेरी नजर हमेशा उसके गदराए हुए बदन पर रहती थी. में हमेशा उसको छूने की कोशिश किया करता था, लेकिन वो मेरी इन सभी बातों पर कभी भी ज्यादा ध्यान नहीं देती थी. एक दिन उसका परिवार कुछ दिनों के लिए कहीं बाहर गया हुआ था और उस बात का मैंने सही मौका देखकर मन ही मन सोचा कि आज किसी भी तरह में इसे जरुर चोदूंगा और इस बात को सोचते हुए में उसके घर पर चला गया और फिर मैंने दरवाजे पर लगी घंटी को बजाया तो उसने दरवाजा खोला. चोदने के बाद थोड़ा रिलेक्स हुआ भाइयो क्या गजब मजा आया.

 सेक्स करते समय बहुत मजा आया था मित्रों दोस्तों में आप सभी को अपने किसी भी शब्दों में बता नहीं सकता कि वो उस एकदम टाईट सूट में क्या मस्त चुदाई वाली  लग रही थी? उसके बाहर निकलते हुए चुचिया को देखकर मेरा मन कर रहा था कि में उसको वहीं पर पकड़कर चोद दूँ, में लगातार उसके चुचिया को घूर घूरकर देख रहा था और मेरी नजर चुचिया से हटने को बिल्कुल भी तैयार नहीं थी. फिर उसने मुझसे पूछा कि बताओ सुरेश क्या काम है? तो मैंने उससे कहा कि कुछ नहीं भाभी जी, में तो बस ऐसे ही आपसे मिलने आ गया और फिर उसने मुझे मुस्कुराते हुए अंदर आने को कहा और उसने मुझे रूम में बैठने को कहा और वो खुद भी मेरे पास में बैठ गई और फिर हम दोनों एक दूसरे से इधर उधर की बातें करने लगे. उसके ओठ रसीले थे मित्रों मॉल गजब था मित्रों.

में : और भाभी जी बताइए आप कैसी है? मित्रों वो मदहोस थी चुदाई के लिए

सोनम : में तो एकदम अच्छी हूँ, लेकिन तुम बताओ कि तुम कैसे हो?

में : हाँ में भी एकदम ठीक ठाक हूँ. उसके बूब्स क्या मस्त थे मित्रों अब मै क्या कहु मित्रों 


सोनम : और तुम्हारी मम्मी कैसी है? मेरा मन चुदाई का था मित्रों

में : वो भी एकदम ठीक ठाक है. मैंने तय किया की चोद कर ही दम लूंगा

सोनम : क्यों क्या तुम्हे मुझसे कुछ काम था? लेकिन पेलुँगा जरूर 

 मै चुदाई के लिए बिल्कुल बेताब  था  मित्रों में : जी नहीं बस आपको एक बार देखने का मन किया और में आपके पास चला आया.

सोनम : (हंसते हुए) क्यों मुझमें ऐसा क्या है जो तुम्हारा मुझे देखने का दिल किया?

में : क्योंकि आप बहुत सुंदर हो और मुझे आपका फिगर भी बहुत चुदाई वाली  लगता है.

सोनम : (थोड़ा गुस्से से मुझे घूरते हुए) मेरा फिगर, क्या मतलब है तुम्हारा?

 मुझे तो बस चुदाई की धुन सवार थी मित्रों  में : जी मतलब है कि कितना अच्छा आकार है और आपके चेहरे को देखकर कोई भी नहीं कह सकता कि आप तीन बच्चों की माँ हो, आप एक कुंवारी लड़की से भी अच्छी लगती हो. मुझे बूर की मादक खुसबू आ रही थी जो मुझे पागल कर रहे थे

सोनम : हाँ हाँ ठीक है धन्यवाद, अब तुम मुझे ज्यादा मस्का भी मत लगाओ.

 दिन रात बस चुदाई ही चुदाई ख्याल मित्रों और कुछ नहीं फिर वो मुस्कुराती हुई उठकर किचन में चली गई और में वहीं पर बैठ हुआ उसकी मटकती हुई गांड को देखने लगा, तभी थोड़ी देर बाद मुझे अचानक से कुछ गिरने की आवाज़ आई. फिर जब में तुरंत उठकर वहां पर गया तो मैंने देखा कि देखा सोनम नीचे गिरी हुई थी. मैंने उसे अपना सहारा देकर उठाया. दोस्तों गिरने की वजह से उसके कंधे में थोड़ी सी चोट लग गई थी और उसे उठाते समय मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया और मेरी पेंट में तंबू बन गया. वो अपने दर्द को भूलकर मेरा तना हुआ लंड देखकर हंसने लगी, जिसकी वजह से मुझे थोड़ी सी शरम आ गई. उसकी आखो में चुदाई का नशा था.

 मेरा लंड उसकी बूर को चिर कर आगे निकाल रहा था फिर मैंने उसे अपनी गोद में उठाकर बेडरूम में ले जाकर लेटा दिया, लेकिन अब भी उसे बहुत दर्द हो रहा था और वो उस दर्द से कराह रही थी. तभी उसने मुझसे कहा कि प्लीज में उसके कंधे की मालिश कर दूँ. दोस्तों मेरी तो उसके मुहं से यह बात सुनते ही जैसे किस्मत ही खुल गई. मैंने तुरंत हाँ कहा और फिर में दूसरे कमरे से तेल लेकर आ गया और अब में उसके कंधे की मालिश करने लगा और उसके गोरे गोरे चिकने कंधे छूते ही मेरे अंदर करंट दौड़ने लगा और में अब ना जाने क्या क्या बातें सोचने लगा. मैंने उसकी बूर का सील तोड़ दिया मित्रों.

 फर्स्ट टाइम चुदाई में सील टूटती है तो थोड़ा तो दर्द होगा ही अब मैंने थोड़ी हिम्मत करते हुए उससे कहा कि भाभी जी आप अपना यह सूट उतार दो वरना मेरे मालिश करते समय तेल लगने से यह खराब हो जाएगा और आपको इसकी धुलाई करने में बहुत परेशान होना पड़ेगा. फिर उसने कहा कि नहीं कोई बात नहीं, ऐसे ही ठीक है, तुम थोड़ा देखकर अपना काम करो, लेकिन फिर मेरे बहुत बार कहने पर उसने अपना सूट उतार दिया और अब वो मेरे सामने सिर्फ ब्रा और सलवार में थी. में उसको देखकर बिल्कुल अपने होश खो बैठा था में बिल्कुल पागल हो चुका था और अब उसकी खाली ब्रा से भी उसके चुचिया बाहर आने को तैयार हो रहे थे और में उन्हें लगातार घूरने लगा और फिर वो मुझसे बोली. लंड घुसाने में लग रहा था बस चुत फैट ही जाएगी मित्रों.

सोनम : क्यों ऐसे क्या देख रहे हो?

में : (थोड़ा नाटक करते हुए) भाभी कुछ नहीं.

 लड़कियों की चुत मरने का मजा ही कुछ और है  मित्रों फिर वो उल्टा लेट गई और मैंने उसकी मालिश करना शुरू किया. फिर कुछ देर मालिश करने से वो अब गरम होने लगी और वो धीरे धीरे मोन करने लगी और इस बात का फायदा उठाते हुए में धीरे धीरे उसकी ब्रा के पीछे से उसके चुचिया को दबाने सहलाने लगा, लेकिन वो अब भी मुझसे कुछ नहीं बोली, जिसकी वजह से मेरी हिम्मत और बढ़ गई और फिर में उसके चुचिया को एक साईड से हल्का सा दबाने लगा. तभी वो बोली कि तुम यह क्या कर रहे हो? तो में एकदम से डर गया. मेरा लंड चुत में घुसने को तैयार था मित्रों.

 चुची की चुसाई में क्या मजा है मित्रों मेरे दोनों हाथ एक जगह रुक से गए और में मन ही मन कुछ सोचने लगा, लेकिन मेरे जवाब देने से पहले वो मुझसे बोली कि पूरे शरीर की मालिश करनी है तो तुम अगर कहो तो में इसे भी खोल दूँ? अब मेरे मुहं से बिना कुछ सोचे समझे तुरंत हाँ निकल गया और अब उसने भी मुझसे बिना कुछ कहे अपनी ब्रा को खोल दिया और फिर वो एकदम सीधी हो गई. दोस्तों में तो वो चुदाई वाली  नजारा देखकर जैसे बिल्कुल पागल सा मेरा लंड ताबड़तोड़ चुदाई के लिए तैयार हो गया, क्योंकि में जिन चुचिया को सोच सोचकर में हमेशा मुठ मारता था, आज वो ठीक मेरे सामने खुले पड़े थे. फिर में उन पर टूट पड़ा और ज़ोर ज़ोर से दोनों चुचिया को पागलों की तरह दबाने लगा. अब वो समय आ गया जब मुझे उसकी चुदाई करनी थी.

 मित्रों वो बुल्कुल मादक शराब जैसी लग रहे थी मन कर रहा अभी पी  लू फिर वो थोड़ा सा गरम होकर मुझसे बोली कि तू यह क्या कर रहा है साले? में तो उसके मुहं से यह बात सुनकर अचानक से डर गया तभी वो मुझसे बोली कि साले में कोई रंडी हूँ जो तू मेरे चुचिया को इतना ज़ोर से दबा रहा है, उह्ह्हह्ह प्लीज अब थोड़ा धीरे धीरे दबा, मुझे बहुत दर्द हो रहा है. दोस्तों में उसके मुहं से ऐसे शब्द सुनकर बिल्कुल हैरान हो गया, क्योंकि मैंने कभी सपने में भी सोचा नहीं था कि में कभी भाभी के साथ यह सब करूंगा. अब उसे चुदाई का मजा मिल रहा था मित्रों.

 सच मुझे अब पता चला की चुदाई में कितना मजा है मित्रों अब वो मेरा चेहरा देखकर शरारती हंसी हंसने लगी और में उससे कहने लगा कि भाभी मुझे माफ़ करना में थोड़ा जोश में अपने होश खो बैठा था. तभी वो मुझसे मुस्कुराते हुए बोली कि कोई बात नहीं है चल तू आराम से थोड़ा धीरे धीरे दबा ले, में बहुत पहले से जानती हूँ कि तेरी भी मेरे साथ यही सब करने की इच्छा बहुत समय से है, तू हमेशा मेरे चुचिया को घूरता रहता था और मुझे छूने के नए नए मौके ढूंढता रहता है और आज जब तुझे मेरी तरफ से इतना अच्छा मौका मिला है तो तू यह मौका क्यों छोड़ेगा और तू क्या? तेरी जगह कोई और होगा तो वो भी इतना अच्छा मौका नहीं छोड़ेगा. दोस्तों में अब उनकी यह पूरी बात सुनकर बहुत खुश हो गया और में बिल्कुल निडर होकर उसके चुचिया दबाने, मसलने लगा. इस प्रकार हमने मस्त  चुत की ताबड़ तोड़ चुदाई की और मजा लिया और आप.

 सुनकर आपका लंड खड़ा हो जायेगा मित्रों फिर कुछ देर दबाने के बाद मैंने पूछा कि भाभी क्या में इसे अपने मुहं में लेकर चूस लूँ? तो वो बोली कि हाँ चूस ले, लेकिन थोड़ा आराम से, मेरे दर्द का भी ख्याल रखना. दोस्तों में अब उसके गोरे गोरे चुचिया पर हल्के भूरे रंग के निप्पल को चूसने लगा जो कि चोकलेट की तरह हल्के भूरे रंग के बहुत सुंदर थे. वो अब ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ ले रही थी आह्ह्हह्ह्ह्ह प्लीज थोड़ा आराम से उह्ह्ह्हह्ह कर मादरचोद आईईईईईईइ क्या आज इनका तू सारा दूध पियेगा? मेरा लंड ताबड़तोड़ है और एक अच्छी चुत के तलाश में है.

 उसकी चूची क्या गजब लग रही थी मित्रों मैंने कहा कि हाँ भाभी आज तो में तेरा सारा दूध निचोड़ निचोड़कर में पी जाऊंगा और में अब उसके चुचिया को चूसने लगा और फिर एक हाथ से मैंने तुरंत उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया और जल्दी से अपना एक हाथ उसकी गरम गरम भोसड़े  पर रख दिया. फिर वो एकदम से हट गई और फिर वो मुझसे बोली कि साले रांड की औलाद, क्या फ्री में ही मज़े लेने चला था? तेरे पास क्या कुछ ऐसा है जो मुझे खुश कर सके या फिर ऐसे ही आ गया भड़वे साले? उसकी चूची का उभार गगजब था मित्रों.

 उसकी बूब्स क्या मन को मचला रहे थे मित्रों  फिर मैंने बोला कि साली रांड मेरे पास तो इतना लम्बा है कि तू क्या तेरी माँ भी उसे देखकर और अपने अंदर लेकर बिल्कुल पागल हो जाएगी और फिर मैंने अपना 7 इंच लंबा और 2 इंच मोटा लंड अपनी पेंट से बाहर निकालकर उसके सामने रख दिया और वो उसे देखकर बहुत खुश हो गई और फिर वो मुझसे बोली कि साले छिनाल की औलाद तूने अब तक इसे कहाँ छुपाकर रखा था, अगर मुझे पहले से पता होता कि तेरा लंड इतना मोटा, लंबा, मस्त है तो में हमेशा तुझसे ही चुदाई करवाती, ना कि अपने नामर्द पति से जिसने आज तक कभी भी मेरी भोसड़े  को शांत नहीं किया है, में आज भी तड़पती रहती हूँ और फिर वो इतना कहकर तुरंत नीचे बैठ गई और मेरा लंड अपने मुहं में लेकर चूसने लगी, लेकिन मेरा लंड उसके मुहं में पूरा अंदर नहीं जा रहा था. फिर मैंने उसके बाल पकड़े और एक ज़ोर का धक्का देकर पूरा का पूरा लंड उसके गले तक पहुंचा दिया और उसकी नाक को बंद कर दिया. जिसकी वजह से वो तड़पने लगी. मन कर रहा था उसकी चूची पकड़ कर पी जाऊ मित्रों.

उसकी चूची क्या मुलायम  थी मित्रों में : आज तू बस ऐसे ही तड़पती रहेगी साली रांड, क्योंकि तूने भी बहुत समय से मुझे ऐसे ही तरसाया है, लेकिन आज तू बहुत रोयेगी, क्योंकि मेरी तेरी भोसड़े  को आज फाड़ दूंगा. उसकी चूची पीते पीते तनकर लाल हो गयी.

 उसकी चुत का टेस्ट नमकीन और मादक था मित्रों बस चाटा जाओ फिर वो लंड को अपने मुहं से बाहर निकालकर कहने लगी कि साले, मादरचोद आज में तुझे पूरी तरह से निचोड़ लूँगी और आज तू मेरी सारी प्यास जरुर बुझाएगा. दोस्तों अब हम दोनों 69 की पोज़िशन में आ गए थे और में उसकी भोसड़े  को पूरी तरह से खोलकर चाटने, चूसने लगा था, वाह दोस्तों क्या स्वाद था उसकी भोसड़े  का. उसकी भोसड़े  पर एक भी बाल नहीं था और वो भी अब पूरे जोश में आकर मेरा लंड लोलीपोप की तरह ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी थी. हम दोनों बहुत जोश में थे और वो धीरे धीरे मोन कर रही थी. उसकी बूर मदमस्त हो गयी मित्रों उह उह उह उह उसकी बूर मदमस्त हो गयी मित्रों उह उह उह उह.

 और क्या बताऊ मित्रों मैंने बहुत सी कमसीन जवान और मदमस्त लड़कियों की बूर में चुदाई किया है काफी मजा किया अब में उसकी भोसड़े  को अपनी जीभ से चोदने लगा और उसकी भोसड़े  ब्रेड की तरह फूली हुई थी और करीब दस मिनट में ही हम दोनों एक साथ झड़ गये. दोस्तों वो मेरा सारा वीर्य चूस चूसकर गटक गई और में भी उसकी भोसड़े  का सारा रस चाट गया. अब में उसकी गांड को सूंघने लगा था. दोस्तों वाह क्या मदहोश कर देने वाली खुशबू थी उसकी. फिर थोड़ी देर में मेरा लंड एक बार फिर से तनकर खड़ा हो गया और मैंने उससे सीधा होने को कहा और मैंने उसकी भोसड़े  के मुहं पर अपना लंड रखा और एक ज़ोर का धक्का दे दिया, जिसकी वजह से मेरा लंड फिसलता हुआ सीधा अंदर चला गया और वो बहुत ज़ोर से चीख पड़ी आईईईईइ उह्ह्ह्हह्ह में मर गईईईईईईईईई मादरचोद उह्ह्ह्ह माँ में मर गई. मै एक चुदकड़ लड़की हु मित्रों  मुझे हमेशा चुदाई भूख रहती मित्रों मुझे चुदाई के  बारे सोचकर मै मदहोश हो जाती हु.

 लड़कियों की चुत मरने का मजा ही कुछ और है  मित्रों दोस्तों में अब थोड़ा सा रुक गया और कुछ देर रुकने के बाद मैंने एक बार फिर से दोबारा एक धक्का मारा और इस बार मेरा आधा लंड उसकी भोसड़े  में चला गया, जिसकी वजह से उसकी आँखो में से आंसू बाहर आ गए और वो बहुत ज़ोर से चिल्ला गई ऊईईईइ हरामी साले आऐईईईईई थोड़ा आराम से कर, लेकिन फिर भी मैंने उसकी बात को ना सुनते हुए एक और दमदार झटका दिया और अब मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी भोसड़े  में चला गया और वो चीखने चिल्लाने लगी बहनचोद उह्ह्ह्हह्ह् साले तेरी माँ की भोसड़े  रांड की औलाद उह्ह्हह्ह. मेरा लंड तनकर टाइट था मित्रों.

 मेरा लंड चुत में घुसने को तैयार था मित्रों दोस्तों अब में उसे लगातार ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चोदने लगा और मेरे धक्कों की स्पीड इतनी तेज थी कि वो मेरे हर एक धक्के से पूरी हिल रही थी और थोड़ी ही देर में उसे भी अब मेरे साथ मज़े आने लगा था. अब वो भी मेरा पूरा पूरा साथ देने लगी थी और करीब 15 मिनट की चुदाई में वो करीब दो बार झड़ चुकी थी. फिर मैंने कुछ देर की चुदाई के बाद उसे घोड़ी बनने को कहा और उसने ठीक वैसा ही किया. अब में उसकी गांड को चाटने लगा कि तभी वो मुझसे बोली कि गांड नहीं प्लीज, मुझे बहुत दर्द होगा, तुम्हारा बहुत मोटा है. चुची की चुसाई में क्या मजा है मित्रों.

 मै उसकी चूची  पी रहा था मेरा लंड ताबड़तोड़ चुदाई के लिए तैयार  फिर मैंने कहा कि साली रांड आज तो मुझे तेरी गांड की भी हालत खराब करनी है क्योंकि में हमेशा से तेरी गांड मारना चाहता था और आज मुझे किस्मत से वो मौका मिला है. फिर मैंने लंड को उसकी गांड के मुहं पर रखकर पूरा दम लगाकर अंदर घुसा दिया, लेकिन मेरे जबरदस्ती ऐसा करने की वजह से उसकी गांड से अब खून आने लगा था और वो उस दर्द से तड़पने लगी. फिर मैंने उसे बिना बताए खून को साफ किया और धीरे धीरे धक्के देने लगा. अब वो बहुत बुरी तरह से चिल्ला रही थी, लेकिन में फिर भी  सुनकर आपका लंड खड़ा हो जायेगा मित्रों नहीं रूका और करीब 40 मिनट तक उसकी गांड को धक्के मारने के बाद में उसकी गांड में ही झड़ गया. अब वो समय आ गया जब मुझे उसकी चुदाई करनी थी.

 मित्रों वो बुल्कुल मादक शराब जैसी लग रहे थी मन कर रहा अभी पी  लू दोस्तों अब तक हम दोनों बहुत थक चुके थे और कुछ देर ऐसे ही पड़े रहने के बाद हम दोनों उठकर बाथरूम में चले गये और हम दोनों नहाने लगे. फिर उसके कुछ देर बाद में नहाकर अपने कपड़े पहनने लगा. फिर उसने मुझसे पूछा कि फिर कब आओगे? तो मैंने कहा कि जब तू बोलेगी मेरे रंडी, वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर हंसने लगी और मैंने उसके होंठो पर किस किया और फिर में वहां से बाहर चला गया, लेकिन दोस्तों उस दिन में बहुत खुश था, क्योंकि मेरे मन की इच्छा आज पूरी हो चुकी थी और मुझे अपनी भाभी की चुदाई करने का मौका मिल चुका था. हमारी यह चुदाई बहुत समय तक ऐसे ही लगातार सुबह शाम चलती रही और वो मेरी चुदाई से पहली बार में इतनी आनंदित हो गई कि उन्होंने मुझे कभी भी चुदने से मना नहीं किया और इस बात का फायदा उठाकर मैंने उनकी चुदाई के बहुत मज़े लिए. अब उसे चुदाई का मजा मिल रहा था मित्रों सच मुझे अब पता चला की चुदाई में कितना मजा है मित्रों.

What did you think of this story??






अन्तर्वासना इमेल क्लब के सदस्य बनें


हर सप्ताह अपने मेल बॉक्स में मुफ्त में कहानी प्राप्त करें! निम्न बॉक्स में अपना इमेल आईडी लिखें, फिर ‘सदस्य बनें’ बटन पर क्लिक करें !


* आपके द्वारा दी गयी जानकारी गोपनीय रहेगी, किसी से कभी साझा नहीं की जायेगी।