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माँ के साथ दो बेटियों की चुदाई

Posted on:- 2022-08-01


नमस्ते दोस्तों मेरा नाम हरप्रीत है और में मसूरी  का रहने वाला हूँ. यह कहानी एक सच्ची कहानी है. एक दिन में सड़क पर घूम रहा था और तभी हमारे पास के गाँव में रहने वाली कचनारी  और उसकी दो बेटियाँ लाजवंती  और आरती भी वहीं से जा रही थी. उनके पीछे पीछे एक करीब 7 फिट लंबा विदेशी फोन पर कुछ करते हुए जा रहा था. मै एक नंबर का चुदकड़ लड़का हु मुझे लड़किया चोदना अच्छा लगता है.

 ये कहानी पढ़ कर आपका लंड खड़ा नहीं हुआ तो बताना  दोस्तों कचनारी  करीब 44 साल की मध्यमवर्ग की औरत है उसका फिगर करीब 35-32-38 है. कचनारी  का पति बहुत शराब पीता था और पिछले दो साल पहले वो मर गया. अब लाजवंती  दिल्ली में किसी बड़ी कंपनी में नौकरी करती है. लाजवंती  की उम्र 22 साल और उसका फिगर 34-30-36 है, आरती दिल्ली में पढ़ाई कर रही है और उसकी उम्र 19 साल की है और फिगर 34-28-34 है. अब लाजवंती  और आरती विदेशी के साथ अंग्रेजी में बातें कर रही थी और कचनारी  उनके पीछे पीछे चली थी. उसके बाद वो सभी खेत की तरफ़ घूम गये और में सड़क पर आगे की तरफ चला गया. तभी मेरे दिमाग़ में एक सवाल आया कि यह अंजान इनके साथ क्यों जा रहा है? चुदाई की कहानी जरूर सुनना चाहिए मजे के लिए.


 वहा जबरजस्त माल भी थी दोस्तों  फिर दूसरे दिन फिर शाम को में सड़क पर घूमने निकला और वो लोग फिर से आए और पिछले दिन की तरह वो अपने खेत की तरह दोबारा घूम गये. उनका खेत सड़क से आधा किलोमीटर अंदर था और एक कच्चा रास्ता खेत की तरफ जाता है. थोड़ी देर के बाद में भी खेत के रास्ते की तरफ घूम गया और अब में उनके खेत से थोड़ा आगे की तरफ निकल गया तब मैंने देखा कि कचनारी , लाजवंती  और आरती घास काटने में लगी हुई थी और विदेशी फोन पर कुछ करता हुआ इधर से उधर आ जा रहा था. ऐसे माहौल कौन नहीं रहना चाहेगा दोस्तों .


 मेरा तो मन ही ख़राब हो जाता था दोस्तों तभी थोड़ी देर के बाद में वापस आ गया और उनके खेत के पास आते ही मैंने अपने चलने की गती को कम कर लिया. तब मैंने देखा कि उसी समय विदेशी उन तीनों के सामने मुठ मारने लगा, लेकिन उन लोगों ने मुझे नहीं देखा था और अब मुझे कुछ शक हुआ कि यह उन्ही के सामने कैसे मुठ मारने लगा? यह सब क्या हो रहा है? मेरी समझ में कुछ भी नहीं आ रहा था और में उसकी इस हरकत को देखकर बहुत चकित था. दोस्तों वैसे कचनारी  का घर हमारे गाँव से करीब 100 मीटर की दूरी पर है. कुछ भी  हो माल एक जबरजस्त था.

 उसको देखकर  किसी का मन बिगड़ जाये उस दिन मुझे किसी जरूरी काम से कहीं जाना पड़ा और जब में वापस आया तो कचनारी  के गाँव के पास से होकर आया, क्योंकि वहां पर हाइवे से एक छोटा रोड है जो मेरे गाँव कचनारी  के गाँव से होकर जाता है, इसलिए जब में कचनारी  के घर के पास से निकला, तभी मेरे दिमाग़ में एक ख्याल आया कि क्यों ना में छुपकर कचनारी  के घर के अंदर देखता हूँ, कचनारी  के घर में एक पालतू कुत्ता है और वो बहुत ख़तरनाक कुत्ता है इसलिए मैंने उसके डर की वजह से अपनी गाड़ी को थोड़ी दूरी पर लगाई और में खेत से होता हुआ कचनारी  के घर के पिछली तरफ जाने लगा. वो कुत्ता मेरी हरकत को पहचानकर बहुत ज़ोर से भोंकने लगा, लेकिन इससे मुझे पता लग चुका था कि आज वो कुत्ता बंधा हुआ है खुला नहीं है, क्योंकि वो अगर खुला होता तो भोंकता नहीं और वो चुपचाप मेरे पास में आकर मुझे दबोचकर काट लेता. उह भाई साहब की माल है उसकी चुत की बात ही कुछ और है.

 ओह्ह उसके यह का चुम्बन की तो बात अलग है  अब में घर के पिछली तरफ़ की खिड़की की तरफ़ चला गया और वो कुत्ता थोड़ी देर चिल्लाने के बाद अपने आप चुप हो गया. वो 11:00 बजे का समय था और मैंने अपना फोन पहले से ही साइलेंट मोड पर कर लिया था, जिसकी वजह से अगर किसी का फोन आया तो घंटी नहीं बजेगी. दोस्तों उस रात को मौसम भी बहुत खराब था ज़ोर ज़ोर से बिजलियाँ चमक रही थी और किसी भी समय बारिश होने वाली थी. फिर जैसे ही में खिड़की के पास पहुँचा और अपना कान लगाकर अंदर की बातें सुनने लगा, लेकिन मुझे तो कुछ भी सुनाई नहीं दिया और शायद उस रूम में कोई भी नहीं था इसलिए ऐसा हुआ. है उसके गांड मेरा मतलब तरबूज क्या गजब भाई.


 उसका भोसड़ा का छेड़ गजब का था दोस्तों में अब वापस मुड़ने वाला था, लेकिन तभी पास के रूम से मुझे किसी के हँसने की आवाज़ सुनाई देने लगी इसलिए में दूसरे रूम की खिड़की की तरफ जाने लगा और उस समय बारिश भी शुरू हो गई और फिर अचानक से एक जोरदार आवाज के साथ बिजली चमकी और लाईट चली गयी. अब में उस खिड़की के साथ चिपक गया ताकि में बारिश के पानी से बच सकूँ, तभी मैंने देखा कि कचनारी  लाईट लेकर अंदर आई और उसने उस लाईट को टेबल पर रख दिया, जिसकी वजह से मुझे अंदर का सब कुछ नज़र आने लगा. उसकी बूब्स  देखते ही उसको पिने की इच्छा हो गयी.

 दोस्तों मै सबसे पहले उसकी गांड मरना चाहता हु अब मैंने देखा कि वो अंजान आदमी बीयर पी रहा था. लाजवंती , आरती और कचनारी  रूम में थे उनकी बातों से मुझे पता चला कि कल सुबह लाजवंती  आरती और विदेशी वापस दिल्ली जाने वाला है और विदेशी दिल्ली में अपनी पढ़ाई करने के लिए आया है और वो किराएदार बनकर लाजवंती  और आरती के पड़ोस में रहता है और वहीं से उनकी दोस्ती हुई थी और अब मैंने सोचा कि जो मेरे दिमाग़ में पहले उसके लिए आया था, वो सब गलत था जो में सोच रहा था वो सब झूठ था. अच्छा चुदाई चाहे जितनी कर साला फिर भी लैंड नहीं मनता दोस्तों.

 दोस्तों मेरा तो मानना है जब भी चुत मारनी हो बिना कंडोम के ही मारो तभी ठीक नहीं सब बेकार में ऐसे ही बारिश में भीग रहा हूँ मुझे अब अपने घर चले जाना चाहिए. तभी विदेशी ने अपनी बीयर को खत्म कर दिया और वो उठकर अंगड़ाई लेने लगा और तभी मैंने देखा कि लाजवंती  अपनी सलवार को उतार रही थी और उसने अब तक अपनी कमीज़ को भी उतार दिया था, जिसकी वजह से वो अब मेरी आखों के सामने ब्रा और पेंटी में खड़ी थी और उसको आरती, कचनारी  देख रही थी. अब अंजान ने लाजवंती  को अपनी बाहों में भरकर ज़ोर से हग किया और उसने अपने कपड़े भी उतार दिए थे. तब मैंने देखा कि विदेशी का लंड बहुत बड़ा था और अभी तो वो तना भी नहीं था, लेकिन फिर भी वो करीब 3 इंच लंबा होगा. उसके बूर की गहराई में जाने के बाद क्या मजा आया दोस्तों  जैसे उसके चुत में माखन भरा हो.

 मुझे तो कभी कभी चुदाई का टाइफिड बुखार हो जाता है और जब तक चुदाई न करू    तब तक ठीक नहीं होता फिर लाजवंती  उसको अपने मुँह में लेकर चूसने लगी और कुछ देर बाद वो लंड कड़क होने के बाद करीब 6 इंच का हो गया था. अब आरती अपनी चूत पर हाथ फेरने लगी थी और लाजवंती  ज़ोर ज़ोर से उसके तनकर खड़े लंड को चूसने लगी थी. तभी अंजान ने लाजवंती  की ब्रा को खोल दिया, जिसकी वजह से उसके गोल गोल बूब्स बाहर आ गये और विदेशी उनसे खेलने लगा. एक बात और दोस्तों चुत को चोदते समय साला पता नहीं क्यों नशा सा हो जाता बस चुदाई ही दिखती है.

 उह यह उसकी नशीली आँखे में एक दम  चुदकड़ अंदाज है फिर उसके बाद आरती भी नंगी हो गयी और मैंने देखा कि उसकी चूत पर बहुत छोटे छोटे बाल थे और अब उसने अपनी चूत को विदेशी के मुँह पर लगा दिया. विदेशी उसको चाटने लगा कुछ देर बाद रूम से सिसकियों की आवाज आने लगी. फिर लाजवंती  बेड पर सीधी होकर लेट गई और उसके पास में आरती अपना मुहं उल्टा करके लेट गयी और अंजान ने अपना 6 इंच का मोटा लंबा लंड डालना शुरू किया, लेकिन मुझे यह पता नहीं लगा कि वो किसे अपना लंड दे रहा है? तभी लाजवंती  की चीख निकली ऊऊईईईईईई माँ मर गयी यह बहुत दर्द कर रहा है उफ्फ्फ्फ़ माँ मेरी चूत फट गयी आह्ह्ह्ह आईईईई चोदो मुझे ज़ोर से की आवाज निकालने लगी और तब मुझे उसकी आवाज को सुनकर पता चला कि उसने अपना लंड लाजवंती  को दिया है, लेकिन उसके बाद आरती की चीख निकली ओह्ह्ह्हह्ह भगवान यह तो बहुत बड़ा है आहह्ह्ह तुम मुझे भी ऐसे ही ज़ोर ज़ोर से चोदना, वो ऐसे बोलने लगी. दोस्तों देखने से लगता है की वो पका चोदा पेली का काम करती होगी.

 दोस्तों चुत को चाटेने के  समय उसके बूर के बाल मुँह में आ रहे थे फिर उसके बाद अंजान ने आरती और लाजवंती  को बारी बारी से बहुत मज़े लेकर चोदा, जिसकी वजह से पूरे रूम में फच फच आह्ह्ह्ह उफफ्फ्फ्फ़ आईईईइ मज़ा आ गया की आवाज़ें आ रही थी और बाहर बारिश भी ज़ोर से हो रही थी. दोस्तों मुझे तो कभी कभी चुत के दर्शन मात्र से खूब मजा आता क्योकि मई पहले बहुत बार अपने मौसी के लड़की  को बिना पैंटी के देखा था  वाह क्या मजा आया था.

 मन कर रहा था कब इसे चोद लू मेरा लंड समझने  को तैयार नहीं था  अब विदेशी ने आरती को अपनी बाहों का सहारा देकर उठाया और अपने लंड पर बैठा दिया. कुछ ही सेकिंड में आरती का चेहरा रोने जैसा लग रहा था और उसने आरती की 28 इंच की कमर को पकड़कर विदेशी ने ज़ोर से चोदना शुरू किया और कुछ ही देर बाद आरती झड़ गयी. उसके बाद आरती बेड के साइड में होकर लेट गयी. अब बिना चुदाई के रह नहीं सकता था दोस्तों मै पागल सा हो गया.

 ओह ओह ओह है कब लंड को घुसा दू ऐसा लग रहा था दोस्तों फिर उसके बाद उसने लाजवंती  को चोदा और लाजवंती  बड़े मज़े ले लेकर अपनी चुदाई करवा रही थी और वो सिसकियों की आवाज़ें निकाल रही थी, उफ्फ्फफ्फ्फ़ आह्ह्हह्ह हाँ चोदो मेरी चूत को हाँ थोड़ा और ज़ोर से चोदो, वाह मज़ा आ गया और थोड़ी देर के बाद लाजवंती  भी झड़ गई. उसने अपनी और आरती की चूत को अपनी पेंटी से साफ कर लिया. अंजान का लंड अब भी तना हुआ था. शायद वो अब तक झड़ा नहीं था. फिर आरती उसके लंड को अपने मुहं में लेकर चूसने लगी, जिसकी वजह से गपल गपल की आवाज़ आने लगी, तभी कचनारी  थोड़ी ऊँची आवाज में बोली कि अब तुम दोनों अपने रूम में चली जाओ. मैंने सोचा पेलुँगा जरूर  कभी न कभी.

 माल चुदाई के लिए तड़प रही थी दोस्तों  फिर लाजवंती  बोली कि मम्मी प्लीज हमें भी देखने दो ना, अब कचनारी  नंगी होने लगी और मैंने देखा कि उसकी गांड बहुत मोटी थी और उसकी चूत पर बहुत सारे बाल भी थे. फिर लाजवंती  ने कचनारी  को उठाया और वो विदेशी के लंड को पकड़कर कचनारी  के मुँह में डालने लगी, लेकिन कचनारी  बार बार मना कर रही थी. तभी आरती बोली कि मम्मी प्लीज एक बार इसको अपने मुहं में लेकर चूसकर देखो. ऐसा करने में बड़ा मज़ा आता है और यह लंड तो खन्ना अंकल से ज्यादा बड़ा, मोटा भी है. जब माल अच्छा हो तो कौन नहीं  चोदना चाहेगा  है न दोस्तों.

 चोदने के बाद थोड़ा रिलेक्स हुआ भाइयो क्या गजब मजा आया फिर मेरी समझ में आया कि इसका मतलब कचनारी  किसी खन्ना अंकल से भी चुदती थी. मुझे क्या पता था कि चेहरे से इतनी भोलीभाली दिखने वाली यह माँ बेटियाँ इतनी बड़ी रंडी छिनाल भी हो सकती है जो किसी का लंड लेने या अपनी चूत को चुदवाने के लिए इतनी हद तक भी नीचे गिर सकती है. सेक्स करते समय बहुत मजा आया था दोस्तों.


 उसके ओठ रसीले थे दोस्तों मॉल गजब था दोस्तों मुझे अब पता चला तो लाजवंती  बोली कि मम्मी यह कल वापस जा रहा है और इसलिए आप इससे अपने तीनों छेद से मज़ा ले लो, तभी इस बात को सुनकर कचनारी  ज़ोर से हँसने लगी और वो बोली कि यह तो मम्मी की गांड को एक ही बार में फाड़ देगा. फिर आरती बोली कि मम्मी बड़े लंड से फड़वाने में बहुत मज़ा आता है, कचनारी  पूछने लगी कि क्या तुमने कभी लिया है? तो लाजवंती  बोली कि नहीं इसकी लम्बाई बहुत है, लेकिन में अपनी चूत में आधा लंड जरुर ले लेती हूँ और रोते रुलाते हुए तो में पूरा ले लेती हूँ क्योंकि वो सब काम करने में बहुत दर्द होता है. उसके लिप्स की चूसै यू ही चलती रही  दोस्तों.

 दोस्तों वो मदहोस थी चुदाई के लिए अब लाजवंती  और आरती कुर्सी पर बैठ गयी और कचनारी  लंड को चूसने लगी, लेकिन वो अब अपने मुहं में जानबूझ कर थोड़ा सा लंड ले रही थी. तभी लाजवंती  उठकर आ गई और वो लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी और वो बोली कि मम्मी आप ऐसे चूसो और कचनारी  भी वैसे ही चूसने लगी.

फिर कुछ देर लंड को चूसने के बाद विदेशी ने कचनारी  को नीचे लेटा दिया और उसके पैरों को अपने कंधे पर रखकर वो लंड को चूत के अंदर डालने लगा और विदेशी ने एक झटके में अपना पूरा लंड कचनारी  की चूत की गहराईयों में उतार दिया, लेकिन कचनारी  के मुँह से एक भी सिसकी नहीं निकली. फिर आरती बोली कि माँ आपको इतना बड़ा लंड लेने पर भी कुछ नहीं हुआ? तो लाजवंती  बोली कि माँ की चूत बहुत खुली हुई है ज्यादा चुदाई होने की वजह से उनकी चूत अब भोसड़ा बन चुकी है. उसके बूब्स क्या मस्त थे दोस्तों अब मै क्या कहु दोस्तों.

 मेरा मन चुदाई का था दोस्तों अब विदेशी ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर माँ को चोदने लगा और कचनारी  अपनी दोनों आँखे बंद करके चुदाई के मज़े लेने लगी और थोड़ी देर की चुदाई के बाद कचनारी  झड़ गई, लेकिन विदेशी का लंड अब भी वैसे ही तना हुआ था. शायद वो अब भी झड़ा नहीं था. अब लाजवंती  और आरती ने बारी बारी से एक बार फिर से लंड चूसा और उसके बाद लाजवंती  ने कचनारी  से पूछा क्यों माँ मज़ा आया ना? कचनारी  बोली कि हाँ यह बहुत बड़ा है और इसके लंड ने मुझे पूरा मज़ा दिया इतना बड़ा लंड चुदाई करे तब मज़ा तो आएगा. मैंने तय किया की चोद कर ही दम लूंगा.

 मै चुदाई के लिए बिल्कुल बेताब  था  दोस्तों अब विदेशी आरती को अपनी तरफ खींचने लगा और आरती भागकर एक कोने में चली गयी और वो कहने लगी कि नहीं मुझे अब नहीं फड़वानी अपनी चूत इससे, लाजवंती  तुम ही इसका ले लो, में अब तक इसके साथ बहुत मज़े ले चुकी हूँ. मुझे तो बस चुदाई की धुन सवार थी दोस्तों.

 मुझे बूर की मादक खुसबू आ रही थी जो मुझे पागल कर रहे थे अब लाजवंती  बोली कि नहीं मेरी चूत फिर से इसका लंड नहीं ले पाएगी और मेरी भी चुदाई अब बहुत हुई, मुझे चुदाई का जो मज़ा चाहिए था वो सब मिल चुका है, इससे ज्यादा मेरी चूत के लिए भी ठीक नहीं है. फिर विदेशी बोला बेबी तुम बस एक बार और मेरे साथ मज़े कर लो तुम्हारे साथ मेरा लंड भी संतुष्ट हो जाएगा, तभी लाजवंती  बोली कि मेरी चूत तो नहीं ले सकती, लेकिन में अपने मुँह में लेकर तुम्हारा काम जरुर कर देती हूँ. दिन रात बस चुदाई ही चुदाई ख्याल दोस्तों और कुछ नहीं.

 सच कहु तो वो चुदाई तो तरस रही थी दो फिर विदेशी बोला कि नहीं, मेरा लंड तुम्हारी चूत में जाकर उसको चोदना चाहता है, तब लाजवंती  बोली कि तुम तुम्हारा लंड मुझे मेरी गांड में दे दो और इतना कहकर लाजवंती  आगे झुकी और वो आरती से बोली कि मेरी गांड पर थूक लगा दे. मेरा लंड उसकी बूर को चिर कर आगे निकाल रहा था.

 फर्स्ट टाइम चुदाई में सील टूटती है तो थोड़ा तो दर्द होगा ही फिर आरती, लाजवंती  की गांड पर थूक लगाने लगी और फिर वो अपनी उंगली से गांड के अंदर तक लगाने लगी और उसके बाद वो अपनी उंगली को लाजवंती  की गांड में डालने लगी. फिर लाजवंती  उस दर्द की वजह से एकदम खड़ी हो गयी और आरती उससे कहने लगी कि जब तुम इतनी छोटी उंगली नहीं ले पा रही हो तो यह दस इंच का लंड कैसे लोगी? अब लाजवंती  विदेशी के लंड पर बैठने लगी, लेकिन फिर भी लंड अंदर घुस नहीं रहा था तब आरती ने लंड को अपने एक हाथ से पकड़ा और वो लंड को लाजवंती  की गांड के छेद पर रखने लगी और जैसे ही लंड थोड़ा सा अंदर गया तो लाजवंती  ज़ोर से चिल्लाई उफफ्फ्फ्फ़ माँ मर गई आईईईईई और वो तुरंत लंड के ऊपर से उठ गई, लेकिन वो कुछ देर बाद एक बार फिर से लंड पर बैठने लगी. लंड घुसाने में लग रहा था बस चुत फैट ही जाएगी दोस्तों.

 क्या गजब लग रही थी दोस्तों अब थोड़ा सा लंड अंदर गया तो लाजवंती  ज़ोर ज़ोर से चीखने लगी और कचनारी  बोली कि इतनी ज़ोर से मत चीख किसी ने सुन लिया तो सारा काम बिगड़ जाएगा. फिर लाजवंती  बोली ओह्ह्ह्ह ऊफ्फफ्फ्फ् इतना लंबा लंड में अपनी गांड में नहीं ले सकती स्सीईईईई में तो आज इस दर्द की वजह से मर ही जाउंगी, प्लीज बाहर निकालो मुझे बहुत दर्द हो रहा है.

 क्या रस भरी चुत थी दोस्तों मजा आ गया  अब विदेशी ने बिना सुने अपने लंड को थोड़ा और लंड अंदर धक्का दिया, जिसकी वजह से लाजवंती  ज़ोर से चिल्लाने लगी और लाजवंती  लंड को जबरदस्ती बाहर निकालकर कोने में चली गयी और वो अपनी गांड पर हाथ रखकर कुछ महसूस करने लगी और वो बोली कि आरती देखो आज मेरी गांड फट गई है मुझे बहुत दर्द हो रहा है और वो बोली कि इससे अच्छा है में अपनी चूत में यह लंड ले लूँ और वो बोली कि मम्मी प्लीज़ आप अब कुछ करो. लड़कियों की चुत मरने का मजा ही कुछ और है  दोस्तों.

 मेरा लंड चुत में घुसने को तैयार था दोस्तों  दोस्तों अब कचनारी  अपनी गांड पर हाथ लगाकर देखने लगी और वो बोली कि यह इतना बड़ा है तो मेरी भी जरुर फाड़ देगा, तभी आरती बोली कि मम्मी आप एक बार लेकर देखो, आपको भी पता चल जाएगा. चुची की चुसाई में क्या मजा है दोस्तों.

 मेरा लंड ताबड़तोड़ चुदाई के लिए तैयार अब कचनारी  बोली कि चल ठीक है तू मेरी गांड में भी थोड़ा सा थूक लगा दे और अब आरती, कचनारी  की गांड में थूक लगाने लगी और वो अपनी एक उंगली को डालकर अंदर तक लगाने लगी, कचनारी  ने अपनी गांड में अंदर तक पूरी उंगली ले ली और फिर आरती विदेशी से बोली कि तुम मेरी माँ की गांड मारने के लिए तैयार हो जाओ. अब वो समय आ गया जब मुझे उसकी चुदाई करनी थी.

 दोस्तों वो बुल्कुल मादक शराब जैसी लग रहे थी मन कर रहा अभी पी  अब कचनारी  बेड के ऊपर झुक गयी और विदेशी ने एक जोरदार झटके में अपना आधा लंड कचनारी  की गांड में डाल दिया, जिसकी वजह से कचनारी  दर्द से सिसकियाँ लेने लगी उईईईई माँ में मर गई, फट गयी मेरी, मुझे बहुत जलन हो रही है. फिर विदेशी ने एक झटका और दे दिया, जिसकी वजह से उसका पूरा लंड कचनारी  की गांड में चला गया और कचनारी  उईईईईइईईईई माँ करती हुई पूरा लंड उसने अपनी गांड में ले लिया और अब विदेशी ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चोदने लगा. अब उसे चुदाई का मजा मिल रहा था दोस्तों.

 सच मुझे अब पता चला की चुदाई में कितना मजा है दोस्तों कचनारी  दर्द की वजह से सिसकती रही और करीब 6-7 मिनट के बाद विदेशी ने अपना लंड उसकी गांड से बाहर निकाला तो उसका लंड सिकुड़ने लगा और कचनारी  की गांड में डालने से विदेशी का वीर्य निकलने लगा था, बहुत सारा वीर्य कचनारी  की गांड में निकला. अब आरती और लाजवंती  ने कचनारी  की गांड को कपड़े से साफ किया और कचनारी  ने अपनी पेंटी से विदेशी का लंड साफ किया. फिर लाजवंती  बोली कि मम्मी गांड बहुत दर्द कर रही है, कचनारी  बोली कि हाँ लेकिन अभी थोड़ी देर बाद बिल्कुल ठीक हो जाएगी और कचनारी  बोली कि 12 बज गये है अब सो जाओ, क्योंकि कल सुबह तुम लोगों को जाना भी है. इस प्रकार हमने मस्त  चुत की ताबड़ तोड़ चुदाई की और मजा लिया और आप.

 सुनकर आपका लंड खड़ा हो जायेगा दोस्तों अब कचनारी  उठकर उस रूम से बाहर जाने लगी तो लाजवंती  बोली कि मम्मी आप भी यहीं पर सो जाओ और तभी विदेशी बोला कि में आज रात को आंटी की चूत एक बार फिर से मारूँगा, आरती बोली कि मम्मी यह बोल रहा है कि यह आज रात को आपको एक बार फिर से चोदना चाहता है. फिर कचनारी  बोली कि हाँ ठीक है तुम चोद लेना, फिर लाजवंती  ने उठकर लाइट को बंद कर दिया और उसके बाद आरती, विदेशी एक दूसरे की बाहों में बाहें डालकर और लाजवंती , कचनारी  बाहों में बाहें डालकर लेट गए सोने लगे. अब तक बारिश भी रुक गयी थी और उनकी चुदाई का काम भी खत्म हो गया था, इसलिए में भी वापस अपने घर पर आ गया. जाने कितनी को तो कुवारी में ही माँ बना दिया  और मैं चोदा पेली करने के लिए कही भी और किसी भी हद तक जा सकता हु और तो और मैंने अपने गांव के किसी भी औरत और छोड़ा नहीं है जो नहीं मानती थी उनके साथ जबरजस्ती चोदा पेली किया हु  सोचिये मैं ऐसा हरामी चोदूबीर आदमी हु दोस्तों.

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