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गावं में चुदाई की यात्रा

Posted on:- 2022-09-26


नमस्कार मित्रों कैसे है आप सब, में आप सभी को अपनी एक रियल स्टोरी  बताने जा रहा हूँ जिसमें मैंने एक लड़की को उसकी चुदाई के मज़े देने के साथ साथ शवर्ग की भी सैर उसको करवाई जिसकी वजह से वो मुझसे बहुत ख़ुश हुई और उसने मेरा पूरा पूरा साथ दिया. वैसे मै एक नंबर का चुदकड़ लड़का हु मुझे लड़किया चोदना अच्छा लगता है.

 ये कहानी पढ़ कर आपका लंड खड़ा नहीं हुआ तो बताना मित्रों यह बात उस समय की है जब में एक छोटे से गाँव में रहकर वहाँ के लोगों के जीवन के बारे में कुछ उनसे जुड़ी हुई जानकारियों को एकट्ठा करने के लिए उस गाँव में कुछ दिनों के लिए रहा था और मुझे धीरे धीरे वहां पर बहुत अच्छा लगने लगा था. मुझे वहां के बहुत से लोग जानने लगे थे और उनका मेरे लिए व्यहवार भी बहुत अच्छा था इसलिए मुझे अपने काम में उनकी तरफ से बहुत मदद मिल जाती, उनको मेरे काम से कोई भी किसी भी तरह की आपत्ति नहीं थी और इसलिए में अपने काम में लगा रहा. चुदाई की कहानी जरूर सुनना चाहिए मजे के लिए.

 अब सुनिए चुदाई की असली कहानी एक दिन में ऐसे ही घूमता हुआ बहुत दूर निकल गया और में एक खेत की तरफ चला गया. वहीं पास में एक छोटा सा पुराना एक आश्रम बना हुआ है, लेकिन उसमे अब कोई भी नहीं रहता वो हमेशा सुनसान ही रहा करता है और उसी आश्रम के पास ही में एक नदी भी बहती है, जिसका पानी पूरा गाँव अपने काम में लिया करता है और जब में टहलते हुए उधर पहुँचा तो मैंने देखा कि एक दिखने में करीब पूरी जवान गोरी मस्त सुंदर लड़की अपने कुछ जानवरों को चरा रही थी और फिर मैंने देखा कि उनमें से एक बकरा एक बकरी के ऊपर बार बार चढ़कर उसकी चुदाई करने का प्रयास कर रहा था और वो लड़की बड़े ही ध्यान से उसकी प्रेम लीला को देख रही थी, वो अपने उस काम में इतना व्यस्त थी कि कब में उसके पास पहुँच गया, उसको इस बात का पता भी नहीं चला. वहा का माहौल बहुत अच्छा था  मित्रों.

 वहा जबरजस्त माल भी थी मित्रों  तभी मेरे देखते ही देखते उए बकरे ने आख़िरकर में सफलता को पा ही लिया और अब उसने अपने लंड को बकरी की चूत में डाल दिया और वो धक्के देने लगा. ऐसे माहौल कौन नहीं रहना चाहेगा मित्रों.

 उह क्या मॉल था मित्रों गजब तभी यह सेक्सी चुदाई का द्रश्य देखकर वो लड़की भी अंदर से बड़ी उत्तेजित हो गयी थी और अब उसने अपनी चूत को अपनी उंगली से रगड़ना शुरू कर दिया था और उसी समय अचानक से उसकी नज़र मुझ पर पड़ गई, तो वो एकदम से घबरा गयी और वो मुझसे पूछने लगी कि यह बकरा क्या कर रहा था? मेरा तो मन ही ख़राब हो जाता था मित्रों.

 कुछ भी  हो माल एक जबरजस्त था मैंने धीरे से उसके कंधे पर हाथ रखकर कहा कि वो बकरा आज उस बकरी को ज़न्नत की सैर करवा रहा है, तो उसने कहा कि ज़न्नत की सैर में इसका मतलब समझी नहीं? तो मैंने धीरे से उसके कान के पास अपने मुँह को करके उससे कहा कि आओ हम आश्रम में चलते है और में तुम्हे वहीं पर सिखाता हूँ कि कैसे ज़न्नत की सैर होती है. उसको देखकर  किसी का मन बिगड़ जाये .


 उह भाई साहब की माल है उसकी चुत की बात ही कुछ और है  अब वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर थोड़ा सा झिझक गई, लेकिन में कुछ देर बाद उसको अपने साथ अंदर ले जाने में पूरी तरह से सफल हो गया और अंदर जाकर मैंने उससे कहा कि ज़न्नत की सैर करने से पहले नहाना बहुत ज़रूरी होता है इसलिए तुम जाकर पहले नदी में नहा लो. ओह्ह उसके यह का चुम्बन की तो बात अलग है.


 है उसके गांड मेरा मतलब तरबूज क्या गजब भाई फिर वो मेरे कहने पर उस नदी में अपने कपड़े पहने हुए ही नहाने चली गई और नहाने लगी. मित्रों उस पानी में भीगने से उसके वो कपड़े उसके पूरे शरीर से चिपक गये और अब उसके सुंदर बड़े आकार के बूब्स और काले काले रंग के खड़े निप्पल उसके कपड़े फाड़कर बाहर आने को बेताब हो रहे थे और यह मस्त सेक्सी नजारा देखकर मेरा लंड जोश में आकर एकदम तनकर खड़ा हो गया. उसका भोसड़ा का छेड़ गजब का था मित्रों.

 उसकी बूब्स  देखते ही उसको पिने की इच्छा हो गयी  मैंने उसको अब आवाज़ देकर कहा कि अब तुम यहाँ आ जाओ और उसके मेरे पास आते ही में अपने को रोक ना सका और में उसके दोनों कठोर मस्त बूब्स को अपने दोनों  .मित्रों मै सबसे पहले उसकी गांड मरना चाहता हु  हाथों से सहलाने लगा, तो वो मुझसे बोली कि यह कर रहे हो? तो मैंने उससे कहा कि में तुम्हारे बूब्स का पानी सुखा रहा हूँ. देखो यह पानी की वजह से कितनी गीली हो चुकी है.

 अच्छा चुदाई चाहे जितनी कर साला फिर भी लैंड नहीं मनता मित्रों  फिर वो बोली कि यह पानी ऐसे सूखेगा और इतना कहकर उसने अपना कुर्ता तुरंत पूरा उतारकर उसको अपने दोनों हाथों में लेकर उसका पूरा पानी निचोड़ दिया और फिर वो मुझसे बोली कि इससे साफ करके बचा हुआ पानी सुख़ाओ. मित्रों मेरा तो मानना है जब भी चुत मारनी हो बिना कंडोम के ही मारो तभी ठीक नहीं सब बेकार.


 उसके बूर की गहराई में जाने के बाद क्या मजा आया मित्रों  जैसे उसके चुत में माखन भरा हो अब में तुरंत समझ गया था कि अब वो गरमाने लगी है इसलिए में भी उसको ज्यादा गरम करने के लिए ज़ोर ज़ोर से उसके उस कुर्ते से उसके बूब्स को रगड़कर पानी को साफ रहा था और अब वो अपने मुहं से मस्त मस्त सी आवाजे निकाल रही थी, तभी मैंने सही मौका देखकर अब उसकी सलवार का नाड़ा भी खोल दिया जिसकी वजह से उसकी सलवार नीचे उतर गई और वो अब एकदम नंगी मेरी सामने खड़ी हुई थी और में अब कुछ देर तक उसकी उभरी हुई दोनों पैरों के बीच हल्के मुलायम बालों से भरी हुई चूत को अपनी चकित नजरों से देखता रहा. वो द्रश्य बहुत ही मस्त मज़े देने वाला था क्योंकि उसकी चूत कुंवारी होने के साथ साथ कामुक भी बहुत नजर आ रही थी. मुझे तो कभी कभी चुदाई का टाइफिड बुखार हो जाता है और जब तक चुदाई न करू    तब तक ठीक नहीं होता.

 एक बात और मित्रों चुत को चोदते समय साला पता नहीं क्यों नशा सा हो जाता बस चुदाई ही दिखती है उसके बाद में अब अपने दोनों घुटनों पर नीचे बैठ गया और में उसकी गीली चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा. उसकी चूत के दोनों होंठो को खोलकर उसके दाने को अपनी गरम जीभ से सहलाने लगा था और मेरे ऐसा करने के कुछ ही सेकिंड में वो एकदम से उत्तेजना में आकर लड़खड़ा गई और उसने मेरा सर पकड़ लिया जिससे मेरा मुँह उसकी चूत से और ज्यादा चिपक गया. उह यह उसकी नशीली आँखे में एक दम  चुदकड़ अंदाज है.

 मित्रों देखने से लगता है की वो पका चोदा पेली का काम करती होगी  अब वो मुझसे कहने लगी कि वाह मुझे बड़ा मज़ा आ रहा है उफ्फ्फ्फ़ हाँ ज़ोर ज़ोर से चाटो आह्ह्हह्ह तुम आज मेरी इस चूत को चाटो तुम इसमे अपनी जीभ को पूरा अंदर तक डालकर इसको चोदो मुझे बड़ा मज़ा आ रहा है. अब में उसकी जोश भरी बातें सुनकर पागलों  मित्रों चुत को चाटेने के  समय उसके बूर के बाल मुँह में आ रहे थे  की तरह और भी ज़ोर ज़ोर से उसकी चूत में अपनी जीभ को डालकर उसको अंदर बाहर करने लगा और वो मेरे सर को अपनी चूत पर दबाकर आह्ह्हह्ह आईईईईई की आवाजे निकालने लगी थी, लेकिन कुछ देर बाद अब वो मुझसे कहने लगी कि मुझे पेशाब आ रहा है वो अब बाहर निकलने वाला है. मित्रों मुझे तो कभी कभी चुत के दर्शन मात्र से खूब मजा आता क्योकि मई पहले बहुत बार अपने मौसी के लड़की  को बिना पैंटी के देखा था  वाह क्या मजा आया था.


 मन कर रहा था कब इसे चोद लू मेरा लंड समझने  को तैयार नहीं था .में उसके मुहं से वो बात सुनकर तुरंत समझ गया कि वो अब झड़ने वाली है इसलिए मैंने उससे कहा कि तुम वो मेरे मुँह में ही कर दो और मेरे इतना कहने के बाद वो एकदम से एक बार ज़ोर से कांपी और एक ज़ोर का फव्वारा उसकी चूत से बाहर निकला जो मेरे गले में सीधा जाकर पूरा भर गया और तब मुझे पता चला कि उसका वो पानी बहुत ही नमकीन सा था. में बड़े चाव से उसको पूरा पी गया. अब बिना चुदाई के रह नहीं सकता था मित्रों मै पागल सा हो ग.

 ओह ओह ओह है कब लंड को घुसा दू ऐसा लग रहा था मित्रों  अब मैंने उससे कहा कि वो अब नीचे बैठ जाए और मेरे लंड अपने मुँह में डालकर इसी तरह से मेरे लंड को चूसे और अब वो मेरे कहने पर झट से नीचे बैठकर मेरे लंड का टोपा अपने मुँह में डालने की कोशिश करने लगी, लेकिन मेरा टोपा बहुत बड़ा है इसलिए उसको यह काम करने में बड़ी परेशानी हो रही थी. मैंने सोचा पेलुँगा जरूर  कभी न कभी.

 माल चुदाई के लिए तड़प रही थी मित्रों  मैंने उससे कहा कि वो पहले अपनी लार से मेरे पूरे लंड को गीला करो और फिर उसके बाद वो मुँह में लंड को डाल ले. फिर उसने ठीक वैसा ही किया और मेरा लंड उसकी लार से चिकना होने की वजह से टोपा उसके मुँह में चला गया. जब माल अच्छा हो तो कौन नहीं  चोदना चाहेगा  है न मित्रों चोदने के बाद थोड़ा रिलेक्स हुआ भाइयो क्या गजब मजा आया.

 सेक्स करते समय बहुत मजा आया था मित्रों अब वो उसको बड़े प्यार से अंदर बाहर कर रही और में उसको ज़न्नत के मज़े देते देते खुद ही जन्नत की सैर कर रहा था. उसके लंड को चूसने की वजह से मेरे पूरे शरीर में एक जोश भर रहा था. जो मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था और वो अब लगातार मेरे पूरे लंड को अपने मुहं में पूरा अंदर और फिर पूरा बाहर निकालकर मुझे बड़े मज़े दे रही थी. उसके ओठ रसीले थे मित्रों मॉल गजब था मित्रों.

चोदने के बाद थोड़ा रिलेक्स हुआ भाइयो क्या गजब मजा आया फिर उसके ऐसा करने के थोड़ी ही देर बाद में भी उसके मुँह में झड़ गया. मेरा पूरा वीर्य उसके मुहं में भरकर बाहर तक बहने लगा था जो उसके बूब्स के ऊपर भी अब टपक चुका था और फिर थोड़ी देर रुककर मैंने उससे कहा कि आओ अब तुम मेरी गोद में बैठ जाओ और वो झट से मेरी गोद में बैठ गयी और उसके बाद वो मुझसे पूछने लगी क्या यही ज़न्नत की सैर है? सेक्स करते समय बहुत मजा आया था मित्रों.

 उसके ओठ रसीले थे मित्रों मॉल गजब था मित्रों  मैंने उससे कहा कि अभी आधा रास्ता आया है आगे की यात्रा अब शुरू होगी और अब में उसके होंठो को चाटने लगा उसके बाद धीरे धीरे उसके बूब्स पर मैंने अपना मुँह लगा दिया, जिसकी वजह से उसके बूब्स के निप्पल उत्तेजना से फूलकर एकदम रस भरे अंगूर हो गये थे. उसके लिप्स की चूसै यू ही चलती रही  मित्रों.

 मित्रों वो मदहोस थी चुदाई के लिए  अब में उसके रसभरे नरम होंठो से चूस चूसकर उसका रस पीने लगा. फिर कुछ देर बाद मैंने अपने एक हाथ की उंगली को उसकी चूत में डालकर उसकी चूत को में दोबारा से गरम कर रहा था और यह सब उसके साथ करते समय मेरा लंड भी पूरा तनकर एक बार फिर से खड़ा हो गया था. अब वो जोश में आकर मेरी गोद से उठकर मेरा लंड अपने मुहं में लेकर दोबारा उसको चूस रही थी और में उसकी चूत में ज़ोर ज़ोर से अपनी उंगली को अंदर बाहर करके उसमे रास्ता बना रहा था. उसके बूब्स क्या मस्त थे मित्रों अब मै क्या कहु मित्रों.

 मेरा मन चुदाई का था मित्रों  अब मेरा लंड तनकर एकदम तैयार होकर खड़ा हो चुका था और वो भी अपनी चुदाई मेरे लंड से करवाने के लिए बिल्कुल तैयार हो चुकी थी. मैंने तय किया की चोद कर ही दम लूंगा.

 मै चुदाई के लिए बिल्कुल बेताब  था  मित्रों  फिर वो मुझसे पूछने लगी क्यों अब ज़न्नत कितनी दूर है? तब मैंने उससे कहा कि तुम अब नीचे लेटकर अपने दोनों पैरों को मेरे कंधे पर रख लो और उसके बाद मेरे लंड पर अपनी चूत को सटा दो. मुझे तो बस चुदाई की धुन सवार थी मित्रों…

 मुझे बूर की मादक खुसबू आ रही थी जो मुझे पागल कर रहे थे  फिर उसने मेरे कहने पर सब कुछ वैसे ही करते हुए अब धीरे से मेरे लंड पर अपनी खुली हुई चूत का मुँह लगा लिया और उसके बाद वो बहुत ज्यादा उत्तेजित होकर एकदम  .दिन रात बस चुदाई ही चुदाई ख्याल मित्रों और कुछ नहीं  से ऊपर उठने लगी. फिर मैंने उसको कमर से पकड़कर उसकी चूत पर एकदम सही निशाना लगाकर अपने लंड का टोपा रखकर उसकी कमर से पकड़कर उसको अपनी तरफ खींचकर हल्का सा दबाया तो मेरा टोपा उसकी चूत में आधा अंदर घुस गया. सच कहु तो वो चुदाई तो तरस रही थी दो.

 उसकी आखो में चुदाई का नशा था अब वो सिसकियाँ लेते हुए कहने लगी आईईईईईई स्सीईईईईइ माँ में मर गई. मुझे बहुत दर्द हो रहा है मुझे तो अब ऐसा महसूस हो रहा है जैसे कि आपने मेरे जले पर नमक छिड़क दिया है यह दर्द मेरे सहलने लायक नहीं है में मर ही जाउंगी यह कैसा दर्द है अब आप रहने दो बस बहुत हुआ आगे मुझे कुछ नहीं करना. फिर मैंने उससे कहा कि इस यात्रा में कुछ दर्द पहले सभी को जरुर होता है, लेकिन उसके बाद में मज़ा भी बहुत आता है तुम्हारे साथ भी अब दर्द खत्म होकर मज़ा आने का समय हो गया है. अब मैंने उसको समझाकर उसी तरह थोड़ी देर उसके गोरे सेक्सी बदन को अपने हाथों से सहलाकर में उसके दर्द कम होने का इंतजार करने लगा था, जिसकी वजह से कुछ देर बाद वो बिल्कुल शांत होती चली गई. मेरा लंड उसकी बूर को चिर कर आगे निकाल रहा था.

 मैंने उसकी बूर का सील तोड़ दिया मित्रों फिर मैंने सही मौका देखकर अपनी तरफ से उसको एक दूसरा झटका दे दिया, जिसकी वजह से अब मेरा आधा लंड उसकी चूत को चीरता हुआ अंदर चला गया और तब मुझे महसूस हुआ कि उसकी चूत पानी छोड़ने की वजह से कुछ गीली हो गयी थी, इसलिए इस बार उसको दर्द कुछ कम हुआ था और फिर मैंने अपनी तरफ से एक और झटका दे दिया तो मेरा थोड़ा सा लंड और भी अंदर चला गया. अब वो ज़ोर से चिल्लाई आईईईईईईइ उफ्फ्फफ्फ्फ़ माँ में मर जाउंगी, मुझे नीचे की तरफ बहुत दर्द है आप अब रहने दो. फर्स्ट टाइम चुदाई में सील टूटती है तो थोड़ा तो दर्द होगा ही.

 लंड घुसाने में लग रहा था बस चुत फैट ही जाएगी मित्रों  फिर मैंने उससे कहा कि मेरी जान भला कोई ज़न्नत की सैर के बगैर मरता है जो तुम मरोगी? तुम बस इसको कुछ देर सह लो तुम्हे अब वो मज़ा मिलने वाला है जिसके लिए तुमने इतना दर्द को अपना बनाया और कुछ देर की बस बात है. क्या गजब लग रही थी मित्रों.


 क्या रस भरी चुत थी मित्रों मजा आ गया  मित्रों मैंने सोचा कि अब और लंड को में अंदर ना करूँ इतने से में अपना काम शुरू कर दूँ और अब मैंने धीरे धीरे उसको ऊपर नीचे करके चोदना शुरू कर दिया. फिर कुछ देर धक्के देने के बाद  लड़कियों की चुत मरने का मजा ही कुछ और है  मित्रों  अब थोड़ी देर में उसकी चूत पूरी गीली हो चुकी थी और अब .मैंने अपना पूरा लंड उसकी चूत के अंदर डाल दिया और में उसको हल्के, लेकिन लगातार धक्के देकर चोदने लगा था. मेरा लंड चुत में घुसने को तैयार था मित्रों.

 चुची की चुसाई में क्या मजा है मित्रों  वो भी अब मेरे साथ उछलकर मज़े ले रही थी और उसके कदम अब जन्नत की तरफ बढ़ रहे थे और में धीरे धीरे अपनी स्पीड को बढ़ा रहा था और वो भी मुझसे कह रही थी कि आप तेज तूफान की तरह अपना लंड डालो और ज़ोर से उफ्फ्फ्फ़ हाँ ज़ोर से डालो फाड़ डालो उह्ह्ह्ह चीर दो अब मुझे पता चला कि ज़न्नत क्या होती है इसका मज़ा कैसा होता है और इसका दर्द क्या होता है और फिर वो इतना कहते हुए एक मस्त आवाज़ के साथ झड़ गयी, जिसकी वजह से उसका जोश अब ठंडा होता चला गया. मै उसकी चूची  पी रहा था.

 मेरा लंड ताबड़तोड़ चुदाई के लिए तैयार अब मैंने और स्पीड को बढ़ा दिया और उसकी रस से भीगी हुई चूत में मेरा पूरा लंड अंदर तक फिसलता हुआ उसकी चूत की गहराइयों में डुबकी लगा रहा था. फिर मैंने उससे कहा कि अभी आख़िरी स्टेशन बाकी है और अब में ज़ोर ज़ोर से उसकी कमर को पकड़कर उसकी चूत को ऊपर नीचे करके अपना पूरा लंड उसकी बच्चेदानी के अंदर तक पहुंचा रहा था और अब में भी अपनी मंज़िल पर पहुंचने वाला था और फिर में भी कुछ धक्के देने के बाद झड़ गया. अब वो समय आ गया जब मुझे उसकी चुदाई करनी थी.

 मित्रों वो बुल्कुल मादक शराब जैसी लग रहे थी मन कर रहा अभी पी  लू  मैंने अपना पूरा वीर्य उसकी चूत की गहराइयों में पहुंचा दिया जिसको पाकर वो पूरी तरह से संतुष्ट होकर अब मेरे शरीर से लिपट गयी, जैसे वो मेरे शरीर में पूरा घुस जाना चाहती हो और वो मुझसे कुछ देर तक वैसे ही लिपटी रही और फिर मेरा लंड धीरे धीरे छोटा होता हुआ उसकी चूत से बाहर आता गया. फिर उसके कुछ देर बाद उसकी पकड़ मेरे शरीर से अब ढीली पड़ती गई. अब उसे चुदाई का मजा मिल रहा था मित्रों

 सच मुझे अब पता चला की चुदाई में कितना मजा है मित्रों  फिर मैंने उसके बूब्स के निप्पल को अपने एक हाथ से सहलाते हुए उससे पूछा क्यों तुम्हे कैसा लगा यह जन्नत का मज़ा तुम्हे सैर करने में अच्छा महसूस हुआ या नहीं या अभी भी कुछ करना बाकी है? तो वो बिना कुछ कहे मेरी तरफ मुस्कुराने लगी, जिसका मतलब में ठीक तरह से समझ गया कि वो अपनी चुदाई से संतुष्ट है. मित्रों यह था मेरा वो सेक्स अनुभव जिसको में आप सभी तक पहुँचाने के बारे में बहुत दिनों से सोच रहा था, लेकिन आज में पूरी तरह से इस काम को करने में सफल हुआ. इस प्रकार हमने मस्त  चुत की ताबड़ तोड़ चुदाई की और मजा लिया और आप सच में चुदाई में बहुत मजा आया.

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