मुख्य पृष्ठ » बॉस के साथ सेक्स स्टोरीज » नौकरी की मजबूरी का फायदा


नौकरी की मजबूरी का फायदा

Posted on:- 2024-07-16


हैल्लो साथियों दोस्तों, मैं मेकरा एक इनकम टैक्स दफ़्तर में ऑडिट ऑफिसर हूँ और अक्सर मेरा तबादला ऑडिट के लिए दूसरे शहर के कार्यालय में होता रहता है, ऑडिट के कारण मुझे कई-कई महीनों तक दूसरे शहर में रहना होता है.

 

इसके बाद एक बार ऑडिटिंग के लिए मेरा तबादला कुछ महीनों के लिए धौला कुआँ के एक छोटे से गाँव में हुआ था, तो वहाँ मुझे मेरे दफ़्तर के एक कर्मचारी के सहयोग से एक मकान किराए पर मिल गया. मेरे दफ्तर में एक महिला कर्मचारी थी और वो मुझे ऑडिट में सहयोग दे रही थी, वो एक खूबसूरत 36 वर्षीय विधवा महिला थी, उसका नाम रागिनी था, उसका एक लड़का नेवी में नया-नया जॉब पर लगा था.

 

एक दिन जब मैं ऑडिट कर रहा था तो मुझे काफ़ी घपला दिखाई दिया और जब रागिनी को पता चला कि मेरी नज़र में घपला आ चुका है, तो उसने मुझसे कहा कि मुझे आपसे अकेले में कुछ बात करनी है तो मैंने उसकी बात मानकर उससे कहा कि आपके घर चलते है, वहाँ बातें करेंगे.

 

इसके बाद हम दोनों उसके घर गये तो उसने कहा कि में जानती हूँ कि दफ़्तर में घपला हुआ है, लेकिन यह घपला मुझे पता नहीं किसने किया है? लेकिन तुम चाहो तो मेरी नौकरी बचा सकते हो, प्लीज़ आप मेरी मदद करो.

 

इसके बाद मैंने कहा कि देखो इस मामले में में आपकी मदद तो नहीं कर सकता, तो वो बोली कि आप प्लीज़ जल्दबाज़ी में कोई फ़ैसला ना ले, देखिएं आप जो कहेगे में करने को तैयार हूँ, लेकिन प्लीज़ मुझे बचा लीजिए. इसके बाद मैंने अपनी एक नज़र से उसको ऊपर से लेकर नीचे तक देखा तो मेरे मन में उसको चोदने की ख्वाइश जाग उठी.

 

इसके बाद मैंने उसको कहा कि ठीक है, में आपकी मदद करूँगा, लेकिन मेरी एक शर्त है वो यह कि में आपके साथ एक रात सोना चाहता हूँ और एक बार आपको चोदना चाहता हूँ, अगर शर्त मंजूर है तो ठीक है, तो वो यह सुनकर दंग रह गयी और उसने कहा कि नहीं ऐसा नहीं हो सकता. इसके बाद मैंने कहा कि ओके तो में चलता हूँ, लेकिन एक बात बता देता हूँ कि आपकी नौकरी पर दाग लग जाएगा और बदनामी भी होगी इसलिए बेहतर है कि आप मेरी शर्त मान जाओ तो कोई भी तक़लीफ़ नहीं होगी.

 

इसके बाद उसने अपनी नज़रें नीचे करते हुए कहा कि ठीक है तो में तुरंत उसके होंठो को अपने होंठो में लेकर किसिंग करने लगा और उसकी बड़ी-बड़ी चूचीयों को दबाना शुरू कर दिया. वो क्या हसीन मंज़र था? यह में आपको शब्दों में बयान नहीं कर सकता हूँ.

 

इसके बाद मैंने आहिस्ता-आहिस्ता उसके पूरे कपड़े उतार दिए. अब वो क्या खूबसूरत लग रही थी? इसके बाद मैंने उससे कहा कि अब तुम मेरे भी कपड़े उतार दो, तो उसने मेरे कपड़े भी उतार दिए. अब हम दोनों बिल्कुल नंगे और एक दूसरे को बाहों में किसिंग कर रहे थे. इसके बाद मैंने उसकी एक चूची को चूसना शुरू किया, तो अब वो मज़े में पागल होती जा रही थी.

 

इसके बाद मैंने उससे कहा कि इससे से भी ज्यादा मज़ा लेना है तो वो बोली कि हाँ. इसके बाद मैंने कहा कि लेकिन मेरी एक शर्त है, तो उसने पूछा कि क्या? तो मैंने अपना लंड उसके हाथ में थमा दिया, तो वो मेरा मोटा और लम्बा लंड देखकर थोड़ी सी घबराई और इसके बाद बोली कि मैंने आज तक ऐसा मोटा और लंबा लंड कभी नहीं देखा है.

 

इसके बाद मैंने उससे कहा कि मेरे लंड को अपने मुँह में ले लो, तो वो इनकार करने लगी, लेकिन मैंने ज़बरदस्ती उसके मुँह में अपना लंड डाल दिया, तो उसने 4-5 बार मेरे लंड को चूसा और इसके बाद बोली कि मेकरा बस और नहीं. इसके बाद मैंने 69 की पोजिशन ली और उसकी चूत को चाटने लगा. अभी 1 मिनट भी नहीं हुआ था कि वो जोश से पागल होने लगी और मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी थी. इसके बाद क़रीबन 7 से 10 मिनट तक यही सिलसिला चला.

 

इसके बाद वो मुझसे बोली कि मेकरा अब जल्दी से डाल दो, अब बर्दाश्त नहीं होता है. इसके बाद मैंने उसकी चूत पर अपना लंड रखकर एक जोरदार धक्का मारा तो मेरे लंड का सुपाड़ा फिसलकर उसकी चूत में समा गया और वो दर्द से करहाने लगी तो मैंने उसकी चूचीयों को दबाना शुरू कर दिया और इसके बाद आहिस्ता-आहिस्ता उसकी चूत में अपना लंड डालने लगा. अब 5 मिनट की मेहनत के बाद मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में चला गया था.

 

इसके बाद में उसके ऊपर ही लेट गया और उसके होंठ अपने होंठो में लेकर चूसने लगा और वो भी मेरे होंठो को चूसने लगी. इसके बाद 5 मिनट के बाद मैंने उसकी चूत में आहिस्ता-आहिस्ता धक्के मारने शुरू कर दिए तो मैंने देखा कि अब उसको दर्द नहीं हो रहा था. इसके बाद मैंने उसको तेजी से चोदना शुरू किया. अब में जैसे ही धक्का मारता तो उसकी की आँखें बाहर आ जाती और वो उछलकर मेरे साथ चिपक जाती.

 

अब में अपने एक हाथ से उसकी एक चूची को दबा रहा था और कस-कसकर धक्के मार रहा था. अब वो दर्द और मजे के साथ फुल सेक्स के नशे में डूबी हुई थी और उसके मुँह से सिसकारियां निकल रही थी उफफफफफफफफफ्फ़ फफफफफ्फ़ मेकरा, आह आह आह मार डाला, हाहहहहहाहा और तेज अहहहह और अब पूरे कमरे में पच-पच की आवाज गूँज रही थी.

 

अब वो खुद भी उछल-उछलकर मेरे लंड को अपनी बुर में लेने लगी थी. अब 3-4 मिनट ही हुए थे कि उसकी चूत झड़ गयी, मगर में नहीं झड़ा था और ज़ोर-ज़ोर से उसको चोद रहा था. अब उसके झड़ने की वजह से मेरा लंड पच-पच की आवाज के साथ उसकी चूत में अंदर बाहर हो रहा था. इसके बाद मैंने अपना लंड बाहर निकाला और काफ़ी सारा टिश्यू पेपर लेकर उसकी चूत को साफ किया और दुबारा से अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया. अब मेरा लंड थोड़ा हार्ड उसकी चूत के अंदर जा रहा था और अब उसकी आँखों से पानी बह रहा था.

इसके बाद में उसको चोदते-चोदते थोड़ा झुका और उसके होंठो को अपने होंठों में लेकर किसिंग करने लगा और अपनी चुदाई जारी रखी. इसके बाद करीब 15-20 मिनट के बाद मुझे लगा कि में झड़ने वाला हूँ तो ने अपनी स्पीड बढ़ा दी और कुछ ही पलों में मैंने उसकी चूत में ढेर सारा अपना पानी निकाल दिया.

इसके बाद में 5 मिनट तक उसके ऊपर ऐसे ही लेटा रहा और इसके बाद हम उठे और अपने-अपने कपड़े पहने और मैं जब जाने लगा तो वो बोली कि कितने सालों के बाद आज बहुत मज़ा आया मैं पहली बार इतने मज़े से चुदी हूँ और 2 बार झड़ी हूँ. तो मैं वापस मुड़ा और उसको अपने सीने से लगाकर किसिंग करने लगा तो वो भी मेरी किसिंग का जवाब दे रही थी. इस तरह से मैंने उसकी नौकरी बचाई और इसके बाद मैं जितने दिन वहाँ रहा, उसको चोदता रहा और उसके चुदाई के  खूब मजे लिए.

What did you think of this story??






अन्तर्वासना इमेल क्लब के सदस्य बनें


हर सप्ताह अपने मेल बॉक्स में मुफ्त में कहानी प्राप्त करें! निम्न बॉक्स में अपना इमेल आईडी लिखें, फिर ‘सदस्य बनें’ बटन पर क्लिक करें !


* आपके द्वारा दी गयी जानकारी गोपनीय रहेगी, किसी से कभी साझा नहीं की जायेगी।