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बीवी ने किया नुकसान का भुगतान

Posted on:- 2021-09-01


नमस्कार मेरे मित्रगणों  और सुनाइए कैसे आप सब  मेरा नाम कुलदीपक पटेल  और मेरी वाईफ का नाम कुलप्रीत कौर  है. मेरी हाईट करीब 5 फुट, बदन भरा हुआ, वजन 67 किलोग्राम, उम्र 56 साल और कुलप्रीत कौर  उम्र 50 साल, उसकी हाईट लगभग मेरे बराबर ही है, वजन 53 किलोग्राम और फिगर साईज 37-36-40 है. अच्छा दोस्तों क्या आपने किसी लड़की को चोदा है सच्ची बताना. क्या दोस्तों आपने कभी भाभी को चोदा है कितना मजा आया बताना जरा.

 मोटी गांड वाली लड़कियों की बात ही कुछ और है यह कहानी करीब 26 साल पहले की है, जब मेरी उम्र करीब 29-30 साल की होगी और कुलप्रीत कौर  23-24 साल की थी. में राजस्थान  में एक सेठ के यहाँ मुनीम था और उनके खाते और उधारी देखता था. में कुलप्रीत कौर  को भी अपने साथ यहाँ लाया था और एक किराए के घर में रहता था. एक बार मुझसे उधारी देने में चूक हो गई और सेठ को करीब 70-80 हज़ार का चुना  लग गया. क्या गजब चुदकड़ अंदाज थी लड़किया क्युआ गजब चुदकड़ होती है दोस्तों.


मेरे मित्रगणों  क्या मॉल थी उसकी चुची पीकर मजा आ गया सेठ मुझसे बहुत नाराज़ हो गया और मुझसे नुकसान भरपाई की माँग करने लगा और नौकरी से निकालने की धमकी देने लगा. अब में बहुत परेशान हो गया था कि नौकरी चली जाएगी तो में क्या करूँगा? मेरे सेठ का एक दोस्त था, जिनके साथ वो खाते पीते थे और मिलकर अय्याशी करते थे. फिर वो एक रोज उधर कहीं मेरे घर के आस पास आए तो मैंने उन्हें अपने घर पर बुलाया और कुलप्रीत कौर  से चाय लाने को कहा. कुलप्रीत कौर  उस समय अच्छी मस्त सेक्सी बदन की थी और बहुत सुंदर लगती थी. मेरी शादी हुए 3-4 साल ही हुए थे, कुलप्रीत कौर  गोरी, अच्छे नाक नक्श, भरे हुए बूब्स, अब मेरे सेठ का दोस्त कुलप्रीत कौर  को देखता ही रह गया था. मै एक नंबर का आवारा चोदा पेली करने वाला  लड़का हु मुझे लड़किया चोदना अच्छा लगता है.


 क्या दोस्तों आपने अपने बहन की चूची को दबाया है फिर मैंने उनको अपनी परेशानी बताई और कहा कि अब मेरा परदेश में बिना नौकरी के क्या होगा? और में नुकसान की भरपाई भी नहीं कर सकता हूँ, आप ही मेरी मदद कीजिए, उनको समझाइए आप उनके बहुत नज़दीकी है. तो फिर वो बोले कि राजू  (सेठ का नाम) ऐसे नहीं मानता है, वो बहुत पक्का है, उसको बिज़नस में नुकसान एकदम बर्दाश्त नहीं है, इसके अलावा उसको एक ही शौक है और वो है अय्याशी का, अय्याशी में वो पैसे की परवाह नहीं करता है. मेरे प्यारे दोस्तो चुची पिने का मजा ही कुछ और है.


 ये कहानी पढ़ कर आपका लंड खड़ा नहीं हुआ तो बताना  लड खड़ा ही हो जायेगा  फिर मैंने कहा कि में इसमें क्या कर सकता हूँ? में उनके लिए लड़की कहाँ से लाऊं? मुझे तो इसकी बिल्कुल भी जानकारी नहीं है, आप ही मेरी मदद कीजिए. तो उसने कहा कि तुम्हारे पास तो एक नायाब चीज़ है तुम्हारी घरवाली, अगर वो उसे मिल जाए तो वो सब भूल जाएगा और तुम्हारी नौकरी भी बनी रहेगी, नहीं तो फिर तुम जानो. अब में मजबूर था फिर मैंने उनको बैठने को कहा और फिर में अंदर कुलप्रीत कौर  के पास गया. मेरे मित्रगणों  चुत छोड़ने के बाद सुस्ती सी आ जाती है .   


 क्या बताऊ मेरे मित्रगणों   उसको देखकर किसी लैंड टाइट हो जाये अब वो मेरी समस्या से वाकिफ़ थी, जब उसने यह प्रस्ताव सुना तो वो पहले तो हिचकिचाई और आख़िर में मेरी खातिर मान गई. फिर मैंने श्याम बाबू  (सेठ के दोस्त) से कहा कि ठीक है जैसा आप कहे. फिर उन्होंने कहा कि हम आज रात में आएगें और कल रविवार है तो पूरे दिन रहेगें, उसके बाद राजू  कुछ नहीं कहेगा यह मेरी जिम्मेदारी है. मेरे मित्रगणों  मने बहुत सी भाभियाँ चोद राखी है.


 मेरे मित्रगणों  क्या मलाई वाला माल लग रहा था     रात करीब 8 बजे डोर बेल बजी, तो मैंने दरवाजा खोला तो अब मेरे सामने सेठ (राजू ) और उनका दोस्त श्याम बाबू  खड़े थे. फिर मैंने उनका वेलकम किया और अंदर आने को कहा. फिर वो अंदर आए, उनके साथ एक सूटकेस था. चुदाई की कहानी जरूर सुनना चाहिए मजे के लिए.


 साथियो की पुराणी मॉल छोड़ने का मजा ही कुछ और है राजू  ने कहा कि कुलदीपक पटेल  तुमने मेरा बहुत नुकसान किया है, लेकिन राम के कहने से में तुम्हें छोड़ रहा हूँ. फिर उन्होंने सूटकेस खोलकर वॉट 69 की बोतल निकाली और गिलास, सोडा लाने को कहा. फिर मैंने कुलप्रीत कौर  को आवाज़ दी और ट्रे में गिलास और पानी लाने को कहा और थोड़े से स्नैक्स लाने को कहा. अब सुनिए चुदाई की असली कहानी.

 मेरे मित्रगणों  एक बार चोदते  चोदते  मेरा लंड घिस गया अब कुलप्रीत कौर  अच्छे से बन-ठन कर आई थी, उसने लो-कट का ब्लाउज पहन रखा था और उल्टे पल्ले की लाईट ब्लू कलर की साड़ी पहन रखी थी, उसके ब्लाउज से उसके बूब्स की लाईन साफ-साफ़ दिख रही थी. उस समय वो गोरी, चिकनी, उसके बूब्स 34C, वेस्ट लाईन 34 और हिप्स करीब 38 साईज़ के थे, उसका वजन भी करीब 52 किलोग्राम रहा होगा. अब मेरा सेठ तो उसे देखता ही रह गया था, फिर उसने कुलप्रीत कौर  का हाथ पकड़कर अपने पास बैठाया और पैग बनाने को कहा, तो कुलप्रीत कौर  ने बोतल में से वाईन निकालकर गिलास करीब आधा भर दिया और उसमें पानी भर दिया और कुलप्रीत कौर  ऐसा ही श्याम बाबू  के लिए किया. वहा का माहौल बहुत अच्छा था  मेरे मित्रगणों  .


 मेरे मित्रगणों  उस लड़की मैंने चुत का खून निकल दिया  ने दो गिलास और भरने को कहा एक मेरे लिए और एक उसके खुद के लिए. हम लोग पीते नहीं थे, लेकिन सेठ के आगे हमारी एक नहीं चली और हमें भी पीना पड़ा. अब हम सब स्नैक्स खाते-खाते पीने लगे थे. अब जब तक हम अपना गिलास ख़त्म करते राजू  और श्याम बाबू  तीन पैग चढ़ा चुके थे और वो बोतल करीब-करीब ख़त्म हो गई थी. अब हमें भी नशा चढ़ने लगा था, अब राजू  और श्याम बाबू  तो खैर मस्त हो ही गये थे. वहा जबरजस्त माल भी थी मेरे मित्रगणों  .

 मेरे मित्रगणों  चोदते चोदते चुत का भोसड़ा बन गया फिर कुलप्रीत कौर  उठी और उसने पास में रखी टेबल पर खाना लगाया और हम सब खाना खाने लगे. कुलप्रीत कौर  खाना बहुत अच्छा और लज़ीज़ बनाती थी, तो सबने उसकी तारीफ़ करते हुए खाना खाया और खाना खाकर राजू  और श्याम बाबू  कुलप्रीत कौर  का इंतजार करने लगे. ऐसे माहौल कौन नहीं रहना चाहेगा मेरे मित्रगणों  .


 मेरे मित्रगणों  एक बार मैंने अपने गांव के लड़की जबरजस्ती चोद दिया कुलप्रीत कौर  अंदर बर्तन रखकर वापस बाहर आई, तो मैंने कहा कि में जाता हूँ. तो उन्होंने कहा कि तुम कहाँ चले यही रहो और हमारे साथ ऐश करो. फिर राजू  सेठ ने कुलप्रीत कौर  को खींचकर अपनी गोद में बैठा लिया और उसके गाल पर अपना हाथ फैरने लगे. फिर श्याम बाबू  ने आगे बढ़कर कुलप्रीत कौर  का मुँह उठाकर उसके होंठो का चुंबन लिया और उसके बूब्स मसलने लगे. उह क्या मॉल था मेरे मित्रगणों  गजब मेरा तो मन ही ख़राब हो जाता था मेरे मित्रगणों  .

 क्या बताऊ मेरे मित्रगणों  मैंने चुदाई हर लिमिट पार कर दिया अब यह सब देखकर में भी गर्म हो गया था और मेरा 7 इंच लंबा लंड करवटे लेने लगा था. फिर राजू  सेठ ने कुलप्रीत कौर  की साड़ी खींची और उसका पल्लू नीचे गिराकर कुलप्रीत कौर  को खड़ा किया और उसकी साड़ी खींचकर पूरी उतार दी और एक तरफ पटक दी. कुछ भी  हो माल एक जबरजस्त था .


 उसको देखकर  किसी का मन बिगड़ जाये  अब कुलप्रीत कौर  सिर्फ ब्लाउज, पेटिकोट में थी और उसके बूब्स ब्लाउज में झूलते हुए बहुत ही सेक्सी लग रहे थे. फिर राजू  सेठ ने कुलप्रीत कौर  का ब्लाउज खोल दिया और उसका ब्लाउज भी उतार दिया. फिर श्याम बाबू  ने कुलप्रीत कौर  का पेटिकोट का नाडा खींचा तो कुलप्रीत कौर  का पेटिकोट खुलकर नीचे आ गया, अब कुलप्रीत कौर  केवल ब्रा पेंटी में थी. मेरे मित्रगणों  मैंने किसी भाभी को छोड़ा नहीं है.

 उह भाई साहब की माल है उसकी चुत की बात ही कुछ और है राजू  सेठ ने पीछे से कुलप्रीत कौर  की ब्रा के हुक खोल दिए, तो कुलप्रीत कौर  की ब्रा उसकी बाँहो में झूल गई, जिसे कुलप्रीत कौर  ने खुद ही उतार दी थी. अब वो उसकी कमर के ऊपर से बिल्कुल नंगी थी, अब वो दोनों (राजू  सेठ और श्याम बाबू ) उसके बूब्स को मसलने लगे थे और कुलप्रीत कौर  सिसकी लेने लगी थी. फिर राजू  सेठ ने कुलप्रीत कौर  का एक बूब्स अपने मुँह में भर लिया और चूसने लगे. अब श्याम बाबू  अलग होकर अपने कपड़े उतारने लगे और थोड़ी देर में ही पूरे नंगे हो गये थे, श्याम बाबू  5 फुट 6 इंच के हट्टे कट्टे 45 साल के पुरुष थे, उनका सीना गठीला 36 इंच का था, उनका लंड करीब 8 इंच लंबा और 2 इंच मोटा था और अकड़कर फनफना रहा था. मेरे मित्रगणों  एक बार स्कूल में चुदाई कर दिया बड़ा मजा आया.


 मेरे मित्रगणों  चोदते  चोदते  कंडोम के चीथड़े मच गए फिर उन्होंने कुलप्रीत कौर  को राजू  सेठ की गोद में से उठाकर अपनी तरफ खींचा और कसकर भींच लिया. अब राजू  सेठ अपने कपड़े उतारने लगे थे, वो 5 फुट 4 इंच के मोटे बदन के पुरुष थे. अब वो भी अपने कपड़े उतारकर पूरे नंगे हो गये थे, उनका पेट बाहर निकला हुआ था और उनका लंड करीब 5 इंच लम्बा और 2 इंच मोटा था, जो अब खड़ा हुआ था. ओह्ह उसके यह का चुम्बन की तो बात अलग है.

 एक बार मैंने अपने मौसी की लड़की को जबरजस्ती चोद दिया फिर मेरे सेठ ने मुझसे कहा कि कुलदीपक पटेल  तुम क्या देख रहे हो? तुम भी अपने कपड़े उतार दो. तो फिर मैंने भी अपने कपड़े उतार दिए, में 5 फुट हाईट का था, में उस समय इतना मोटा तो नहीं था, लेकिन फिर भी मेरा शरीर मोटाई की और जा रहा था. अब यह सब नज़ारे देखकर मेरा लंड भी, जो अब करीब 7 इंच लंबा था यह सब नज़ारे देखकर फनफना रहा था. फिर राजू  सेठ ने मेरा लंड देखकर अपने हाथ में लिया और श्याम बाबू  से कहा कि राम देख इसका लंड तो तुम्हारे जितना ही बड़ा है, कुलप्रीत कौर  को कुलदीपक पटेल  से रोज-रोज चुदवाकर लंबे लंड खाने की आदत लग गई होगी. है उसके गांड मेरा मतलब तरबूज क्या गजब भाई.


 मेरे मित्रो मामा की लड़की की चुदाई में बड़ा मजा आया अब मुझे अहसास हो गया था कि सेठ को अय्याशी का शौक तो था ही, लेकिन वो गांडू किस्म का आदमी भी था. अब यह बातें सुनकर मेरा लंड अपने आपे से बाहर हुए जा रहा था. अब राजू  सेठ ने आगे बढ़कर कुलप्रीत कौर  की पेंटी भी उतार दी और अब कुलप्रीत कौर  भी पूरी नंगी थी. फिर श्याम बाबू  ने कुलप्रीत कौर  को बेड पर लेटा दिया और उसके बूब्स को अपने मुँह में भरकर चूसने लगे. मेरे मित्रगणों  कई बार जबरजस्ती शॉट मरने में चुत से खून निकल गया.


 उसका भोसड़ा का छेड़ गजब का था मेरे मित्रगणों   राजू  सेठ कुलप्रीत कौर  के सिरहाने की तरफ आए और उसके मुँह पर बैठकर अपने लंड का सुपाड़ा कुलप्रीत कौर  के होंठ पर ले गये और दबाब डाला तो कुलप्रीत कौर  का मुँह खुल गया और उनका सुपाड़ा उसके होंठो पर चला गया. अब कुलप्रीत कौर  सेठ के लंड के सुपाड़े को अपनी जीभ से चाटने लगी थी. फिर श्याम बाबू  ने अपना मुँह उठाकर बोला कि कुलदीपक पटेल  तुम क्या देख रहो? तुम भी आ जाओ, तो में बिस्तर पर जाकर कुलप्रीत कौर  की चूत पर अपना मुँह ले गया और उसकी चूत के दाने को अपनी जीभ से चाटने लगा. उसकी बूब्स  देखते ही उसको पिने की इच्छा हो गयी . 


 मेरे मित्रगणों  मै सबसे पहले उसकी गांड मरना चाहता हु   कुलप्रीत कौर  बुरी तरह से सिसकियाँ ले रही थी, अब उसे बहुत मज़ा आ रहा था. अब राजू  सेठ अपना पूरा लंड कुलप्रीत कौर  के मुँह में घुसाकर आगे पीछे करने लगे थे. फिर श्याम बाबू  ने राजू  सेठ को कहा कि राजू  तुम बिस्तर पर सीधे लेट जाओ, तो कुलप्रीत कौर  नीचे उतर गई और राजू  सेठ सीधे पलंग पर लेट गये. फिर श्याम बाबू  ने कुलप्रीत कौर  को राजू  के पैरो की तरफ आकर लंड चूसने को कहा, तो कुलप्रीत कौर  अपनी गांड उठाकर सेठ के लंड को चूसने लगी. अब सेठ मस्ती से आह आह करने लगा था. फिर श्याम बाबू  ने अपने घुटनों के बाल बैठकर पीछे से कुलप्रीत कौर  की चूत के मुहाने पर अपना लंड रखकर ज़ोर से एक धक्का मारा, तो उनके लंड का सुपाड़ा पूरा अंदर घुस गया उसको पेलने की इच्छा दिनों से है मेरे मित्रगणों .


 अच्छा चुदाई चाहे जितनी कर साला फिर भी लैंड नहीं मनता मेरे मित्रगणों     अब श्याम बाबू  के मोटे लंड का धक्का खाकर कुलप्रीत कौर  थोड़ी चीखी, लेकिन फिर सेठ के लंड को चूसने में मस्त हो गई. फिर श्याम बाबू  ने पूरे ज़ोर से धक्का दिया तो उनका पूरा लंड कुलप्रीत कौर  की चूत में जड़ तक चला गया और फिर श्याम बाबू  पूरे ज़ोर से कुलप्रीत कौर  को चोदने लगा. मेरे मित्रगणों  मेरा तो मानना है जब भी चुत मारनी हो बिना कंडोम के ही मारो तभी ठीक नहीं सब बेकार.

 उसके बूर की गहराई में जाने के बाद क्या मजा आया मेरे मित्रगणों   जैसे उसके चुत में माखन भरा हो अब इधर कुलप्रीत कौर  भी ज़ोर-ज़ोर से सेठ के लंड को चूसकर आगे पीछे करने लगी थी. अब राजू  सेठ की कमर थोड़ी-थोड़ी अपने आप उठने और गिरने लगी थी और फिर थोड़ी देर में उसके लंड ने कुलप्रीत कौर  के मुँह में ही पिचकारी छोड़ दी. अब कुलप्रीत कौर  के मुँह से बहुत सारा वीर्य निकलकर बिस्तर पर फेल गया था. अब सेठ बिस्तर से नीचे आकर लंबी सांसे लेने लगे थे. उसको देखने बाद साला चुदाई भूत सवार हो जाता मेरे मित्रगणों .


 मुझे तो कभी कभी चुदाई का टाइफिड बुखार हो जाता है और जब तक चुदाई न करू    तब तक ठीक नहीं होता अब उधर श्याम बाबू  भी ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगा रहे थे और अब कुलप्रीत कौर  के मुँह से आ आ निकल रही थी. अब वो अपने आप बोल रही थी और ज़ोर-ज़ोर से और ज़ोर से, मुझे पूरा चोदो, मेरी चूत फाड़ दो, ओह आज तो मज़ा आ गया. फिर श्याम बाबू  ने अपना आसन बदला और कुलप्रीत कौर  को पीठ के बल लेटाकर उसकी टांगे अपने कंधे पर रख ली और उसकी चूत के मुहाने पर अपने लंड को रखकर ज़ोर से धक्का दिया. अब इतनी देर तक चुदाई चलने से कुलप्रीत कौर  की चूत तो गीली होकर चिकनी हो गई थी और फिर एक धक्के में उनका लंड पूरा अंदर चला गया. एक बात और मेरे मित्रगणों  चुत को चोदते समय साला पता नहीं क्यों नशा सा हो जाता बस चुदाई ही दिखती है.

 उह यह उसकी नशीली आँखे में एक दम  चुदकड़ अंदाज है फिर श्याम बाबू  ने अपना लंड पूरा बाहर खींचा और फिर से ज़ोर से अंदर धकेला और इस तरह ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाने लगे. अब कुलप्रीत कौर  भी मस्ती में अजीब-अजीब तरह की आवाज़े निकाल रही थी सीईईईईईईईई आहहाआआआआअ और जोर से और जोर से मजाआाआअ आ गया, आआआआआ ओह अहाआआआअ में गई, में गई करते हुए उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया. श्याम बाबू  चुदाई करने में पूरे उस्ताद थे, अब वो लगातार जोर-जोर से धक्के दिए जा रहे थे. मेरे मित्रगणों  देखने से लगता है की वो पका चोदा पेली का काम करती होगी.


 मेरे मित्रगणों  चुत को चाटेने के  समय उसके बूर के बाल मुँह में आ रहे थे    मेरा लंड यह सब देखकर पूरा खड़ा हो रहा था और अब में अपने हाथ को मेरे लंड पर चलाने लगा था. फिर राजू  सेठ ने कहा कि यह क्या कर रहे हो? रूको कहकर उसने मेरा लंड अपने हाथ में लेकर अपने मुँह में डाला और चूसने लगा. अब मुझे लगा कि सेठ इस चीज़ का भी शौकीन है, अब में अपने लंड से सेठ के मुँह में धक्का लगाने लगा था और इस तरह मुझे भी मज़ा आने लगा था. मेरे मित्रगणों  मुझे तो कभी कभी चुत के दर्शन मात्र से खूब मजा आता क्योकि मई पहले बहुत बार अपने मौसी के लड़की  को बिना पैंटी के देखा था  वाह क्या मजा आया था.


 अब चुदाई करने को  १००% तैयार थी   अब इधर श्याम बाबू  पूरे ज़ोर-शोर से धक्के लगा रहे थे और उधर राजू  सेठ ज़ोर-ज़ोर से मेरे लंड को चूस रहे थे. अब आख़िर श्याम बाबू  की आँखें बंद होने लगी थी और उनके धक्के पूरी स्पीड में हो गये थे. अब में समझ गया था कि श्याम बाबू  अब पूरे क्लाइमैक्स में आ गये है और फिर उन्होंने आह आह करते हुए अपना लंड कुलप्रीत कौर  की चूत के अंदर तक डालकर अपनी पिचकारी छोड़ दी. मन कर रहा था कब इसे चोद लू मेरा लंड समझने  को तैयार नहीं था.


 अब बिना चुदाई के रह नहीं सकता था मेरे मित्रगणों  मै पागल सा हो गया  अब कुलप्रीत कौर  की चूत पूरी झील हो गई थी. फिर कुलप्रीत कौर  ने भी साथ देते हुए एक बार फिर से अपनी चूत से पानी छोड़कर श्याम बाबू  के लंड का अभिषेक कर दिया. अब इधर मुझे लगा कि दुनिया का पूरा शहद मेरे लंड के सुपाड़े में इकट्ठा हो गया है और फिर मैंने सेठ के मुँह में ही अपनी पिचकारी छोड़ दी. तो सेठ ने अपना मुँह अलग कर लिया और मेरा पूरा वीर्य ज़मीन पर गिर गया. अब हम चारो लंबी-लंबी सांसे लेने लगे थे. ओह ओह ओह है कब लंड को घुसा दू ऐसा लग रहा था मेरे मित्रगणों.


 मैंने सोचा पेलुँगा जरूर  कभी न कभी  फिर मेरे सेठ ने मुझसे कहा कि तुमने और तुम्हारी बीवी ने हमें खुश कर दिया है. अब तुम उस नुकसान को भूल जाओ और अब तुम तुम्हारी बीवी के साथ नौकरी पर आना. मैंने तुम्हारे साथ तुम्हारी बीवी को भी नौकरी पर रख लिया है. दोस्तों उसके बाद हम दोनों पति पत्नी सेठ के यहाँ नौकरी करने लगे. में वहां पर खाते और उधारी संभालता था और मेरी बीवी कमरे में जाकर सेठ को संभालती थी. चोदने के बाद थोड़ा रिलेक्स हुआ भाइयो क्या गजब मजा जब माल अच्छा हो तो कौन नहीं  चोदना चाहेगा  है न मेरे मित्रगणों  आया उसके बूब्स क्या मस्त थे मेरे मित्रगणों  अब मै क्या कहु मेरे मित्रगणों.

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