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सेक्सी आंटी

Posted on:- 2024-06-14


नमस्कार दोस्तों आज आपको एक सेक्सी स्टोरी बताता हु  मैं अपने उन दिनों की एक घटना आपको बताता हूँ जब मैं 19 साल का था, मैं अपने पिता के साथ मोहले  में रहता था, 6  कमरे का कमरे  था और हम दो ही लोग थे इसलिये पिता जी ने दो कमरे एक उत्तर  भारतीय कपल को किराये पर दे दिए।

 ओह्ह उसके यह का चुम्बन की तो बात अलग है दोस्तों क्या मलाई वाला माल लग रहा था मैं अपने उन दिनों में किसी फ़िल्मी हीरो सा दिखता था, लड़कियाँ बहुत प्यार से देखा करती थी मुझे।

 चुदाई की कहानी जरूर सुनना चाहिए मजे के लिए पति-पत्नी जो रहने आये थे उनकी शादी को अभी एक साल हुआ था, पति एयरफ़ोर्स में था जो सुबह जल्दी चला जाता और दोपहर तीन
बजे तक आता था या कभी-कभी रात की ड्यूटी होती तो सुबह आता।

  है उसके गांड मेरा मतलब तरबूज क्या गजब भाई अब सुनिए चुदाई की असली कहानी आंटी का फ़िगर साउथ की गदराई महिलाओं का सा मस्त था और नया नया सम्भोग सुख लेने से उसके नितम्बों में गजब का कसाव आया था।

 ओह्ह उसके यह का चुम्बन की तो बात अलग है मैं जब भी उसको चूतड़ हिला कर मटक कर चलते देखता, मेरा सात इन्च का लन्ड फ़नफ़ना उठता।

वो नया जोड़ा था इसलिये ज्यादातर कामक्रीड़ा में लीन रहता या पति के जाने के बाद वो सोती रहती थी।

 वहा का माहौल बहुत अच्छा था  मित्रों अक्सर मैं  देखता था कि वो बस एक नाईटी पहनकर ज्यादातर बिना ब्रा-पैन्टी के ही रहा करती थी, ऐसे में उसके अन्तरंग अंगों के मुझे साफ़ दर्शन हुआ करते। वहा जबरजस्त माल भी थी मित्रों

 मित्रों देखने से लगता है की वो पका चोदा पेली का काम करती होगी ऐसे माहौल कौन नहीं रहना चाहेगा मित्रों मेरे नवयुवा मन में अब उसका वो मदमस्त गदराया बदन तूफ़ान मचाने लगा था।

 मित्रों चुत को चाटेने के  समय उसके बूर के बाल मुँह में आ रहे थे एक दिन मैंने देखा कि वो बाथरूम में नहा रही थी, साथ ही कुछ गुनगुनाये जा रही थी।

 अब चुदाई करने को  १००% तैयार थी मुझे पता नहीं क्या सूझी कि मैंने दरवाजे की झिरी में आँख लगा दी।

किस्मत से वहाँ इतना छेद था कि मुझे अन्दर का सब कुछ साफ़ दिख सके, फ़िर मैंने जो देखा उसे देखकर तो मेरे अन्दर भूचाल सा आ गया।

मैंने देखा कि वो एकदम नंगी अपने हाथों को अपनी जांघों के बीच में ले जा कर अपनी चूत में पानी डालकर धो रही थी। दरवाजे की ओर उसके मोटे चूतड़ थे।

 है उसके गांड मेरा मतलब तरबूज क्या गजब भाई मेरी आँखों के सामने उसकी वो मस्त गाण्ड नंगी थी, जिसे अब तक मैंने कपड़ों के ऊपर से ही देखा था, अब तो मेरा लन्ड बेकाबू हो चुका था मैं वहीं मुट्ठ मारने लगा।

फ़िर क्या था, अब तो मैं रोज ही उसके बाथरूम में जाने का इन्तजार करता और उसे नहाते देख मुट्ठ मारता।

 उह क्या मॉल था मित्रों गजब लेकिन अब मन ही मन मैं उसे चोदने को बैचैन होने लगा था, बस मन करता कि उसके साथ मैं भी बाथरूम में घुस जाऊँ और उसके अंग अंग को अपने हाथों से मसल डालूँ।

 मेरा तो मन ही ख़राब हो जाता था मि एक दिन जब मैं उसे नहाते देख कर मुट्ठ मारने में व्यस्त था, एक अनहोनी घटना घटी जिसकी मैंने कल्पना भी नहीं की थी। कुछ भी  हो माल एक जबरजस्त था

 उसको देखकर  किसी का मन बिगड़ जाये अचानक से बाथरूम का दरवाजा खुला और मैंने देखा की वो बिल्कुल नंगी मेरे सामने खड़ी है, मैं बिल्कुल सकपका सा गया, उस वक़्त मैंने बस एक तौलिया लपेट रखा था अन्दर कुछ नहीं और वो भी लन्ड तना होने से हट गया था। उह भाई साहब की माल है उसकी चुत की बात ही कुछ और है


मैं जब खड़ा हुआ तो मेरा पूरा सात इन्च लम्बा लन्ड उसके सामने नंगा तन गया था।

  ओह्ह उसके यह का चुम्बन की तो बात अलग है मैं शर्मिन्दा होते हुये जाने लगा ही था, तब तक उसने मेरा हाथ थाम लिया और जब मैंने उसकी ओर देखा तो आंटी की आँखों में एक नशा सा था और उसके चेहरे पर एक मीठी हंसी। है उसके गांड मेरा मतलब तरबूज क्या गजब भाई

वो मुझे अपने साथ बाथरूम में खींच ले गई।

 लड़कियों की चुत मरने का मजा ही कुछ और है  मित्रों फ़िर जो हुआ वो मैं कभी भूल नहीं सकता…

 उसका भोसड़ा का छेड़ गजब का था मित्रों वो मेरे पैरों के पास उकड़ू बैठ गई और मेरे लन्ड को अपने हाथ से पकड़कर मुँह में लेकर चूसने लगी…उसकी बूब्स  देखते ही उसको पिने की इच्छा हो गयी.

 मित्रों मै सबसे पहले उसकी गांड मरना चाहता हु आह… क्या मस्त अहसास था, जैसे जैसे वो अपना मुँह आगे पीछे कर करके मेरा लन्ड चूस रही थी मेरे मुख से सिसकारियाँ निकल रही थी। उसको पेलने की इच्छा दिनों से है मित्रों.


 अच्छा चुदाई चाहे जितनी कर साला फिर भी लैंड नहीं मनता मित्रों फ़िर मेरे मोटे सुपारे को जब उसने अपनी जीभ से चाटा तो लगा जैसे मैं अपना वीर्य उसके मुँह में ही उड़ेल दूँगा। मित्रों मेरा तो मानना है जब भी चुत मारनी हो बिना कंडोम के ही मारो तभी ठीक नहीं सब बेकार.

 उसके बूर की गहराई में जाने के बाद क्या मजा आया मित्रों  जैसे उसके चुत में माखन भरा हो तब मैंने उसे रोकना चाहा और कहा कि ‘गिर जायेगा’ तो उसने हन्स कर कहा- अरे बुद्धू… यही तो मैं भी चाहती हूँ कि तुम अपना सारा जोश मेरे मुँह में उड़ेल दो और मैं बून्द बून्द चाट जाऊँ। उसको देखने बाद साला चुदाई भूत सवार हो जाता मित्रों.


 मुझे तो कभी कभी चुदाई का टाइफिड बुखार हो जाता है और जब तक चुदाई न करू    तब तक ठीक नहीं होता फ़िर उसने अपनी गति और तेज कर दी और मैंने सुख-आनन्द की चरम सीमा पर पहुँच कर अपना सारा वीर्य उसके मुख में ही उड़ेल दिया और वो बिना किसी झिझक के सारा चाट गई। एक बात और मित्रों चुत को चोदते समय साला पता नहीं क्यों नशा सा हो जाता बस चुदाई ही दिखती है.


 उह यह उसकी नशीली आँखे में एक दम  चुदकड़ अंदाज है वो मेरा पहला अनुभव था जिसने मुझे उसका दीवाना बना दिया था। अब मैं बस उसके ही बारे में सोचता कि कैसे उसे पूरी तरह चोदूँ। मित्रों मुझे तो कभी कभी चुत के दर्शन मात्र से खूब मजा आता क्योकि मई पहले बहुत बार अपने मौसी के लड़की  को बिना पैंटी के देखा था  वाह क्या मजा आया था मन कर रहा था कब इसे चोद लू मेरा लंड समझने  को तैयार नहीं था.

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