मुख्य पृष्ठ » आंटी सेक्स स्टोरीज » निशा आंटी और कोमल दीदी ने चोदना सिखाया


निशा आंटी और कोमल दीदी ने चोदना सिखाया

Posted on:- 2021-06-09


हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम शुभम है और यह मेरी पहली कहानी है और आज में आप लोगों से अपना एक सेक्स अनुभव शेयर करने जा रहा हूँ. यह मेरी लाईफ की एक सच्ची घटना है. मेरा नाम शुभम है.. लेकिन मेरा घर का नाम सब्बू, मेरी हाईट 5.10 इंच, वजन 62 किलो उम्र 23 साल और में दिल्ली का रहने वाला हूँ. यह दो साल पहले की बात है जब मेरे मामाजी की शादी हो रही थी.. वो उस समय करीब 35 साल के थे और दुबई में नौकरी कर रहे थे और मेरे मामा के परिवार में यह आखरी शादी थी इसलिए मामाजी ने सबको बुलाया था. फिर जब वो हमारे घर पर आए तो उन्होंने मम्मी और मुझे साथ ले जाने के लिए पापा से आग्रह किया और उस समय मेरी छुट्टियाँ चल रही थी और इसलिए पापा भी मान गए और उसके अगले दिन हम सब मामाजी के यहाँ पहुँच गए. वहाँ पर रिश्तेदारों की भरमार थी.. वहाँ पर मुझे मेरी उम्र कोई भी नहीं देख रहा था इसलिए में थोड़ा निराश हो गया.. लेकिन यह सब ज़्यादा देर तक नहीं चला क्योंकि वहाँ पर निशा आंटी भी आई हुई थी.

दोस्तों अब में आपका उनके परिचय करा देता हूँ.. निशा आंटी 26 साल की थी और वो मेरी मम्मी की चचेरी बहन है और तब उनकी शादी को एक साल हुआ था.. लेकिन अभी तक कोई बच्चा नहीं हुआ था और वो बहुत गोरी थी. वो लाल कलर की साड़ी में बहुत सुंदर लग रही थी और वो एक कॉलेज में लेक्चरार थी और मुझे वो बहुत पसंद करती थी.. लेकिन मेरे मन में उनके लिए कोई बुरा ख्याल नहीं था. वो मुझसे उम्र में सिर्फ़ 3 या 4 साल बड़ी थी और इसलिए वो हमेशा मुझसे बहुत अच्छी तरह बात करती थी. फिर मामा की शादी को करीब एक हफ़्ता था और यहाँ पर रिश्तेदारों की कमी नहीं थी और रात को खाना खाने के बाद सबको टेंशन हो गई कि सब कहाँ पर सोएंगे? फिर निर्णय हुआ कि सारे मर्द एक बड़े से हॉल में सोएंगे.. मेरी नानी, मम्मी, बड़ी मामी, कई दूर की रिश्तेदार लेडीस और बच्चे एक कमरे में सोएंगे. फिर जब में मर्दों के कमरे में गया तो वो सब ड्रिंक और स्मोक कर रहे थे और तीन पत्ती खेल रहे थे.

में ड्रिंक नहीं करता था इसलिए बड़े मामाजी और नानाजी ने मुझे मम्मी और नानाजी के कमरे में जाकर सोने को कहा.. मैंने वहाँ पर जाकर देखा कि मम्मी, नानी, निशा आंटी और बाकी सभी औरतें बैठकर बातें कर रहे है और जब मैंने सबको जाकर यह बात बताई तो वहाँ भी बड़ी टेंशन हो गई.. क्योंकि वहाँ पर भी बहुत सारी औरतें और बच्चे थे और वो जगह उनके लिए भी बहुत कम थी. तो मम्मी और नानी ने कहा कि हम में से कोई एक वहाँ से 25 फीट दूरी छोड़कर एक दूसरे कमरे में सो जाएगा और फिर में राज़ी हो गया क्योंकि वो कमरा अच्छा था उसमे एसी और टीवी भी लगा हुआ था और तो और वहाँ पर किचन और एक बाथरूम भी था. उसमे कोई किराएदार नहीं होने के कारण वो बहुत समय से खाली पड़ा था और नानाजी ने शादी को ध्यान में रखते हुए उसमे कोई किराएदार नहीं रखा था. फिर मम्मी मुझे अकेले वहाँ पर सोने देने को थोड़ी हिचकिचा रही थी.. तब निशा आंटी ने कहा कि सब्बू तू चिंता मत कर में भी वहाँ पर सो जाउंगी और उसके बाद कोमल दीदी ने भी बोला कि निशा आंटी में भी आपके और सब्बू के साथ वहाँ पर सोने जाउंगी.

दोस्तों अब में कोमल दीदी से आपका परिचय करा देता हूँ.. वो निशा आंटी से लंबी उनकी लम्बाई 5.6 इंच, वजन 52 किलो, फिगर 32-28-34 और वो निशा आंटी की सबसे बड़ी बहन की बेटी थी यानी की भतीजी.. वो 22 साल की थी और एक सॉफ्टवेर इंजिनियर थी. उनकी हाल ही में शादी हुई थी और वो भी निशा आंटी की तरह गोरी और कड़क माल थी. फिर करीब 10:30 बजे में, निशा आंटी और कोमल दीदी उस कमरे में सोने चले गए.. वो कमरा बहुत बड़ा था और साफ सुथरा था और जब वहाँ पर जाकर देखा कि बेड दो लोगों के लिए था.. तब मैंने बोला कि में नीचे सो जाता हूँ और आप दोनों ऊपर सो जाइए. तो निशा आंटी ने बोला कि ऐसा कैसे? चलो हम गद्दा और मट्रेस नीचे बिछाकर तीन लोग आराम से सोते है और हमने सब कुछ नीचे बिछा दिया. फिर निशा आंटी और कोमल दीदी बारी बारी करके ड्रेस चेंज करके आई.. निशा आंटी ने काले कलर का टाईट सिल्क सूट पहना हुआ था और कोमल दीदी ने लाल कलर का सूट पहना हुआ था.. लेकिन दोनों ने दुपट्टा नहीं पहना था इसलिए दोनों के बड़े बड़े बूब्स मुझे साफ दिखाई दिए और बड़ी गांड भी.

दोस्तों मैंने कभी भी उन दोनों को बुरी नज़र से नहीं देखा था.. लेकिन उस रात वो दोनों सेक्सी पटाका लग रही थी और भगवान का बहुत शुक्र है कि मैंने उस रात को जीन्स पहनी हुई थी.. अगर कुछ और पहना हुआ होता तो बहुत दिक्कत हो जाती क्योंकि मेरा साँप निशा आंटी और कोमल दीदी के टाईट और बड़े बड़े बूब्स और गांड को देखकर खड़ा हो गया था. फिर कोमल दीदी ने अपना लेपटॉप चालू किया और हिंदी फिल्म शुरू कर दी.. उस फिल्म के बीच में एक किसिंग सीन था. फिर निशा आंटी और कोमल दीदी ने पूछा कि क्या सब्बू तू वर्जिन है? दोस्तों मुझे नहीं पता था कि वर्जिन क्या होता है? दोस्तों में आपको बताना चाहता हूँ कि में उस वक्त एक बुद्धू लड़का था और मैंने उस रात तक ब्लूफिल्म नहीं देखी थी. तो मैंने दोनों को जवाब दिया कि क्या मतलब? वो दोनों मेरा जवाब सुनकर हसंने लगी. फिर दोनों ने पूछा कि तेरी कोई गर्लफ्रेंड है कि नहीं? तो मैंने मना कर दिया और उन दोनों ने गुडनाईट बोलकर मुझे सो जाने को बोला.. लेकिन वो दोनों लाईट बंद करके भी लॅपटॉप पर फिल्म देख रही थी और मुझे भी नींद नहीं आ रही थी. फिर मेरे मन में यह बात घूम रही थे कि यह वर्जिन क्या होता है? और में सोने का नाटक करते हुए दोनों की बातें सुनने लगा.

कोमल दीदी : निशा आंटी.. क्या ब्लू फिल्म देखें?

निशा आंटी : पागल सब्बू सो रहा है और वो जाग गया तो?

कोमल दीदी : आंटी वो तो बुद्धू है उसे क्या पता चलेगा?

निशा आंटी : और अगर बाहर को आवाज़ सुनाई पड़ी तो?

कोमल दीदी : ओह चलो आंटी वैसे भी यह कमरा तो बिल्डिंग से 25 फीट दूरी पर है और दरवाज़ा तो उससे उल्टी साईड में है.. बहुत धीमी आवाज सेट करके चोदा चोदी देखेंगे और फिर किसको पता नहीं चलेगा?

निशा आंटी : ठीक है कर दे शुरू.

फिर लॅपटॉप से उहह आह चोदो मुझे ज़ोर से ऊहह चोदो मुझे एसी आवाज़ आ रही थी और निशा आंटी ने कोमल दीदी को कुछ करते हुए पकड़ लिया शायद वो चूत में उंगली कर रही थी.

निशा आंटी : क्यों री कोमल.. क्या जवाई राजा रोज तेरी गांड नहीं मारते है?

कोमल दीदी : क्या बताऊ आंटी.. शादी के बाद से हर रात वो 3 बार मेरी चूत और गांड मारते है और गांड में तो कम से कम 100 धक्के लगाते है और आपका क्या हाल है?

निशा आंटी : तेरे अंकल तो एक साल से मुझे हर रात करीब 5-6 बार चोदते ही आ रहे है और मेरी गांड मारना तो उनकी पहली पसंद है और कंडोम पहनकर वो जब मेरी गांड मारते है तो मुझे बहुत मज़ा आता है क्योंकि उनका लंड फिसल फिसलकर अंदर घुसता है और वो तो अब तक भी कोई बच्चा नहीं चाहते.

कोमल दीदी : क्या करे आंटी आज की रात बहुत बोरिंग होने वाली है?

निशा आंटी : क्या आज सब्बू को पटाकर उससे चूत चुदवाए और गांड मरवाए?

कोमल दीदी : लेकिन क्या ऐसा हो सकता है?

निशा आंटी : तू देखती जा मेरी लाडली.. तेरी और मेरी गांड तो आज में मरवाकर ही रहूंगी.

निशा आंटी : सब्बू बेटा ज़रा उठो तो.

में : हाँ आंटी क्या हुआ?

निशा आंटी : में तेरे लिए यह नया केफ्री लाई हूँ जा अपने कपड़े बदलकर आ.

में : नहीं आंटी मुझे इस जीन्स में बहुत अच्छा लग रहा है.

निशा आंटी : नहीं बेटा हमेशा रात को सोते समय ढीले कपड़े पहनकर ही सोना चाहिए.

फिर कोमल दीदी भी उनका साथ देने लगी.. मेरे पास कोई बहाना नहीं था और दोनों की सेक्सी बातें सुनकर मेरा 6 लंबा साँप खड़ा हो गया था और वो उस केफ्री में साफ साफ दिख रहा था और जब में रूम से बाहर आया तो कोमल दीदी ने लाईट को चालू कर दिया. तो निशा आंटी मेरे तने हुए लंड को देखकर हंस रही थी और वो बोली कि आजा सब्बू बेटा मेरे पास आकर बैठ और कोमल दीदी मेरी दूसरी साईड में आकर बैठ गई और दोनों ने अब ब्लू फिल्म देखना बंद कर दिया था.

निशा आंटी : सब्बू बेटा क्या तू जानता है कि सब लोग कैसे पैदा होते है? अच्छा बता तू कैसे पैदा हुआ? कोमल कैसे पैदा हुई? और सभी बच्चे कैसे पैदा होते है?

में : आंटी.. मुझे मेरी मम्मी ने बोला था कि वो भगवान से मुझे माँगकर लाई है और मैंने पुरानी फिल्मों में देखा है कि हीरो और हीरोईन हग करते है.. दो फूल आपस में हग करते है और सुबह होते ही डॉक्टर साहब हॉस्पिटल्स में बच्चा लाते है. निशा आंटी और कोमल दीदी ज़ोर से हंसने लगी.. कोमल दीदी बोली कि चल सब्बू बेटा आज हम दोनों तुम्हे प्यार करना सिखाएँगे और निशा आंटी बोली कि भगवान तो सिर्फ आशीर्वाद देते है उसके बाद पुरुष और स्त्री को बहुत कुछ करना पड़ता है. तो मैंने कहा क्या? में भी जानना और सीखना चाहता हूँ. वो दोनों बोली.. लेकिन हमारी एक शर्त है हम जैसे सिखाएँगे तू आज सारी रात हमारे साथ वैसा ही करेगा और शादी तक हमारे साथ वैसा ही हर रोज करेगा. तो मैंने बोला कि हाँ.. फिर दोनों बोली कि और किसी को बताना नहीं यह टॉप सीक्रेट और मैंने हाँ बोला. फिर कोमल दीदी ने एक ब्लू फिल्म लगाई. फिल्म शुरू हो गई और उसमे एक विदेशी गोरा लड़का और एक गोरी लड़की थी.. दोनों जब नंगे हो गए में चकित गया और बहुत डर गया.

में : आंटी, दीदी यह कैसी फिल्म है?

निशा आंटी : तू बिल्कुल भी डर मत सब्बू बेटा यह सब करना पड़ता है तेरे मम्मी और पापा ने भी ऐसा ही किया था और जब तू पैदा हुआ था.

फिर फिल्म में लड़की, लड़के का लंड चूसने लगी.

में : आंटी यह क्या है मैंने यह सब कभी नहीं देखा? फिर उस टाईम उत्तेजित होकर मेरा लंड तन गया था.

निशा आंटी : डरो मत सब्बू डार्लिंग ऐसा ही होता और तुम्हारी मम्मी तुम्हारे पापा का ऐसे ही चूसती है.. मामी, मामा का कोमल और में तेरे जीजाजी और अंकल का ऐसा करने से बहुत मज़ा आता है और बेटा हम लोग आज तेरा चूसेंगे.

कोमल दीदी : हाँ सब्बू में भी तेरे लंड को चूसूंगी.

तो यह सुनकर में उन दोनों के बूब्स और टाईट सेक्सी जांघ को ऊपर से देखने लगा.. यह सब देखकर मेरा लंड फुदक पड़ा. फिर निशा आंटी और कोमल दीदी मेरी केफ्री के ऊपर से ही मेरे लंड को हिलाने लगे और बाद में मुझे नंगा करके मेरा लंड ज़ोर ज़ोर से चूसने लगे. तो मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और ऐसा लग रहा था कि में सातवे आसमान पर हूँ. फिर फिल्म में लड़का, लड़की की चूत में अपना लंड घुसाकर अंदर बाहर करने लगा.. तो मैंने बोला कि आंटी क्या मुझे भी यह सब भी करना पड़ेगा?

निशा आंटी : हाँ बेटा कोमल और में तुझे सही सही तरीका सिखा देंगे.

में : लेकिन आंटी में ऐसा कैसे कर सकता हूँ? में तो आपकी बहुत इज्जत करता हूँ और आप दोनों मुझसे उम्र में बड़ी भी है?

निशा आंटी : सब्बू डरो मत हम सब जानते है.. लेकिन तुम्हारे अंकल, पापा और सबको बच्चे पैदा करने के लिए सीखना पड़ता है.

फिर फिल्म में लड़का ने लड़की को घोड़ी की तरह बनाया और कुत्ते की तरह पीछे से चोदा और कुछ देर बाद लड़का ने सफेद क्रीम जैसा कुछ लड़की की गांड के ऊपर गिरा दिया.

में : ठीक है आंटी.. लेकिन में कैसे किसी को गांड में चोद सकता हूँ? यह बहुत मेहनत का काम लगता है.

कोमल दीदी : सुनो सब्बू यह काम बच्चा पाने के लिए बहुत जरूरी है और इसमे स्त्री, पुरुष को बहुत मज़ा आता है और अगर कोई पुरुष किसी स्त्री को गांड से नहीं चोदेगा तो उसे पूरी सन्तुष्टि नहीं मिलेगी.

तो मैंने कहा कि ठीक है फिर कोमल दीदी बोली कि आंटी सब्बू का तो सुपाड़ा खुला नहीं है अब क्या करे? इसे तो बहुत दर्द होगा और यह चोदने को मना भी कर देगा. तो निशा आंटी ने अपने पर्स में से वेसलिन निकाला और मेरे लंड पर मलने लगी.. उनकी ऐसे हरकत से मेरा लंड सांड के लंड की तरह मोटा टाईट होकर खड़ा हो गया. फिर वो दोनों अपनी कमीज़ उतारने लगी.. अंदर दोनों ने सिल्क की ब्रा पहनी हुई थी यह देखकर मेरा लंड फुदक पड़ा. कोमल दीदी ने मेरा लंड पकड़ लिया और हिलाने लगी.. निशा आंटी ने बोला कि सब्बू मेरे बूब्स को ब्रा के ऊपर से ही पकड़ और में निशा आंटी के बूब्स दबा रहा था.

निशा आंटी : सब्बू और ज़ोर से दबा.

फिर कोमल दीदी ने अपनी ब्रा को खोल दिया और फिर मैंने देखा कि उनके बूब्स ज़्यादा बड़े नहीं थे.. लेकिन वो बहुत टाईट थे और निप्पल एकदम खड़े हुए थे.

कोमल दीदी : आंटी चलो में उसको सिखाती हूँ.

कोमल दीदी ने उसके बूब्स पर मेरा हाथ रख दिया और बोला कि सब्बू इसे इस तरह मसल.. तब वो सिसकियाँ भरने लगी आहह उईईईई माँ सब्बू बेटा और ज़ोर से मसल. तो निशा आंटी मेरे लंड को हिला रही थी तब उन्होंने मेरे सुपाड़े को एक झटके में नीचे कर दिया और मुझे बहुत दर्द हुआ.

में : आंटी प्लीज़ बहुत दर्द हो रहा प्लीज अब बस भी करो.

कोमल दीदी : आंटी लगता है सब्बू का लंड हमे कंडोम पहनाकर ही लेना पड़ेगा.

निशा आंटी : हाँ कोमल बेटा बैचारे सब्बू को भी मज़ा तो आना चाहिए.

फिर निशा आंटी ने अपने पर्स से खुश्बूदार कंडोम निकाला.. निशा आंटी और कोमल दीदी ने मिलकर मेरे लंड को कंडोम पहनाया.

कोमल दीदी : इसका लंड तो ढीला पड़ गया आंटी अब क्या किया जाए?

निशा आंटी अब सिर्फ़ ब्रा में थी और फिर उन्होंने ब्रा को भी खोल दिया और उनके बूब्स बहुत बड़े थे.. लेकिन फिर भी उनके बड़े बूब्स को देखकर मेरा लंड एकदम ढीला वैसे का वैसा ही था.

निशा आंटी : सब्बू बेटा अपनी आंटी के बूब्स को दबा.. जैसे तूने कोमल दीदी के बूब्स मसले है.

तो में मसलता रहा फिर भी मेरा लंड ढीला ही था.. तब निशा आंटी को एक तरकीब सूझी उन्होंने और कोमल दीदी ने तब तक खाली चूड़ीदार पेंट और अंदर पेंटी पहनी हुई थी और ऊपर नंगी हो चुकी थी. तो निशा आंटी अपना पीछे का हिस्सा यानी गांड मेरी तरफ करके खड़ी हो गई और मुझसे आकर लिपट जाने को कहा. तो में पीछे से उनके बड़े बड़े बूब्स को संतरे की तरह मसल रहा था और वो अपनी गांड मेरे लंड पर ज़ोर ज़ोर से हिलाकर घिस रही थी.. उनकी काली चूड़ीदार पेंट सिल्क की थी और घिसने की वजह से मेरा लंड फिर से तन गया. तो आंटी ने चूड़ीदार पेंट के ऊपर से ही उनकी टाईट जगहों को मसलने को बोला और अब मेरा लंड एकदम टाईट होकर साँप की तरह खड़ा हो गया. तो कोमल दीदी ने भी आकर मुझे वैसे ही करने को बोला.. वो लाल कलर की सिल्क पेंट पहनी हुई थी और अब मेरा लंड पूरा तन गया और तब तक फिल्म का अंत आ चुका था और लड़का, लड़की को ज़ोर ज़ोर से चोद रहा था. उसके बाद लड़के ने सफेद कलर की क्रीम जैसी कोई चीज़ अपने लंड से निकालकर उसे लड़की की गांड के ऊपर गिरा दिया. तो मैने आंटी से पूछा कि आंटी यह क्या है?

निशा आंटी : यह वीर्य है बेटा आज तू जब हम दोनों को चोदेगा इसे बाहर मत गिरना अंदर छोड़ देना क्यों कोमल मैंने ठीक कहा ना?

कोमल दीदी : हाँ मुझे आपत्ति नहीं और आंटी अब तो सब्बू ने कंडोम भी पहना है.

फिर दोनों ने अपना चूड़ीदार सलवार पेंट उतार दिया और अब दोनों सिर्फ़ पेंटी में थी.. निशा आंटी लाल कलर की सिल्क चमकदार फ्रेंच टाईप की पेंटी में और कोमल दीदी नील कलर की सिल्क चमकदार फ्रेंच टाईप की पेंटी पहनी हुई थी. जिससे की पेंटी सिर्फ़ दोनों की चूत को ढक रही थी और दोनों की नंगी गांड का नज़ारा मुझे पूरा दिख रहा था उनकी पेंटी दोनों की गांड को ढक नहीं पा रही थी और दोनों की गोरी गोरी गांड देखकर मेरा लंड फिर से फुदक पड़ा. तो निशा आंटी बेड के ऊपर चली गई और दो तकियों को लंबी लाईन करके बिछाया और वो तकिये के ऊपर जाकर सो गई. तो निशा आंटी ने बोला कि सब्बू बेटा मेरे पास आ जा.

निशा आंटी : कोमल.. में पहले सब्बू का लंड लूँगी.. क्या तुझे कोई आपत्ति है? और अगर नहीं है तो सब्बू के लंड को मेरी चूत में घुसाने में मदद कर.

कोमल दीदी : आंटी मुझे कोई आपत्ति नहीं.. पहले आप ही सब्बू लंड लो अभी सारी रात बाकी है.. लेकिन आपने तो पेंटी पहनी हुई है.. यह उतरेंगी नहीं क्या?

निशा आंटी : नहीं रे यही तो सिल्क फ्रेंच पेंटी का कमाल है तेरे अंकल तो इसी तरह मुझे पेंटी पहने लंड देकर चोदते है बस थोड़ा सा साईड में करके चोदो और इसमे हम दोनों को बहुत मज़ा आता है तू भी आज ऐसा करके देख सच में तुझे भी चुदाई का बहुत मज़ा आएगा.

कोमल दीदी : ठीक है आंटी.. लेकिन पक्का ऐसे मज़ा आएगा?

फिर निशा आंटी ने अपना एक पैर जमीन पर रखा और दूसरा बेड के ऊपर रखकर फैला दिया और वो तकिए के ऊपर लेट रही थी. तो कोमल दीदी मेरा लंड पकड़कर निशा आंटी की चूत के पास ले गई.. निशा आंटी ने अपने सिल्क फ्रेंच पेंटी को थोड़ा साईड कर दिया और उनकी चूत एकदम साफ था. उस पर एक भी बाल नहीं था.. वो बहुत गोरी थी और ब्रेड की तरह फूली हुई थी. कोमल दीदी और निशा आंटी ने मेरे लंड को आंटी की चूत पर रखा और मुझसे धक्का लगाने को बोला और मेरे धक्का देते ही आंटी चिल्ला उठी.. उई माँ मर गई धीरे से कर सब्बू बेटा अभी पूरी रात पड़ी है.. अपनी आंटी पर थोड़ा रहम खा.

कोमल दीदी : क्या आंटी आप भी अंकल से डेली गांड मरवाती हो फिर भी ऐसे चिल्ला रही हो जैसे कि पहली बार चुदवा रही हो?

निशा आंटी : पगली सब्बू का जवान लंड तेरे अंकल से कई गुना लंबा, मोटा और बड़ा है थोड़ा दर्द तो होगा ही.

में : आंटी क्या में रुक जाऊँ?

निशा आंटी : नहीं सब्बू बेटा तू अपनी रफ़्तार धीरे धीरे बड़ा और फाड़ दे अपनी प्यासी आंटी की चूत को और में अब जितना भी चिल्लाऊँ तू रुकना मत आअहह उईईईईई उफफफफ्फ़ सब्बू डार्लिंग बेटा और तेज और तेज हाँ वैसे ही उईईई.

फिर मैंने देखा कि आंटी की चूत का रस मेरे लंड से होते हुए नीचे गिर रहा था और सारे कमरे में फ़च फ़च की आवाज़ गूँज रही थी फिर में आधे घंटे तक आंटी को उसी पोज़िशन में चोदता रहा और मैंने अपनी स्पीड बड़ा दी.

में : आंटी बहुत मज़ा आ रहा है.. लेकिन मुझे ज़ोर से पेशाब आ रहा है क्या में जाऊँ?

निशा आंटी : बेटा वो पेशाब नहीं वीर्य है शायद तू झड़ने वाला है तू अब मुझे दुगनी तेज़ी से चोद अहह माँ में झड़ने वाली हूँ अहह कोमल तू जरा सब्बू को ठीक से धक्का लगाने को बोल अहह कोमल में तो गई.

फिर हम दोनों झड़ गए और मेरा लंड अब सो गया था और मेरी ताक़त भी कम हो गई थी.. तो कोमल दीदी ने मुझे एक एक गोली गरम पानी के साथ दी और वो वेसलिन लेकर मेरे लंड पर मलने लगी. आधे घंटे के बाद मेरा लंड शेर की तरह तन गया और अब में फिर से चोदने को तैयार था.

कोमल दीदी : अब में सब्बू का लंड लूंगी.

निशा आंटी : ठीक है बेटा.

तो कोमल दीदी ने मुझे बेड के ऊपर लेटा दिया और मेरे ऊपर आकर बैठ गई.. वो मुझे फ्रेंच किस करने लगी.. फिर उन्होंने मेरे लंड को अपने हाथ में लिया.. पेंटी को थोड़ा साईड में किया और मेरे लंड के ऊपर बैठ गई और मैंने महसूस किया कि उनकी चूत निशा आंटी से टाईट थी.. लेकिन गीली होने की वजह से कोई दिक्कत नहीं हुई. फिर वो मुझे ज़ोर ज़ोर से धक्का लगा रही थी जैसे कि वो मेरा बलात्कार कर रही हो.

कोमल दीदी : अहह सब्बू बेटा अपनी दीदी को चोद.. तू नीचे से धक्का लगा बेटा अहह हाँ उफ्फ्फ माँ में मरी.

तो सारे कमरे में फ़च फ़च की आवाज़ आ रही थी और दीदी की चूत का रस मेरे लंड के चारों तरफ गिर रहा था और निशा आंटी मेरे पास लेटकर मुझे फ्रेंच किस कर रही थे और मेरे आंड को मसल रही थी और कोमल दीदी की चूत टाईट होने की वजह से में ज़्यादा देर तक रुक नहीं पाया और झड़ने लगा.

में : दीदी में झड़ने वाला हूँ अहह उईईईईई मेरी डार्लिंग दीदी अब में क्या करूं?

कोमल दीदी : छोड़ दे तेरा पानी अपनी प्यारी दीदी की चूत में उफफफफ्फ़ अहह आंटी सब्बू डार्लिंग को बोलो कि मुझे नीचे से ज़ोर ज़ोर से धक्का लगाए.. अहह माँ निशा आंटी में तो गई.

फिर हम दोनों झड़ गए और फिर निशा आंटी बोली कि अब मेरी बारी है सब्बू का बलात्कार करने की.. उन्होंने फिर मेरे लंड को ज़ोर से हिलाना शुरु कर दिया और चूसने लगी 10 मिनट बाद मेरा फिर से खड़ा हो गया और आंटी मेरे ऊपर आ गई और ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने लगी.. लेकिन उनका धक्का कोमल दीदी से ज़्यादा जबरदस्त और जोरदार था. निशा आंटी की चूत कोमल दीदी से कम टाईट होने का मतलब यह नहीं कि वो ढीली थी.. बच्चे नहीं होने के कारण आंटी की चूत कुंवारी लड़की की तरह थी और में ज़्यादा देर तक रुक नहीं पाया.

में : निशा मेरी डार्लिंग.. आंटी ओह में झड़ने वाला हूँ.

निशा आंटी : सब्बू डार्लिंग बेटा छोड़ दे अपना सारा पानी अपनी प्यारी आंटी की टाईट चूत में.. ओह माँ मर गई.. कोमल बेटा सब्बू को बोल कि नीचे से धक्का लगाए मर गई उई माँ कोमल अहह में तो गई कोमल. फिर हम लोग बारी बारी करके तीन घंटे तक बदल बदलकर चोदते रहे और आंटी बोली कि..

निशा आंटी : सब्बू बेटा और ज़ोर से चोदो तुम्हारी प्यारी आंटी और कोमल दीदी की गांड बहुत मुलायम और कुंवारी है. तेरे अंकल तो मेरी गांड कभी नहीं मारते.. सिर्फ़ एक बार लंड घुसाकर बाहर निकाल देते है.. क्या तू आज हम दोनों की मुलायम गांड भी मारेगा?

में : हाँ क्यों नहीं आंटी.

कोमल दीदी : प्लीज़ सब्बू मेरी नरम गांड में कम से कम 200 धक्के लगाना.

में : हाँ जैसा आप कहे दीदी.

तो कोमल दीदी ने वेसलीन लिया.. अपनी और आंटी की गांड के छेद में डाल दिया और मसलने लगी.

निशा आंटी : मेरे प्यारे सब्बू बेटा क्या तुम अपनी प्यारी आंटी की गोरी नरम गांड मारना चाहोगे? में जितना भी चिल्लाऊँ तुम मत रुकना.

फिर निशा आंटी घोड़ी की तरह बन गई और मैंने एक धक्का लगाया और वो चिल्लाकर बोली कि धीरे से डाल बेटा. तो कोमल दीदी बोली सब्बू मत सुन आंटी की बात तू इनका बलात्कार कर डाल जैसे उन्होंने तेरा किया था.. मार दे आंटी की नरम गोरी गोरी गांड. तो मैंने अपना स्पीड बढ़ाई आंटी चिल्लाने लगी अहह उईईईई धीरे से कर बेटा अह्ह्ह माँ कोमल प्लीज़ इसे बोल धीरे से करे.. मेरा बलात्कार मत कर बेटा. फिर में आधे घंटे बाद आंटी की गांड में झड़ गया और आंटी रो रही थी और अब कोमल दीदी की बारी थी और वो तो पहले से ही घोड़ी बनकर तैयार थी.. उनकी गांड भी निशा आंटी की तरह बहुत गोरी और नरम थी. तो मैंने अपना लंड लगाकर पीछे से एक ज़ोर का धक्का लगाया. तो वो रो पड़ी और बोली कि बाहर निकाल दे उनकी गांड का छेद आंटी की तरह बहुत टाईट था. तो निशा आंटी बोली कि सब्बू बेटा तू सुन मत फाड़ दे अपनी प्यारी दीदी की नरम रसीली गांड और मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी.

तो दीदी आवाजें करके सिसकियाँ भरने लगी अहह उईईई माँ मर गई.. प्लीज बाहर निकालो.. निशा आंटी प्लीज इसे बोलो कि मेरी गांड का बलात्कार मत कर अहह उईईई और 30 मिनट बाद आंटी अह्ह्ह में तो गई. मैंने दोनों की 4 बार बारी बारी से गांड मारी और यह सिलसिला शादी तक चला ..

What did you think of this story??






अन्तर्वासना इमेल क्लब के सदस्य बनें


हर सप्ताह अपने मेल बॉक्स में मुफ्त में कहानी प्राप्त करें! निम्न बॉक्स में अपना इमेल आईडी लिखें, फिर ‘सदस्य बनें’ बटन पर क्लिक करें !


* आपके द्वारा दी गयी जानकारी गोपनीय रहेगी, किसी से कभी साझा नहीं की जायेगी।